लेटेस्ट न्यूज़

Ruskin Bond Health Update: अस्पताल में भर्ती है शब्दों के जादूगर रस्किन बॉन्ड, क्या है वह रहस्यमयी बीमारी जिसने थाम दिए लेखक के कदम…

Ruskin Bond Health Update: पहाड़ों की वादियों और मासूम कहानियों के जरिए दुनिया भर के पाठकों के दिलों पर राज करने वाले प्रख्यात लेखक रस्किन बॉन्ड को लेकर एक परेशान करने वाली खबर सामने आई है। 90 वर्ष की आयु पार कर चुके बॉन्ड को देहरादून के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिससे उनके चाहने वालों की सांसें अटक गई हैं। जानकारी के अनुसार, उन्हें (geriatric medical care) के तहत विशेषज्ञों की देखरेख में रखा गया है क्योंकि पिछले कुछ दिनों से उन्हें चलने-फिरने में अत्यधिक कठिनाई और पैरों में कमजोरी महसूस हो रही थी।

Ruskin Bond Health Update
Ruskin Bond Health Update
WhatsApp Group Join Now

गेट डिसऑर्डर: जब कदम लड़खड़ाने लगते हैं

अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया है कि रस्किन बॉन्ड ‘गेट डिसऑर्डर’ नाम की समस्या से जूझ रहे हैं। यह कोई अचानक होने वाली बीमारी नहीं है, बल्कि (abnormal walking patterns) से जुड़ी एक स्थिति है जिसमें व्यक्ति के चलने का प्राकृतिक तरीका पूरी तरह बदल जाता है। इस विकार के कारण शरीर का संतुलन बिगड़ने लगता है और व्यक्ति को समतल जमीन पर भी चलने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है। डॉक्टरों का कहना है कि उम्र के इस पड़ाव पर शरीर की कार्यप्रणाली में आने वाले बदलावों के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।

शरीर के संतुलन का बिगड़ता गणित

गेट डिसऑर्डर के लक्षणों को पहचानना बहुत जरूरी है क्योंकि यह धीरे-धीरे इंसान को बिस्तर पर ला सकता है। इसमें सबसे प्रमुख लक्षण (loss of balance) है, जिसकी वजह से मरीज को हर वक्त गिरने का डर बना रहता है। रस्किन बॉन्ड के मामले में भी पैरों का भारीपन और कदम उठाने में असमर्थता जैसे संकेत देखे गए। इसके अलावा मांसपेशियों में जकड़न महसूस होना, कदम छोटे हो जाना या चलते समय पैरों का जमीन से चिपक जाना इस बीमारी के स्पष्ट संकेत माने जाते हैं।

क्यों उम्र के साथ कमजोर पड़ जाती है चाल

विशेषज्ञों के मुताबिक, गेट डिसऑर्डर के पीछे कई शारीरिक कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। बढ़ती उम्र के साथ (muscle and joint weakness) जैसे गठिया या आर्थराइटिस हड्डियों को लचीला नहीं रहने देते। साथ ही, नसों से जुड़ी समस्याएं जैसे पार्किंसन या न्यूरोपैथी भी मस्तिष्क और पैरों के बीच के तालमेल को बिगाड़ देती हैं। कभी-कभी दृष्टि में परिवर्तन या कान के अंदरूनी हिस्सों में समस्या होने के कारण भी शरीर अपना संतुलन खोने लगता है, जो अंततः चलने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है।

रीढ़ की हड्डी और नसों का गहरा संबंध

इस विकार के कारणों की जड़ें अक्सर हमारी नसों और रीढ़ की हड्डी में छिपी होती हैं। यदि किसी व्यक्ति को (neurological health issues) का सामना करना पड़ रहा है, तो उसके संकेत सबसे पहले चाल में दिखाई देते हैं। पुरानी चोटें, पोषण की कमी, या विटामिन डी और कैल्शियम का गिरता स्तर हड्डियों को इतना कमजोर कर देता है कि वे शरीर का भार संभालने में अक्षम हो जाती हैं। रस्किन बॉन्ड के मामले में भी डॉक्टर इन्हीं तमाम पहलुओं की गहनता से जांच कर रहे हैं ताकि उन्हें जल्द राहत दी जा सके।

सावधानी ही है इस समस्या का सबसे बड़ा समाधान

बुजुर्गों में इस स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए कुछ विशेष सावधानियां बरतनी बेहद अनिवार्य हैं। घर के वातावरण को (fall prevention strategies) के अनुरूप ढालना चाहिए, जैसे कि फर्श पर फिसलन न हो और सीढ़ियों या बाथरूम में रेलिंग लगी हो। रस्किन बॉन्ड जैसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए पर्याप्त रोशनी और बाधा मुक्त रास्ता होना जीवन को सरल बना सकता है। यदि चलने में अधिक परेशानी हो, तो बिना किसी संकोच के छड़ी या वॉकर का सहारा लेना एक बुद्धिमानी भरा फैसला होता है।

आहार और व्यायाम का जादुई असर

भले ही उम्र बढ़ रही हो, लेकिन हल्की एक्सरसाइज और संतुलित खान-पान इस डिसऑर्डर के प्रभाव को कम कर सकते हैं। नियमित रूप से (strength training exercises) करने से मांसपेशियों की ताकत बनी रहती है और जोड़ों का दर्द कम होता है। आहार में कैल्शियम और प्रोटीन की भरपूर मात्रा हड्डियों को मजबूती देती है। डॉक्टरों की सलाह है कि बुजुर्गों को अपना वजन नियंत्रित रखना चाहिए और समय-समय पर डॉक्टर से न्यूरोलॉजिकल चेकअप कराते रहना चाहिए ताकि किसी भी समस्या को शुरुआती स्तर पर ही पकड़ा जा सके।

फैंस की दुआएं और रिकवरी की उम्मीद

देहरादून का वह अस्पताल जहां बॉन्ड भर्ती हैं, वहां उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है। उनके (literature fan community) के सदस्य सोशल मीडिया पर उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उचित आराम और फिजियोथेरेपी के जरिए उनकी स्थिति में सुधार लाया जा सकता है। पूरी दुनिया उम्मीद कर रही है कि शब्दों का यह जादूगर जल्द ही अपने पैरों पर खड़ा होकर एक बार फिर मसूरी की वादियों में टहलते हुए नई कहानियों को जन्म देगा।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.