BSNL VoWiFi Service Launch 2026: BSNL की इस सेवा ने खत्म किया नेटवर्क का झंझट, अब पाताल से भी होगी साफ़ बात…
BSNL VoWiFi Service Launch 2026: भारत के टेलीकॉम जगत में 1 जनवरी 2026 की सुबह एक नई उम्मीद लेकर आई है। देश की भरोसेमंद सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL ने नए साल के तोहफे के रूप में अपनी बहुप्रतीक्षित Voice over WiFi सेवा को पूरे देश में लाइव कर दिया है। यह कदम उन करोड़ों ग्राहकों के लिए (nationwide telecom network expansion) की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा, जो अक्सर बंद कमरों या दूर-दराज के इलाकों में सिग्नल न होने की वजह से अपनों से कट जाते थे। अब आपका मोबाइल नेटवर्क न होने पर भी आपकी बातचीत नहीं रुकेगी, क्योंकि तकनीक ने कनेक्टिविटी की परिभाषा बदल दी है।

क्या है VoWiFi तकनीक: बिना सिग्नल वाली कॉलिंग का विज्ञान
अक्सर लोग भ्रमित हो जाते हैं कि क्या यह किसी थर्ड-पार्टी ऐप जैसा है, लेकिन सच तो यह है कि VoWiFi पूरी तरह से अलग और एडवांस तकनीक है। यह सेवा आपके मौजूदा वाई-फाई कनेक्शन को एक वर्चुअल मोबाइल टॉवर में तब्दील कर देती है, जिससे (internet based calling technology) का उपयोग करके आप सीधे अपने फोन के डायलर से कॉल कर सकते हैं। इसके लिए आपको व्हाट्सएप या टेलीग्राम जैसे किसी बाहरी माध्यम की आवश्यकता नहीं पड़ती। जैसे ही आपका फोन वाई-फाई से जुड़ता है, वह मोबाइल नेटवर्क की अनुपस्थिति में भी कॉल और मैसेज भेजने की क्षमता हासिल कर लेता है।
कमजोर कवरेज का अंत: बेसमेंट और दफ्तरों में भी मिलेगी राहत
शहरी इलाकों में ऊंची इमारतों के बेसमेंट या फिर ग्रामीण क्षेत्रों के घने जंगलों के बीच मोबाइल सिग्नल मिलना एक बड़ी चुनौती रही है। BSNL की इस नई पहल से अब (indoor cellular coverage issues) का हमेशा के लिए समाधान हो गया है। घर के अंदर, गहरी तहखानों या फिर दफ्तरों के उन कोनों में जहां मोबाइल नेटवर्क की सुई तक नहीं हिलती, वहां अब वाई-फाई के जरिए स्पष्ट और एचडी क्वालिटी की वॉयस कॉलिंग संभव होगी। यह सेवा उन लाखों लोगों के लिए जीवनरेखा बनेगी जो वर्क-फ्रॉम-होम या रिमोट लोकेशन्स से काम करते हैं।
बिना किसी अतिरिक्त खर्च के प्रीमियम अनुभव
BSNL की इस सेवा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए ग्राहकों को कोई अलग से शुल्क नहीं देना होगा। आपके मौजूदा रिचार्ज प्लान के डेटा या टॉकटाइम का उपयोग करके ही (cost effective calling solutions) के तहत यह सुविधा काम करेगी। सबसे अच्छी बात यह है कि मोबाइल नेटवर्क और वाई-फाई के बीच कॉल का हैंडओवर इतना स्मूद होता है कि बात करते समय अगर आप वाई-फाई के दायरे से बाहर निकलते हैं, तो कॉल कटने के बजाय अपने आप मोबाइल नेटवर्क पर शिफ्ट हो जाती है। यह निर्बाध अनुभव ही इसे खास बनाता है।
आसान सेटअप: बस एक सेटिंग और समस्या का समाधान
इस आधुनिक सेवा का लाभ उठाना किसी रॉकेट साइंस जैसा जटिल काम नहीं है। अधिकांश आधुनिक स्मार्टफोन्स में (handset compatibility check) के साथ यह फीचर पहले से ही इनबिल्ट आता है। आपको बस अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर ‘वाई-फाई कॉलिंग’ के विकल्प को खोजना है। एक बार इस विकल्प को सक्रिय करने के बाद, आपका फोन खुद-ब-खुद यह तय कर लेता है कि कब उसे वाई-फाई नेटवर्क का उपयोग करके कॉल लगानी है। तकनीक की यह सुगमता आम आदमी को डिजिटल इंडिया के और करीब ले जाती है।
स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: कैसे सक्रिय करें अपनी सेवा
अपने फोन पर BSNL की इस सेवा को शुरू करने के लिए कुछ साधारण चरणों का पालन करना होगा। सबसे पहले अपने फोन को किसी भी सक्रिय वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्ट करें। इसके बाद, फोन की मुख्य सेटिंग्स में जाकर ‘कनेक्शन’ या ‘मोबाइल नेटवर्क’ के विकल्प पर टैप करें। वहां आपको (wi-fi calling activation guide) के अनुसार ‘वाई-फाई कॉलिंग’ का बटन दिखाई देगा, जिसे ऑन करते ही आपके स्टेटस बार में VoWiFi का आइकन चमकने लगेगा। अब आप बिना किसी डर के, चाहे सिग्नल हो या न हो, कॉल कर सकते हैं।
ग्रामीण भारत के लिए डिजिटल वरदान
BSNL का नेटवर्क हमेशा से भारत के सुदूर क्षेत्रों की पहचान रहा है। अब VoWiFi सेवा के आने से उन गांवों में भी डिजिटल क्रांति आएगी जहां पहाड़ों या खराब मौसम के कारण नेटवर्क की समस्या बनी रहती थी। अब (rural connectivity improvements) के माध्यम से किसान, छात्र और छोटे व्यापारी केवल एक वाई-फाई हॉटस्पॉट के जरिए पूरी दुनिया से जुड़े रह सकेंगे। सरकारी टेलीकॉम कंपनी का यह कदम निजी कंपनियों के एकाधिकार को चुनौती देने के साथ-साथ आम जनता को सशक्त बनाने वाला है।
1 जनवरी 2026 से शुरू हुई यह सेवा केवल एक तकनीकी अपडेट नहीं है, बल्कि यह करोड़ों भारतीयों के संचार के तरीके में आया एक बड़ा बदलाव है। BSNL ने यह साबित कर दिया है कि वह अपने (digital transformation initiatives) के जरिए आधुनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। अब मोबाइल टावर की दूरी आपके रिश्तों के बीच की दूरी नहीं बनेगी। अगर आपके पास वाई-फाई है, तो आपके पास पूरा नेटवर्क है। यह नए भारत की नई संचार व्यवस्था है, जो सबको साथ लेकर चलने का संकल्प पूरा करती है।



