Motihari Suspected Suicide Case: मोतिहारी में दिखा खौफनाक मंजर, पेड़ से लटके मिले प्रेमी युगल के शव
Motihari Suspected Suicide Case: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतीहारी से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां सुगौली थाना क्षेत्र के बौद्धा गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में एक युवक और युवती के शव बरामद हुए हैं। सोमवार को गांव के सरेह (खेत) में पेड़ से लटके इन शवों को देखकर ग्रामीणों के होश उड़ गए। (Crime Scene Investigation) के दौरान पुलिस को दोनों के गले पर गहरे निशान मिले हैं, जो मामले की गंभीरता को और बढ़ा रहे हैं। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत और चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।

लापता होने के बाद मिला दर्दनाक अंजाम
बताया जा रहा है कि मृतक युवक और युवती हरसिद्धि थाना क्षेत्र के एक ही गांव के रहने वाले थे। दोनों सोमवार की शाम से ही रहस्यमयी तरीके से अपने-अपने घरों से लापता थे। परिजनों ने पूरी रात (Missing Person Search) की, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला। सुबह होते ही जब सुगौली के बौद्धा गांव में स्थानीय लोगों की नजर पेड़ से लटकते शवों पर पड़ी, तो कोहराम मच गया। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद छानबीन शुरू हुई।
प्रेम-प्रसंग या ऑनर किलिंग का शक
थानाध्यक्ष अनीश कुमार सिंह के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह मामला गहरे प्रेम-प्रसंग से जुड़ा हुआ जान पड़ता है। पुलिस को संदेह है कि सामाजिक दबाव या पारिवारिक विरोध के चलते दोनों ने (Suicide by Hanging) जैसा आत्मघाती कदम उठाया होगा। हालांकि, पुलिस इस बात से भी इनकार नहीं कर रही है कि यह हत्या का मामला भी हो सकता है। पुलिस अब आत्महत्या और हत्या, दोनों ही एंगल्स से सबूत जुटाने में लगी है ताकि सच सामने आ सके।
एक ही बेंच पर बिलखते दो परिवार
इस घटना की सबसे मार्मिक तस्वीर हरसिद्धि थाने में देखने को मिली, जहां दोनों पक्षों की महिलाएं एक ही बेंच पर बैठकर अपने बच्चों की मौत पर बिलख रही थीं। कल तक जो परिवार शायद एक-दूसरे के विरोध में थे, आज (Family Grief and Tragedy) ने उन्हें एक साथ लाकर खड़ा कर दिया है। परिजनों के करुण क्रंदन से थाना परिसर का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। पुलिस इन परिवारों से भी पूछताछ कर रही है ताकि उनकी आपसी रंजिश या संबंधों के बारे में जानकारी मिल सके।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है जांच की दिशा
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि (Post Mortem Examination Report) ही इस गुत्थी को सुलझाने की असली चाबी होगी। रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत का समय क्या था और क्या फंदे पर लटकने से पहले उनके साथ किसी प्रकार की जोर-जबरदस्ती की गई थी। गले के निशान और शरीर की अन्य चोटें यह बताने में मदद करेंगी कि यह आत्महत्या है या फिर सुनियोजित तरीके से की गई हत्या।
वैज्ञानिक तरीके से जुटाई जा रही फॉरेंसिक मदद
परिक्षयमान डीएसपी सह थानाध्यक्ष ऋषभ कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घोषणा की है कि इस केस की जांच पूरी तरह से ‘वैज्ञानिक’ तरीके से की जाएगी। (Forensic Science Investigation) टीम घटनास्थल से फिंगरप्रिंट्स और अन्य साक्ष्य जुटा रही है। मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स की भी पड़ताल की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि लापता होने के बाद से मौत होने तक वे किसके संपर्क में थे और उनकी आखिरी लोकेशन क्या थी।
घटनास्थल पर पुलिस की पैनी नजर
सुगौली पुलिस की टीमें लगातार घटनास्थल और मृतकों के गांव का दौरा कर रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों से भी पूछताछ की जा रही है कि क्या उन्होंने सोमवार की रात किसी संदिग्ध गतिविधि को देखा था। (Local Police Action) के तहत गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल तैनात किया गया है, क्योंकि इस तरह की घटनाओं के बाद अक्सर तनाव की स्थिति पैदा हो जाती है। पुलिस हर छोटे से छोटे सुराग को जोड़ने की कोशिश कर रही है।
सामाजिक कुरीतियों पर उठते सवाल
मोतिहारी की यह घटना एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में प्रेम-प्रसंगों को लेकर व्याप्त कट्टरता और सामाजिक बंदिशों की ओर इशारा करती है। अक्सर (Social Stigma on Love) के डर से युवा ऐसे कदम उठाते हैं या फिर वे हिंसक वारदातों का शिकार हो जाते हैं। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है कि कहीं यह ‘ऑनर किलिंग’ का मामला तो नहीं है, जिसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई हो।
न्याय की उम्मीद और अगली कार्रवाई
फिलहाल, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। डीएसपी ऋषभ कुमार ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और सच जल्द ही सबके सामने होगा। (Criminal Justice Process) को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए पुलिस हर एंगल से कड़ियां जोड़ रही है। इस घटना ने बौद्धा गांव और हरसिद्धि के लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है, और हर कोई बस यही पूछ रहा है कि आखिर उन मासूम जिंदगियों का कसूर क्या था?



