Dhanbad Brother Murder Case: धनबाद में भाई ने भाई का कलेजा छलनी करके उजाड़ा हंसता-खेलता परिवार
Dhanbad Brother Murder Case: झारखंड के धनबाद जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां खून के रिश्ते ने ही लहू का घूंट पी लिया। कतरास थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आंबेडकर नगर में बुधवार की रात वहशीपन का जो नंगा नाच हुआ, उसने (Local Crime Incident) की संवेदनशीलता को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। एक सगे छोटे भाई ने अपने ही बड़े भाई के सीने में चाकू उतारकर उसे मौत की नींद सुला दिया। इस घटना के बाद पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई इस क्रूरता को देखकर स्तब्ध है।

दरवाजे की ठोकर और मौत का बुलावा
मृतक तेजो भुईंया की पत्नी आरती देवी ने पुलिस को दिए अपने बयान में उस रात की रूह कंपा देने वाली कहानी बयां की है। आरती के अनुसार, बुधवार की शाम करीब साढ़े सात बजे पूरा परिवार घर के भीतर बैठा था, तभी अचानक देवर दीपक भुईंया (Dhanbad Police Investigation) के दायरे में आते हुए घर के दरवाजे पर जोर-जोर से लातें मारने लगा। गालियों का शोर सुनकर जैसे ही तेजो अपने भाई को समझाने के लिए बाहर निकला, अंधेरे में घात लगाए बैठे दीपक ने बिना कुछ सोचे-समझे धारदार चाकू से हमला कर दिया।
बीच-बचाव करने आए पड़ोसी पर भी वार
जब तेजो लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा और घर में चीख-पुकार मची, तो शोर सुनकर पड़ोस में रहने वाले नरेश रवानी मदद के लिए दौड़े। आरोपी दीपक की सनक इस कदर बढ़ चुकी थी कि उसने (Violence in Neighborhood) को अंजाम देते हुए बीच-बचाव करने आए नरेश पर भी चाकू से वार कर दिया। इस हमले में नरेश भी जख्मी हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि दीपक के सिर पर खून सवार था और वह किसी की भी बात सुनने को तैयार नहीं था, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ग्रामीणों का गुस्सा और आरोपी की गिरफ्तारी
घटना को अंजाम देकर भाग रहे दीपक उर्फ छपरा को स्थानीय ग्रामीणों ने जमुआ पंचायत के मुखिया अर्जुन भुईंया के सहयोग से खदेड़ कर पकड़ लिया। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी की जमकर धुनाई कर दी, जिसके बाद (Accused Arrested by Police) की प्रक्रिया पूरी की गई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर इलाज कराया और फिर जेल भेजने की तैयारी शुरू कर दी। ग्रामीणों का कहना है कि नशा या किसी अज्ञात रंजिश ने दीपक को इतना अंधा कर दिया कि उसने अपने ही रक्षक भाई का कत्ल कर दिया।
अस्पताल में तोड़ा दम और अनाथ हुए मासूम
लहूलुहान तेजो को आनन-फानन में स्थानीय लोगों की मदद से एक निजी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन घाव इतने गहरे थे कि (Critical Injury Treatment) के बावजूद गुरुवार की सुबह उसने दम तोड़ दिया। तेजो पेशे से एक राजमिस्त्री था और अपने परिवार का एकमात्र सहारा था। उसकी मौत की खबर मिलते ही पत्नी आरती देवी बेसुध हो गई। अब उसके सामने दो छोटे बच्चों, 9 वर्षीय कृष्णा और 7 वर्षीय किशन के भविष्य को लेकर अंधेरा छा गया है।
बिना किसी पुराने विवाद के खूनी खेल
आरती देवी का कहना है कि तेजो और दीपक के बीच पहले से कोई बड़ा मनमुटाव या विवाद नहीं था। अक्सर शांत रहने वाले घर में अचानक हुई इस (Family Dispute Tragedy) ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि आखिर वह कौन सी वजह थी जिसने दीपक को अपने ही सगे भाई का दुश्मन बना दिया। क्या इसके पीछे कोई मानसिक बीमारी थी या कोई गुप्त रंजिश, जो अब तक परिवार की नजरों से छिपी हुई थी।
नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुवार को तेजो का पार्थिव शरीर उसके परिजनों को सौंप दिया गया। जब शव एम्बुलेंस से घर पहुंचा, तो पूरा इलाका तेजो की पत्नी और बच्चों के विलाप से दहल उठा। बाद में (Post-Mortem Procedure) के बाद तेजो के शव को कतरास स्थित लिलौरी स्थान मुक्तिधाम घाट ले जाया गया, जहां भारी गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। समाज के लिए यह घटना एक चेतावनी है कि कैसे छोटी-छोटी बातें और अनियंत्रित गुस्सा हँसते-खेलते परिवारों को उजाड़ सकता है।
कानून के शिकंजे में कातिल भाई
पुलिस ने आरती देवी की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। कतरास थाना प्रभारी ने बताया कि (Criminal Justice System) के तहत साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और चश्मदीदों के बयान दर्ज किए गए हैं। आरोपी दीपक के पास से हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी और उसके खिलाफ पुख्ता सबूत तैयार करना अब पुलिस की प्राथमिकता है। धनबाद की यह घटना आने वाले लंबे समय तक लोगों के जेहन में एक खौफनाक याद की तरह बनी रहेगी।



