बिज़नेस

Upcoming IPOs 2026 India: 2026 में आने वाली है IPO की सबसे बड़ी सुनामी, रिलायंस जियो और जेप्टो बदल देंगे बाजार की तस्वीर…

Upcoming IPOs 2026 India: भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला साल किसी सुनहरे सपने से कम नहीं रहा, जहां आईपीओ बाजार ने सफलता के नए प्रतिमान स्थापित किए। कंपनियों ने बाजार से रिकॉर्ड 1.76 लाख करोड़ रुपये जुटाकर निवेशकों के भरोसे को एक नई ऊंचाई दी है। अब साल 2026 को लेकर जो भविष्यवाणियां सामने आ रही हैं, वे और भी अधिक रोमांचक हैं। ब्रोकरेज हाउस इक्विरस कैपिटल की ताजा रिपोर्ट संकेत दे रही है कि (primary market growth) की यह रफ्तार थमने वाली नहीं है। अनुमान है कि अगले साल लगभग 20 अरब डॉलर यानी करीब 1.80 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम पूंजी आईपीओ के जरिए जुटाई जा सकती है।

Upcoming IPOs 2026 India
Upcoming IPOs 2026 India
WhatsApp Group Join Now

सेबी की मंजूरी और कंपनियों का लंबा इंतजार

नए साल के लिए निवेशकों का उत्साह चरम पर है क्योंकि बाजार में उतरने के लिए कंपनियों की एक लंबी कतार खड़ी है। बाजार नियामक सेबी ने 75 से अधिक कंपनियों को पहले ही सार्वजनिक निर्गम लाने की हरी झंडी दे दी है, जो बस सही समय का इंतजार कर रही हैं। इसके अतिरिक्त, (SEBI approval process) के तहत लगभग 100 अन्य कंपनियां भी अपनी बारी की प्रतीक्षा में हैं। इन कंपनियों में प्रौद्योगिकी, वित्तीय सेवाएं, बुनियादी ढांचा और ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों के दिग्गज शामिल हैं, जो बाजार में तरलता बढ़ाने का काम करेंगे।

2025 का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन और भविष्य की उम्मीदें

आईपीओ सेंट्रल के आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि साल 2025 में पेश किए गए 103 सार्वजनिक निर्गमों ने कुल 1.76 लाख करोड़ रुपये जुटाए, जो पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक हैं। अगर हम (historical IPO data) पर नजर डालें, तो बीते पांच वर्षों में कंपनियों ने कुल 5.39 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं, जो पिछले पूरे 20 सालों के कुल योग से भी अधिक है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि भारतीय निवेशक अब पारंपरिक बचत के बजाय इक्विटी बाजार पर अधिक भरोसा दिखा रहे हैं और कंपनियां भी विस्तार के लिए सार्वजनिक पूंजी को प्राथमिकता दे रही हैं।

स्टार्टअप जगत का शेयर बाजार में भव्य प्रवेश

साल 2025 की सबसे बड़ी उपलब्धि स्टार्टअप्स का सूचीबद्ध होना रहा, जिसने बाजार के मिजाज को बदल दिया। लेंसकार्ट, ग्रोव, मीशो और फिजिक्सवॉला जैसे 18 बड़े स्टार्टअप्स ने संयुक्त रूप से 41,000 करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी जुटाई। विशेषज्ञों का मानना है कि (startup ecosystem listing) का यह रुझान 2026 में और भी अधिक परिपक्व होगा। जहां पहले स्टार्टअप्स केवल निजी फंडिंग पर निर्भर रहते थे, अब वे आम जनता को अपनी विकास यात्रा का हिस्सा बना रहे हैं, जिससे बाजार में नई ऊर्जा का संचार हो रहा है।

