NASA Job Offer to Student: हाईस्कूल छात्र ने खोल दिए ब्रह्मांड के अनसुलझे रहस्य, नासा ने दिया फाइटर जेट और नौकरी का ऑफर
NASA Job Offer to Student: ब्रह्मांड की विशालता को समझने के लिए बड़े-बड़े वैज्ञानिकों को दशकों लग जाते हैं, लेकिन कैलिफोर्निया के एक किशोर ने वह कर दिखाया जिसकी कल्पना नासा ने भी नहीं की थी। मैटियो पाज नामक एक हाईस्कूल छात्र ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शक्ति का उपयोग करके अंतरिक्ष अनुसंधान की दिशा बदल दी है। इस युवा छात्र ने लाखों ऐसे खगोलीय पिंडों और रहस्यों को उजागर किया है, जो अब तक आधुनिक दूरबीनों और अनुभवी वैज्ञानिकों की नजरों से ओझल थे। मैटियो की इस सफलता ने साबित कर दिया है कि (Artificial Intelligence Innovation) के माध्यम से एक छात्र भी वैश्विक विज्ञान समुदाय में क्रांति ला सकता है।

धूल फांकते पुराने आंकड़ों में छिपे थे 15 लाख ब्रह्मांडीय खजाने
मैटियो पाज ने अपनी खोज के लिए नासा के लंबे समय से भुला दिए गए ‘नीओवाइज’ (NEOWISE) मिशन के पुराने आर्काइव का उपयोग किया। यह मिशन वर्षों पुराना था और इसके आंकड़ों का विश्लेषण करना एक उबाऊ काम माना जाता था। लेकिन मैटियो ने (Cosmic Object Discovery) को लक्ष्य बनाकर लगभग 200 बिलियन इन्फ्रारेड डेटा पॉइंट्स का गहराई से अध्ययन किया। जहाँ पारंपरिक विधियां सूक्ष्म संकेतों को पकड़ने में विफल रही थीं, वहीं इस छात्र द्वारा विकसित मॉडल ने 15 लाख नई ब्रह्मांडीय वस्तुओं की पहचान कर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया।
नासा निदेशक का सार्वजनिक प्रशंसा पत्र और अनोखा साइनिंग बोनस
जब इस खोज की खबर अंतरिक्ष अनुसंधान समुदाय तक पहुँची, तो नासा के शीर्ष अधिकारी अपनी खुशी नहीं रोक पाए। नासा के निदेशक जैरेड आइजैकमैन ने न केवल मैटियो की सार्वजनिक रूप से सराहना की, बल्कि उसे सीधे जॉब का प्रस्ताव भी दे दिया। जैरेड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर (NASA Career Opportunity) को लेकर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने मैटियो से नासा में आवेदन करने का आग्रह करते हुए एक फाइटर जेट की सवारी को ‘साइनिंग बोनस’ के रूप में देने की बात कही, जो किसी भी छात्र के लिए एक सपने जैसा है।
कैलटेक की प्लैनेट फाइंडर एकेडमी और गुरु का मार्गदर्शन
मैटियो के इस सफर की शुरुआत कैलटेक की प्रतिष्ठित प्लैनेट फाइंडर एकेडमी में हुई थी, जहाँ उसे प्रसिद्ध खगोल भौतिक विज्ञानी डेवि किर्कपैट्रिक का साथ मिला। एक हाईस्कूल छात्र होने के बावजूद, मैटियो की (Astrophysics Research Training) के प्रति लगन ने किर्कपैट्रिक को भी प्रभावित किया। पासाडेना के एक सेकेंडरी स्कूल के छात्र के रूप में, उसे किर्कपैट्रिक की देखरेख में प्रोजेक्ट को सही दिशा देने का अवसर मिला। गुरु के अनुभव और छात्र की तकनीक के मेल ने वह परिणाम दिया जिसकी चर्चा अब वैश्विक स्तर पर हो रही है।
मशीन लर्निंग का जादू: छह हफ्तों में खंगाला अरबों डेटा का सागर
मैटियो की सबसे बड़ी उपलब्धि उसकी खुद की डिजाइन की हुई मशीनी शिक्षण प्रणाली (Machine Learning System) है। उसने पारंपरिक तरीकों को दरकिनार करते हुए एआई मॉडल को इस तरह प्रशिक्षित किया कि वह अरबों डेटा पॉइंट्स के बीच से महत्वपूर्ण संकेतों को चुन सके। महज छह हफ्तों के रिकॉर्ड समय में, इस प्रणाली ने दूर स्थित ‘क्वासर’ और ‘सुपरनोवा’ जैसी दुर्लभ खगोलीय घटनाओं की पहचान की। मैटियो का यह एआई मॉडल उन बारीकियों को भी पकड़ने में सक्षम रहा जिन्हें पहले के मिशनों में अनदेखा कर दिया गया था।
सक्रिय अंतरिक्ष मिशनों पर मैटियो की खोज का व्यापक प्रभाव
मैटियो की यह खोज केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर वर्तमान में सक्रिय अंतरिक्ष मिशनों पर भी महसूस किया जा रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इन (Astronomical Discoveries) के माध्यम से अंतरिक्ष के उन कोनों के बारे में नई जानकारी मिलेगी जिनके बारे में अब तक केवल अनुमान लगाया जाता था। नासा के आगामी मिशनों में मैटियो द्वारा पहचाने गए डेटा पॉइंट्स का उपयोग ब्रह्मांड के विस्तार और सुपरनोवा के व्यवहार को समझने के लिए किया जाएगा। यह एक छात्र की प्रतिभा का ही परिणाम है कि आज नासा जैसा संस्थान उसके काम को अपना आधार बना रहा है।
भविष्य का अंतरिक्ष विज्ञान और एआई की असीमित संभावनाएं
मैटियो पाज की कहानी यह संदेश देती है कि आधुनिक तकनीक और जिज्ञासा का संगम किसी भी बाधा को पार कर सकता है। जिस तरह से उसने (Space Exploration Technology) को नया आयाम दिया है, उससे यह स्पष्ट है कि भविष्य में खगोल विज्ञान के क्षेत्र में एआई की भूमिका और भी महत्वपूर्ण होने वाली है। एक छात्र द्वारा किया गया यह प्रयास न केवल अन्य युवाओं को विज्ञान की ओर प्रेरित करेगा, बल्कि यह भी दिखाएगा कि नासा जैसे संस्थान अब युवा और तकनीकी रूप से दक्ष दिमागों को कितनी अहमियत दे रहे हैं।



