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Sakat Chauth Puja 2026: क्या आप भी तिल की गंदगी से हैं परेशान, तो अपनाएं ये जादुई ट्रिक्स…

Sakat Chauth Puja 2026: हिंदू धर्म में सकट चौथ का व्रत मां और संतान के बीच के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। इस बार 6 जनवरी को सुहागिन महिलाएं अपनी संतान, विशेषकर बेटों की लंबी आयु और खुशहाली के लिए भगवान गणेश की विशेष आराधना करेंगी। यह व्रत न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि (traditional rituals) के लिहाज से भी इसमें तिल का विशेष स्थान है। पूजा के दौरान भगवान गणेश को तिलकुट और तिल के लड्डू अर्पित किए जाते हैं, जिसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

Sakat Chauth Puja 2026
Sakat Chauth Puja 2026
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तिल की सफाई: एक बड़ी चुनौती का आसान समाधान

सकट चौथ की पूजा की तैयारी में सबसे कठिन काम तिल को साफ करना होता है। चाहे सफेद तिल हों या काले, उनमें छोटे-छोटे कंकड़ और धूल के कण छिपे रहते हैं जिन्हें निकालना काफी थकाऊ हो सकता है। यदि आप भी घंटों बैठकर (manual cleaning) करने से बचना चाहती हैं, तो कुछ स्मार्ट तरीके आपकी मेहनत को आधा कर सकते हैं। सही तकनीक अपनाकर आप कम समय में शुद्ध और चमचमाते तिल प्राप्त कर सकती हैं, जिससे आपके लड्डू और भी स्वादिष्ट बनेंगे।

पानी और मिट्टी को अलग करने का अचूक तरीका

तिल साफ करने का सबसे पुराना और प्रभावी तरीका पानी का उपयोग करना है। सबसे पहले तिल को एक बड़े बर्तन में डालकर उसमें पर्याप्त पानी भर दें। इस (cleaning process) के दौरान आप देखेंगे कि धूल और हल्का कूड़ा पानी के ऊपर तैरने लगेगा, जबकि भारी कंकड़ और मिट्टी नीचे बैठ जाएंगे। ऊपर तैरते कूड़े को छन्नी से हटा दें और फिर तिल को सावधानी से दूसरे बर्तन में निकाल लें। अंत में इसे धूप या पंखे की हवा में अच्छी तरह सुखा लें।

मिक्सी ट्रिक: झटपट सफाई का आधुनिक अंदाज

अगर आप तिल को पीसकर लड्डू या तिलकुट बनाना चाहती हैं, तो मिक्सी वाला तरीका आपके लिए वरदान साबित हो सकता है। तिल को मिक्सी के जार में डालें और मात्र 2 सेकेंड के लिए पल्स मोड पर चलाएं। ऐसा करने से (surface impurities) तिल से अलग हो जाती हैं। इसके बाद तिल को एक बड़ी थाली में निकालें और फूंक मारकर या पछोरकर हल्के कचरे को आसानी से बाहर निकाल दें। यह तरीका उन महिलाओं के लिए बेहतरीन है जिनके पास समय की कमी है।

गुनगुने पानी का जादू और गहरी सफाई

जिद्दी मिट्टी और गंदगी को हटाने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल सबसे बेहतर माना जाता है। तिल को करीब 5 मिनट के लिए गुनगुने पानी में भिगोकर छोड़ दें। इससे (sediment removal) की प्रक्रिया तेज हो जाती है और तिल के दानों पर चिपकी बारीक धूल भी निकल जाती है। दो से तीन बार साफ पानी से धोने के बाद जब आप तिल को सुखाएंगी, तो वह पूरी तरह से स्वच्छ और संक्रमण मुक्त हो जाएगा। याद रखें, लड्डू बनाने से पहले तिल का पूरी तरह सूखना अनिवार्य है।

चाशनी और भुने तिल का लाजवाब मेल

तिल साफ होने के बाद असली कला लड्डू बनाने की होती है। सबसे पहले एक कड़ाही में थोड़ा घी डालकर तिल को हल्का सुनहरा होने तक भून लें। इसके बाद (jaggery syrup) यानी गुड़ की चाशनी तैयार करें। जब चाशनी एक तार की होने लगे, तो इसमें भुने हुए तिल मिलाएं। ध्यान रहे कि लड्डू बनाने के लिए मिश्रण का हल्का गर्म होना बहुत जरूरी है। यदि मिश्रण पूरी तरह ठंडा हो गया, तो लड्डू सही आकार में नहीं बंध पाएंगे और बिखर जाएंगे।

सर्दियों में तिल खाने के बेमिसाल सेहत लाभ

सकट चौथ की पूजा के अलावा भी सर्दियों के मौसम में तिल का सेवन किसी औषधि से कम नहीं है। इसमें प्रचुर मात्रा में कैल्शियम, फाइबर और (healthy fats) पाए जाते हैं जो शरीर को अंदरूनी गर्माहट देते हैं। यदि आपके घर में पूजा नहीं भी होती है, तब भी तिल को अपनी डाइट में शामिल करना एक समझदारी भरा फैसला है। यह न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि ठंड के दिनों में जोड़ों के दर्द और सर्दी-जुकाम से बचाव में भी सहायक सिद्ध होता है।

मजबूत हड्डियां और चमकदार त्वचा का राज

सफेद और काले तिल का नियमित सेवन हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिए रामबाण माना जाता है। इसमें मौजूद आयरन शरीर में खून की कमी को दूर करता है, जबकि हाई फाइबर कंटेंट (weight loss) में मदद करता है क्योंकि यह लंबे समय तक भूख का अहसास नहीं होने देता। इतना ही नहीं, तिल के तेल और इसके सेवन से बालों में प्राकृतिक चमक आती है और त्वचा कोमल बनी रहती है। पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए भी तिल को आयुर्वेद में विशेष स्थान दिया गया है।

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