झारखण्ड

Jharkhand Winter Weather Update: कड़कड़ाती ठंड ने किया प्रचंड वार, गुमला में 4 डिग्री के टॉर्चर ने बढ़ाई प्रदेश की धड़कनें…

Jharkhand Winter Weather Update: झारखंड में कुदरत का कहर कनकनी और बर्फीली हवाओं के रूप में टूट पड़ा है, जिससे पूरा प्रदेश अब एक ठंडे चैंबर में तब्दील होता नजर आ रहा है। उत्तर-पश्चिमी दिशा से आने वाली सर्द हवाओं ने (Severe Cold Wave Conditions) जैसे हालात पैदा कर दिए हैं, जिससे सुबह और शाम ही नहीं बल्कि दिन में भी लोग ठिठुरने को मजबूर हैं। राज्य के कई हिस्सों में पारा इतनी तेजी से लुढ़का है कि आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश जारी करने पड़े हैं।

Jharkhand Winter Weather Update
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गुमला बना प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका

झारखंड के गुमला जिले में गुरुवार को इस सीजन की सबसे डरावनी ठंड दर्ज की गई, जिसने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड को खतरे में डाल दिया है। यहां का न्यूनतम तापमान गिरकर (Record Minimum Temperature) के स्तर यानी 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो किसी पहाड़ी इलाके जैसी ठंड का अहसास करा रहा है। दिन के समय चलने वाली बर्फीली हवाओं की रफ्तार ने अधिकतम पारे को भी 17.4 डिग्री पर लाकर खड़ा कर दिया है, जिससे सूरज की रोशनी भी बेअसर साबित हो रही है।

12 जिलों के लिए मौसम विभाग का येलो अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के बिगड़ते हालातों को देखते हुए एक हाई-अलर्ट जारी किया है, जो आने वाले संकट की ओर इशारा करता है। शुक्रवार को रांची, पलामू और बोकारो समेत (Jharkhand Weather Alert) के दायरे में आने वाले 12 जिलों में शीतलहर का गहरा असर दिखने की संभावना है। विभाग ने ‘येलो अलर्ट’ जारी करते हुए नागरिकों को सलाह दी है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, क्योंकि तापमान में अभी और भी गिरावट आने के आसार प्रबल नजर आ रहे हैं।

रांची में तीन डिग्री तक और गिरेगा पारा

झारखंड की राजधानी रांची में भी ठंड का प्रकोप अपनी चरम सीमा की ओर बढ़ रहा है, जिससे शहरी जनजीवन की रफ्तार धीमी पड़ गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि रांची में अगले 24 घंटों के भीतर (Urban Temperature Drop) की स्थिति बनेगी और पारा तीन डिग्री तक और नीचे जा सकता है। वर्तमान में रांची का न्यूनतम तापमान 10.6 डिग्री दर्ज किया गया है, लेकिन आने वाली रातों में यह आंकड़ा और भी भयावह हो सकता है, जिससे कनकनी और बढ़ने की आशंका है।

कनकनी ने दिन के उजाले में भी किया बेहाल

हजारीबाग, कोडरमा और मेदिनीनगर जैसे जिलों में ठंड का आलम यह है कि दिन के समय भी लोगों को कोई राहत नहीं मिल पा रही है। कोहरे और बादलों की लुका-छिपी के बीच (Winter Chill Intensity) इतनी अधिक है कि लोग घरों के भीतर भी अलाव और रूम हीटरों का सहारा ले रहे हैं। पिछले 24 घंटों में हजारीबाग में 7.2 डिग्री और खूंटी में 6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जो यह बताता है कि ठंड अब हड्डियों तक को जमा देने वाली स्थिति में पहुंच चुकी है।

अगले तीन दिनों तक जारी रहेगा सर्दी का सितम

मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो झारखंड वासियों को फिलहाल इस कड़ाके की ठंड से कोई राहत मिलने वाली नहीं है। अभिषेक आनंद के अनुसार, राज्य के पश्चिमी भागों में (Weather Forecast Prediction) यह स्पष्ट करती है कि अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री की और कमी आ सकती है। गढ़वा, लातेहार और लोहरदगा जैसे जिलों में शीतलहर का प्रभाव सबसे ज्यादा रहेगा, जिससे फसलों और पशुओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है।

कांके में 5.3 डिग्री के साथ जमी बर्फ जैसी ठंड

रांची का कांके क्षेत्र हमेशा से अपनी न्यूनतम ठंड के लिए मशहूर रहा है, और इस बार भी यहां के हालात कुछ अलग नहीं हैं। पिछले 24 घंटों में कांके का न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो (Cold Climate Statistics) के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। भारी कुहासे और 3.3 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं ने इस क्षेत्र को पूरी तरह से कोहरे की चादर में लपेट लिया है, जिससे दृश्यता का स्तर भी काफी नीचे चला गया है।

मैकलुस्कीगंज में तापमान का भारी उतार-चढ़ाव

झारखंड के मिनी लंदन कहे जाने वाले मैकलुस्कीगंज में भी मौसम के मिजाज में काफी अनिश्चितता देखी जा रही है। गुरुवार की सुबह यहां न्यूनतम तापमान 6 डिग्री मापा गया, जबकि (High Altitude Weather) के प्रभाव के कारण अधिकतम तापमान 21 डिग्री के आसपास रहा। स्थानीय निवासियों द्वारा निजी उपकरणों से लिए गए आंकड़ों के अनुसार, सुबह के समय तापमान में अचानक आने वाली गिरावट बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।

शीतलहर से बचाव के लिए प्रशासनिक सतर्कता

बढ़ती ठंड और शीतलहर को देखते हुए राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है ताकि किसी अनहोनी को टाला जा सके। सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने और रैन बसेरों में (Public Health Safety) के इंतजाम पुख्ता करने के निर्देश दिए गए हैं। डॉक्टरों ने भी सलाह दी है कि इस मौसम में गर्म तासीर वाली चीजों का सेवन करें और बच्चों को सर्दी-जुकाम से बचाने के लिए उन्हें पूरी तरह से ऊनी कपड़ों से ढककर रखें, क्योंकि यह मौसम निमोनिया जैसे खतरों को न्योता दे सकता है।

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