Uttarakhand Vehicle Scrap Policy: पुरानी गाड़ी छोड़िए और टैक्स में बड़ी छूट पाइए, उत्तराखंड सरकार ने लिया सबसे बड़ा फैसला
Uttarakhand Vehicle Scrap Policy: देवभूमि उत्तराखंड ने पर्यावरण संरक्षण और सड़कों पर सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। सरकार ने पुरानी और धुआं छोड़ती गाड़ियों को हटाने के लिए (Vehicle Scrapping Incentive) योजना को मंजूरी दे दी है। अब यदि आप अपना पुराना वाहन स्क्रैप यानी कबाड़ में देते हैं और उसकी जगह उसी श्रेणी का नया वाहन खरीदते हैं, तो आपको मोटर व्हीकल टैक्स में 50 फीसदी तक की भारी छूट मिल सकती है। परिवहन विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।

केंद्र से प्रोत्साहन राशि पाने की रणनीति
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कैबिनेट के इस फैसले के पीछे केवल पर्यावरण नहीं, बल्कि आर्थिक लाभ भी छिपा है। वित्त विभाग के अनुसार, इस नई व्यवस्था को लागू करने से उत्तराखंड को केंद्र सरकार से (Special Financial Assistance) प्राप्त होगी। भारत सरकार उन राज्यों को पूंजीगत सहायता के तहत लगभग 50 करोड़ रुपये की विशेष प्रोत्साहन राशि देती है जो परिवहन क्षेत्र में सुधार करते हैं। इस प्रकार, यह निर्णय राज्य के राजस्व और नागरिकों दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा।
स्क्रैपिंग की प्रक्रिया और टैक्स छूट का गणित
टैक्स में छूट पाने की प्रक्रिया बहुत ही सरल और पारदर्शी बनाई गई है। वाहन मालिक को अपनी पुरानी गाड़ी किसी मान्यता प्राप्त (Authorized Scrap Center) पर नष्ट करानी होगी, जहां से उसे एक प्रमाण पत्र मिलेगा। इस सर्टिफिकेट को प्रस्तुत करने पर ही नए वाहन के पंजीकरण शुल्क में रियायत मिलेगी। यह छूट निजी वाहनों के लिए 15 वर्ष और व्यावसायिक वाहनों के लिए 8 वर्ष तक मान्य होगी, जिससे पुराने वाहनों का सड़क से हटना सुनिश्चित हो सके।
विभिन्न श्रेणियों में मिलने वाली रियायतों का विवरण
सरकार ने छूट के स्लैब को बहुत ही तर्कसंगत तरीके से तय किया है। निजी कारों और अन्य वाहनों पर मोटरयान कर में 25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। वहीं, (Commercial Vehicle Benefits) के तहत 15 प्रतिशत की रियायत मिलेगी। सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जिनके पास पुराने बीएस-1 और बीएस-2 श्रेणी के वाहन हैं, उन्हें टैक्स में सीधे 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी, ताकि सबसे अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़कों से हटाया जा सके।
नई पंजीकरण दरों पर छूट का सीधा असर
वर्तमान टैक्स स्लैब के अनुसार, यदि आप 10 लाख रुपये की कार खरीदते हैं, तो उसका रजिस्ट्रेशन टैक्स लगभग 90 हजार रुपये होता है। इस नई नीति के तहत, अब (Registration Tax Savings) के रूप में आपको 10,800 रुपये से लेकर 45,000 रुपये तक की बचत हो सकती है। 20 लाख से अधिक कीमत वाले लग्जरी वाहनों पर यह छूट 30 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक जा सकती है, जो वाहन खरीदारों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है।
पुरानी गाड़ियों के प्रति सख्त और नए के प्रति नरम रुख
उत्तराखंड सरकार का यह फैसला उन लोगों के लिए एक अवसर है जो अपने पुराने वाहनों को बदलने की सोच रहे थे। परिवहन सचिव बृजेश कुमार संत ने स्पष्ट किया है कि यह (Environmental Protection Measures) राज्य के पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने के लिए जरूरी है। पहाड़ों पर पुराने वाहनों के कारण होने वाले हादसों और प्रदूषण को कम करने में यह नीति गेम-चेंजर साबित होगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से पूरे राज्य में लागू कर दिया गया है।
डिजिटल सर्टिफिकेट और आसान क्लेम प्रक्रिया
भविष्य में इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करने की योजना है ताकि वाहन मालिकों को आरटीओ के चक्कर न काटने पड़ें। (Digital Governance in Transport) के तहत स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट को वाहन पोर्टल से जोड़ा जाएगा, जिससे नया वाहन खरीदते समय शोरूम पर ही छूट का लाभ मिल सके। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले एक वर्ष में राज्य की सड़कों से कम से कम 20 प्रतिशत पुराने और अनफिट वाहनों को हटा दिया जाए।



