India Pakistan Border Tension: सरहद पर गहराया तनाव, ISI की नापाक साजिश का हुआ पर्दाफाश
India Pakistan Border Tension: पाकिस्तान के सैन्य गलियारों से एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगला गया है। रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर्स में बलूचिस्तान को लेकर आयोजित एक कार्यशाला में पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने (National Security Policy) का हवाला देते हुए दोटूक कहा कि यदि पाकिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उल्लंघन हुआ, तो इसका जवाब बेहद ठोस और निर्णायक होगा। मुनीर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब सीमा पर पहले से ही स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है।

बलूचिस्तान की अशांति का फोड़ा भारत पर ठीकरा
हमेशा की तरह अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए पाकिस्तानी सेना ने एक बार फिर पुराने राग को अलापना शुरू कर दिया है। जनरल मुनीर ने बिना किसी सबूत के भारत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बलूचिस्तान में (Cross Border Terrorism) को बढ़ावा देने के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ है। उन्होंने दावा किया कि कुछ गुट प्रांत में विकास कार्यों को रोकने और हिंसा फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, जानकारों का मानना है कि यह बयान केवल अपनी आंतरिक विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने की एक कोशिश मात्र है।
पंजाब में ISI का ‘ड्रोन वार’ और नापाक मंसूबे
पाकिस्तानी सेना प्रमुख जहां शांति की दुहाई दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी खुफिया एजेंसी पंजाब में दहशत फैलाने की साजिश रच रही है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने एक सनसनीखेज प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि (Intelligence Agency Operations) के जरिए पाकिस्तान ड्रोन की मदद से भारतीय सीमा में हथियार और गोला-बारूद की खेप भेज रहा है। पंजाब को एक ‘अशांत राज्य’ के रूप में पेश करने के लिए पाकिस्तान लगातार छद्म युद्ध का सहारा ले रहा है, ताकि राज्य की शांति को भंग किया जा सके।
ग्रेनेड हमलों के जरिए दहलाने की कोशिश
पंजाब पुलिस के मुताबिक, हाल के दिनों में पुलिस थानों और सार्वजनिक स्थलों को निशाना बनाकर किए गए ग्रेनेड हमले इसी बड़ी साजिश का हिस्सा हैं। डीजीपी गौरव यादव ने स्पष्ट किया कि (Internal Security Threats) को बढ़ाना पाकिस्तान का मुख्य लक्ष्य है। पाकिस्तान चाहता है कि पंजाब में डर का माहौल पैदा हो, जिससे वहां का विकास और सामाजिक ताना-बाना प्रभावित हो सके। पुलिस अब इन हमलों के पीछे छिपे स्थानीय संपर्कों और सीमा पार बैठे आकाओं के बीच के लिंक को खंगाल रही है।
विदेशी धरती से संचालित हो रहा है आतंकवाद का जाल
डीजीपी ने यह भी बताया कि इस छद्म युद्ध के सूत्रधार केवल पाकिस्तान में ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई अन्य कोनों में भी छिपे हुए हैं। उत्तरी अमेरिका, यूरोप, दक्षिण-पूर्व एशिया और खाड़ी देशों में बैठे कट्टरपंथी (Global Terror Networks) का हिस्सा बनकर भारत के खिलाफ साजिश रच रहे हैं। ये लोग वहां बैठकर युवाओं को गुमराह करने और पंजाब में हथियारों की सप्लाई के लिए फंडिंग जुटाने का काम करते हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती और भी जटिल हो गई है।
भारतीय सुरक्षा बलों का ‘मुंहतोड़ जवाब’
जनरल आसिम मुनीर की आक्रामकता का उत्तर देने के लिए भारतीय सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद हैं। डीजीपी यादव ने विश्वास दिलाया कि सीमा पार से होने वाली किसी भी (Border Security Challenge) को नाकाम करने के लिए पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। पाकिस्तान की हर साजिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है और ड्रोन घुसपैठ को रोकने के लिए आधुनिक तकनीक और रडार सिस्टम का उपयोग बढ़ाया गया है ताकि परिंदा भी पर न मार सके।
छद्म युद्ध के खिलाफ एकजुट भारत
पाकिस्तान की कोशिश है कि वह हथियारों और नशीले पदार्थों के जरिए पंजाब की युवा पीढ़ी को बर्बाद कर दे। लेकिन भारत की (Counter Terrorism Strategy) इतनी मजबूत है कि पाकिस्तान के इन मंसूबों को कभी कामयाबी नहीं मिलेगी। सुरक्षा बलों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे शांति बनाए रखने के लिए किसी भी हद तक जाएंगे। राज्य में अतिरिक्त फोर्स की तैनाती और खुफिया जानकारी साझा करने के तंत्र को और अधिक पुख्ता किया गया है ताकि पाकिस्तान के इस छद्म युद्ध को जड़ से खत्म किया जा सके।
शांति और अखंडता के लिए भविष्य की चुनौती
अंततः, जनरल मुनीर का बयान और पंजाब पुलिस का खुलासा यह साबित करता है कि दक्षिण एशिया में शांति अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। पाकिस्तान को यह समझने की जरूरत है कि (Diplomatic Relations) और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व ही प्रगति का मार्ग है। भारत ने हमेशा शांति का समर्थन किया है, लेकिन अगर देश की संप्रभुता पर आंच आई, तो सेना और पुलिस दोनों ही ईंट का जवाब पत्थर से देने के लिए तैयार खड़ी हैं।



