अंतर्राष्ट्रीय

Trump Zelensky Meeting Peace Talks: ट्रंप का चौंकाने वाला बयान, पुतिन को बताया ‘दयालु हृदय’, जेलेंस्की की निकली हंसी

Trump Zelensky Meeting Peace Talks: फ्लोरिडा के मार-ए-लागो अपार्टमेंट में जब नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की एक मेज पर बैठे, तो पूरी दुनिया की निगाहें उन पर टिकी थीं। करीब तीन घंटे तक चली इस बंद कमरे की बैठक ने (International Diplomatic Relations) के गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। ट्रंप ने इस मुलाकात के बाद जो दावा किया, उसने न केवल अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को बल्कि खुद जेलेंस्की को भी हैरान कर दिया। ट्रंप का मानना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध अब अपने अंतिम पड़ाव पर है और दोनों देश एक बड़े समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके हैं।

Trump Zelensky Meeting Peace Talks
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पुतिन की ‘दयालुता’ पर जेलेंस्की का रिएक्शन

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा बयान दिया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को एक ‘दयालु हृदय’ वाला व्यक्ति बताते हुए कहा कि पुतिन वास्तव में (Russia Ukraine Conflict Resolution) के पक्ष में हैं। ट्रंप के मुताबिक, पुतिन चाहते हैं कि यूक्रेन एक सफल और समृद्ध देश बने। ट्रंप की यह बात सुनते ही जेलेंस्की अपनी हंसी नहीं रोक पाए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ दिख रहा है कि जेलेंस्की ट्रंप के इस ‘अजीब’ दावे पर आश्चर्य और मुस्कुराहट के साथ प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

एनर्जी और बिजली संकट पर पुतिन के ‘अच्छे विचार’

ट्रंप ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि पुतिन यूक्रेन के लोगों के प्रति बहुत ही सकारात्मक सोच रखते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि (Global Energy Supply Chain) के मामले में रूस चाहता है कि यूक्रेन को सस्ती कीमतों पर बिजली और ईंधन उपलब्ध हो। ट्रंप के शब्दों में, “यह सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन पुतिन यूक्रेन की सफलता देखना चाहते हैं।” ट्रंप का यह बयान उन दावों के विपरीत है जो पिछले दो सालों से युद्ध के मैदान में दिखाई दे रहे हैं, जहां यूक्रेन का बुनियादी ढांचा रूसी हमलों से बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

95 फीसदी समझौते पर बनी सहमति का दावा

मुलाकात के बाद जेलेंस्की ने भी इस बैठक को सकारात्मक बताया और एक बड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी और शांति के मसौदे पर (Peace Treaty Negotiations) लगभग 95 प्रतिशत पूरी हो चुकी है। यह एक बहुत बड़ा आंकड़ा है जो संकेत देता है कि युद्धविराम की शर्तें काफी हद तक तय की जा चुकी हैं। जेलेंस्की ने कहा कि हालांकि कुछ बिंदुओं पर अभी भी काम बाकी है, लेकिन ट्रंप के साथ हुई चर्चा ने समाधान की उम्मीदों को काफी मजबूत कर दिया है।

कुछ हफ्तों में होगा शांति का अंतिम फैसला

डोनाल्ड ट्रंप ने शांति वार्ता की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले कुछ हफ्ते वैश्विक राजनीति के लिए निर्णायक साबित होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि (Geopolitical Stability in Europe) बहाल करने के लिए बातचीत काफी आगे निकल चुकी है। ट्रंप का मानना है कि बहुत जल्द यह साफ हो जाएगा कि यह समझौता सफल होगा या नहीं। उन्होंने दावा किया कि पुतिन और जेलेंस्की दोनों ही अब इस अंतहीन संघर्ष को खत्म करने के लिए गंभीर नजर आ रहे हैं, जिससे यूरोप में शांति की नई किरण दिखाई दे रही है।

बंद कमरे में तीन घंटे तक चला रणनीतिक मंथन

मार-ए-लागो में हुई यह चर्चा कोई सामान्य कूटनीतिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि इसमें युद्ध के हर पहलू पर बारीकी से बात की गई। ट्रंप और जेलेंस्की (High Level Security Dialogue) के माध्यम से उन जटिलताओं को सुलझाने की कोशिश कर रहे थे, जिन्होंने अब तक शांति की राह रोकी हुई थी। ट्रंप की टीम का मानना है कि अमेरिका की नई विदेश नीति के तहत रूस को बातचीत की मेज पर लाना संभव हुआ है। हालांकि, पुतिन के प्रति ट्रंप का नरम रुख कई अमेरिकी सहयोगियों के लिए चिंता का विषय भी बना हुआ है।

ट्रंप की मध्यस्थता और जेलेंस्की की चुनौतियां

जेलेंस्की के लिए यह मुलाकात उनके देश के अस्तित्व और सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण थी। ट्रंप की मध्यस्थता में (Diplomatic Peace Proposals) को स्वीकार करना जेलेंस्की के लिए एक कठिन संतुलन बनाने जैसा है। एक तरफ उन्हें अपने देश की अखंडता बचानी है, तो दूसरी तरफ ट्रंप जैसे प्रभावशाली नेता के साथ तालमेल बिठाना है। पुतिन की प्रशंसा सुनकर जेलेंस्की की हंसी इसी कूटनीतिक तनाव और अविश्वास को बयां करती है, जो रूस और यूक्रेन के बीच सालों की जंग के बाद पैदा हुआ है।

क्या वाकई रुक जाएगा रूस-यूक्रेन युद्ध?

दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञ अब इस बात का विश्लेषण कर रहे हैं कि क्या ट्रंप का ‘दयालु हृदय’ वाला तर्क वास्तव में जमीन पर शांति ला पाएगा। (Post War Reconstruction of Ukraine) और सीमाओं के निर्धारण जैसे कठिन मुद्दों पर अभी भी अंतिम मुहर लगना बाकी है। अगर ट्रंप की बात सच साबित होती है और शांति समझौता धरातल पर उतरता है, तो यह सदी की सबसे बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जाएगी। फिलहाल, पूरी दुनिया उन “कुछ हफ्तों” का इंतजार कर रही है, जिनका जिक्र ट्रंप ने अपनी ऐतिहासिक मुलाकात के बाद किया है।

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