Indian Stock Market Opening Updates: दलाल स्ट्रीट की धड़कनें तेज! क्या चिप मार्केट की तेजी भारतीय निवेशकों को बनाएगी मालामाल…
Indian Stock Market Opening Updates: भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों, सेंसेक्स और निफ्टी 50 के लिए आज की सुबह एक सधी हुई शुरुआत की ओर इशारा कर रही है। शुरुआती रुझानों को देखें तो गिफ्ट निफ्टी में मात्र 11 अंकों की मामूली बढ़त देखी गई है, जो (Market volatility) के इस दौर में स्थिरता का एक संकेत हो सकता है। वेनेजुएला में चल रहे राजनीतिक संकट के बावजूद घरेलू बाजार के लिए 26544 के स्तर पर ट्रेड करना निवेशकों के लिए एक सकारात्मक मनोवैज्ञानिक सहारा प्रदान कर रहा है, जिससे उम्मीद बंधी है कि बाजार अपनी मजबूती बनाए रखेगा।

एशियाई बाजारों में रिकॉर्ड तोड़ तेजी का माहौल
एशियाई इक्विटी बाजारों ने आज एक नया इतिहास रच दिया है, जहां प्रमुख सूचकांक अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। निवेशकों ने इस बार (Technology sector) पर अपना सबसे बड़ा दांव लगाया है, जिससे चिप बनाने वाली कंपनियों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी फर्मों को जबरदस्त मजबूती मिली है। पिछले साल शुरू हुई तकनीकी शेयरों की यह रैली अब और भी व्यापक होती जा रही है, जो वैश्विक मंदी की आशंकाओं के बीच एक उम्मीद की किरण बनकर उभरी है।
सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में भारी उछाल
इस क्षेत्र के लिए MSCI का बेंचमार्क स्टॉक इंडेक्स 1.5% तक चढ़ गया है, जिसमें सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी दिग्गज सेमीकंडक्टर कंपनियों ने सबसे ज्यादा मुनाफा कमाया है। उभरते बाजारों के (Equity index) में आई इस ऐतिहासिक तेजी ने अमेरिका के फ्यूचर्स मार्केट को भी ऊपर उठाने में मदद की है। चिप और डेटा सेंटर की बढ़ती मांग ने निवेशकों के भरोसे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है, जिसका असर भारतीय आईटी और टेक स्टॉक्स पर भी देखने को मिल सकता है।
सोने और चांदी की कीमतों ने मारी लंबी छलांग
सुरक्षित निवेश के तौर पर जानी जाने वाली पीली धातु यानी सोने की चमक आज और ज्यादा बढ़ गई है। सोने की कीमतें 2% तक उछलकर $4,400 प्रति औंस के पार पहुंच गई हैं, जिसने (Bullion market) के पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। वहीं दूसरी ओर चांदी में भी 4.8% की जोरदार तेजी दर्ज की गई है। कमोडिटी बाजार में आई यह हलचल दर्शाती है कि वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशक अब भी कीमती धातुओं को सबसे सुरक्षित ठिकाना मान रहे हैं।
तेल के बाजार में वेनेजुएला संकट का गहरा असर
सप्ताहांत में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाने के कदम ने तेल की कीमतों में अस्थिरता पैदा कर दी है। शुरुआती एशियाई कारोबार में (Crude oil prices) में लगभग 1.2% की गिरावट देखी गई थी, लेकिन जल्द ही बाजार ने खुद को संभाल लिया। फिलहाल ब्रेंट क्रूड 60.91 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। तेल की आपूर्ति को लेकर बनी यह अनिश्चितता आने वाले दिनों में भारतीय मुद्रा और आयात बिल पर सीधा असर डाल सकती है।
डॉलर और क्रिप्टोकरेंसी के मोर्चे पर ताजा स्थिति
विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर का ब्लूमबर्ग गेज 0.1% की मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है, जबकि ट्रेजरी यील्ड में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया। वहीं डिजिटल संपत्तियों की बात करें तो (Cryptocurrency investment) के क्षेत्र में बिटकॉइन ने एक बार फिर सबसे ज्यादा बढ़त हासिल कर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। वित्तीय बाजारों का यह मिला-जुला रुख बताता है कि निवेशक अभी भी ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में हैं और बड़े आर्थिक डेटा का इंतजार कर रहे हैं।
भारतीय निवेशकों के लिए आगे की राह और रणनीति
आज के कारोबार में भारतीय निवेशकों की नजरें मुख्य रूप से ग्लोबल ट्रिगर्स और विदेशी संस्थागत निवेशकों की चाल पर टिकी होंगी। यदि एशियाई बाजारों की तेजी (Domestic sentiment) को सपोर्ट करती है, तो हम निफ्टी में निचले स्तरों से खरीदारी देख सकते हैं। हालांकि, वेनेजुएला के घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए रिटेल निवेशकों को सावधानी बरतने और स्टॉप-लॉस के साथ व्यापार करने की सलाह दी जाती है, ताकि बाजार के अचानक यू-टर्न से बचा जा सके।



