Ashes Series 2025-26 Updates: इंग्लैंड ने कंगारुओं के गढ़ में फूंका जीत का शंखनाद, 3 हार के बाद दिखी आस
Ashes Series 2025-26 Updates: एशेज सीरीज के शुरुआती मुकाबलों में लगातार मिल रही हार के बाद आखिरकार इंग्लैंड की टीम ने अपनी साख बचा ली है। शनिवार को मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर खेले गए चौथे टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हराकर सीरीज में अपना पहला खाता खोला। यह जीत इंग्लैंड के लिए न केवल मनोबल बढ़ाने वाली है, बल्कि (Cricket Rivalry History) के पन्नों में एक यादगार लम्हे की तरह दर्ज हो गई है। हालांकि, इस हार के बावजूद पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में ऑस्ट्रेलिया अभी भी 3-1 की मजबूत बढ़त के साथ आगे चल रहा है।

दो दिन के भीतर ही सिमट गया टेस्ट क्रिकेट का रोमांच
आधुनिक क्रिकेट के इतिहास में यह सीरीज अपनी रफ्तार के लिए जानी जा रही है। ताज्जुब की बात यह है कि मौजूदा एशेज सीरीज में यह दूसरी बार हुआ है जब कोई टेस्ट मैच (Test Match Duration) के पारंपरिक पांच दिनों के बजाय सिर्फ दो दिन के भीतर ही समाप्त हो गया। इससे पहले पर्थ में खेला गया पहला मुकाबला भी दो दिनों में खत्म हुआ था, जहां ऑस्ट्रेलिया ने जीत दर्ज की थी। मेलबर्न में भी गेंदबाजों के दबदबे के चलते खेल इतनी तेजी से आगे बढ़ा कि दर्शकों को पलक झपकने का मौका भी नहीं मिला।
जैक क्राउली और बेन डकेट की आक्रामक सलामी जोड़ी
175 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाने में सलामी बल्लेबाजों ने अहम भूमिका निभाई। जैक क्राउली और बेन डकेट ने मैदान पर उतरते ही कंगारू गेंदबाजों पर (Opening Partnership Records) बनाने के इरादे से धावा बोल दिया। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 51 रनों की ठोस साझेदारी हुई, जिसने टीम को एक मजबूत आधार प्रदान किया। बेन डकेट ने महज 26 गेंदों में 34 रनों की तूफानी पारी खेली, लेकिन अंततः मिचेल स्टार्क की एक बेहतरीन गेंद पर वे क्लीन बोल्ड हो गए।
मध्यक्रम की लड़खड़ाहट और जैकब बैथल का साहस
डकेट के आउट होने के बाद इंग्लैंड ने रणनीति के तहत ब्रायडन कॉर्स को प्रमोट किया, लेकिन वे उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे और सिर्फ 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके तुरंत बाद सलामी बल्लेबाज जैक क्राउली भी 37 रन के निजी स्कोर पर (LBW Dismissal Stats) का शिकार हो गए, उन्हें स्कॉट बोलैंड ने आउट किया। मुश्किल घड़ी में युवा खिलाड़ी जैकब बैथल ने मोर्चा संभाला और 46 गेंदों में 40 रनों की अत्यंत महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को संकट से बाहर निकाला। उनकी इस पारी ने ऑस्ट्रेलिया के दबाव को काफी हद तक कम कर दिया।
जो रूट और बेन स्टोक्स की विफलता ने बढ़ाई धड़कनें
जब ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड आसानी से जीत जाएगा, तभी ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी गेंदबाजों ने वापसी की। अनुभवी बल्लेबाज जो रूट केवल 15 रन बना सके और रिचर्डसन की गेंद पर एलबीडब्ल्यू होकर पवेलियन लौट गए। कप्तान बेन स्टोक्स भी इस (High Pressure Run Chase) में पूरी तरह विफल रहे और मात्र 2 रन बनाकर मिचेल स्टार्क का शिकार बने। इन दो बड़े विकेटों के गिरने के बाद मैच एक बार फिर रोमांचक मोड़ पर आ गया था, लेकिन निचले क्रम ने सूझबूझ दिखाकर जीत सुनिश्चित की।
मिचेल स्टार्क की घातक गेंदबाजी और ऑस्ट्रेलिया का संघर्ष
ऑस्ट्रेलिया की ओर से मिचेल स्टार्क ने एक बार फिर साबित किया कि वे दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में से क्यों गिने जाते हैं। उन्होंने इंग्लैंड के शीर्ष क्रम और कप्तान को (Fast Bowling Tactics) से काफी परेशान किया। स्टार्क और रिचर्डसन की जोड़ी ने बीच के ओवरों में विकेट निकालकर इंग्लैंड की खेमे में खलबली मचा दी थी। हालांकि, लक्ष्य बहुत बड़ा नहीं होने के कारण ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज उसे डिफेंड करने में सफल नहीं हो पाए, लेकिन उनकी लड़ने की क्षमता ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
सीरीज का भविष्य और अगले मुकाबले की चुनौती
भले ही इंग्लैंड ने यह मैच जीत लिया है, लेकिन एशेज की ट्रॉफी पर ऑस्ट्रेलिया का कब्जा पहले ही सुनिश्चित हो चुका है। अब सीरीज का पांचवां और अंतिम टेस्ट मैच (International Cricket Schedule) के लिहाज से औपचारिक जरूर है, लेकिन इंग्लैंड के लिए यह अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा को पूरी तरह वापस पाने का एक सुनहरा अवसर होगा। वहीं, ऑस्ट्रेलिया की टीम सीरीज को 4-1 से समाप्त करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। मेलबर्न की यह जीत निश्चित रूप से आगामी मुकाबलों में इंग्लैंड के बल्लेबाजों को आत्मविश्वास प्रदान करेगी।
खेल की गति और पिचों के मिजाज पर उठते सवाल
इस एशेज सीरीज में मैचों का महज दो दिन में खत्म होना क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि पिचों का अत्यधिक तेज होना या बल्लेबाजों की (Aggressive Batting Styles) की वजह से टेस्ट मैच अपनी लंबी अवधि खोते जा रहे हैं। जहां दर्शक मनोरंजन के लिहाज से इसे पसंद कर रहे हैं, वहीं पारंपरिक टेस्ट प्रेमियों के लिए यह चिंता का विषय है। बहरहाल, मेलबर्न की इस जीत ने एशेज की तपिश को थोड़ा और बढ़ा दिया है।