जेप्टो और फोन-पे जैसे दिग्गजों ने कसी कमर

आने वाले साल में क्विक कॉमर्स और फिनटेक सेक्टर की बड़ी कंपनियां धमाका करने के लिए तैयार हैं। क्विक कॉमर्स की दिग्गज कंपनी जेप्टो ने 11 हजार करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए तैयारी पूरी कर ली है। वहीं, (fintech market trends) को देखते हुए फोन-पे ने भी गोपनीय तरीके से अपने दस्तावेज दाखिल कर दिए हैं। इसके अलावा, बोट की मूल कंपनी इमेज मार्केटिंग और सिम्बायोटेक फार्मालैब जैसी कंपनियां भी बड़े फंड जुटाने की जुगत में हैं, जिससे बाजार में निवेश के विविध विकल्प उपलब्ध होंगे।

इन बड़े नामों पर टिकी रहेंगी दुनिया भर की नजरें

साल 2026 केवल छोटे या मध्यम आईपीओ का साल नहीं होगा, बल्कि इसमें रिलायंस जियो और फ्लिपकार्ट जैसे ‘मेगा आईपीओ’ की गूंज सुनाई देगी। चर्चा है कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE), ओयो और एसबीआई म्यूचुअल फंड भी अपने (highly anticipated IPOs) के साथ बाजार में कदम रख सकते हैं। ये ऐसी कंपनियां हैं जिनका इंतजार निवेशक वर्षों से कर रहे हैं। यदि ये दिग्गज समय पर बाजार में आते हैं, तो सेंसेक्स और निफ्टी की चाल को एक नई दिशा मिलेगी और वैश्विक निवेशकों का भारत की ओर आकर्षण और बढ़ेगा।

निवेशकों की संपत्ति में 30 लाख करोड़ का जबरदस्त इजाफा

दलाल स्ट्रीट के निवेशकों के लिए पिछला साल जैकपॉट साबित हुआ है। बीएसई सेंसेक्स में आई 8 प्रतिशत से अधिक की तेजी ने निवेशकों की झोली में 30.20 लाख करोड़ रुपये डाल दिए हैं। 29 दिसंबर तक सेंसेक्स ने 86,159 के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर को छूकर (stock market wealth creation) का एक नया रिकॉर्ड बनाया। इस उछाल के पीछे म्यूचुअल फंड और एसआईपी के प्रति बढ़ता रुझान सबसे प्रमुख कारण रहा है, जिसने छोटे निवेशकों को भी करोड़पति बनने का सपना देखने का साहस दिया है।

आखिर क्यों बढ़ रहा है आईपीओ के प्रति इतना आकर्षण?

बाजार में आई इस अप्रत्याशित तेजी के पीछे कई ठोस कारण मौजूद हैं। सबसे महत्वपूर्ण है म्यूचुअल फंड और एसआईपी में होने वाला भारी निवेश, जिसने बाजार को स्थिरता प्रदान की है। इसके साथ ही (retail investor participation) में हुई अभूतपूर्व वृद्धि ने भी बाजार की गहराई को बढ़ाया है। बड़ी कंपनियों के आईपीओ की सफलता ने आम निवेशकों के मन से डर निकाल दिया है। मजबूत आर्थिक वृद्धि और सरकार की नीतियों ने इस पूरे माहौल को सहारा दिया है, जिससे 2026 का रास्ता पूरी तरह साफ नजर आ रहा है।

निष्कर्ष: सावधानी और अवसर का सही संतुलन

कुल मिलाकर, साल 2026 भारतीय आईपीओ इतिहास का सबसे बड़ा साल साबित होने की राह पर है। रिलायंस जियो से लेकर जेप्टो तक, हर सेक्टर की कंपनियां अपनी किस्मत आजमाने को तैयार हैं। हालांकि, निवेशकों के लिए यह (investment strategy 2026) बनाने का भी समय है, जहां उन्हें केवल भीड़ के पीछे भागने के बजाय कंपनियों के फंडामेंटल्स और दस्तावेजों को गौर से पढ़ना चाहिए। अवसर बड़े हैं, लेकिन समझदारी ही असली मुनाफे की कुंजी है।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.