लेटेस्ट न्यूज़

Ajit Doval VBYLD 2026 Speech: अजीत डोभाल ने युवाओं को याद दिलाया वो खौफनाक अतीत, जिसे जानकर कांप उठेगी रूह…

Ajit Doval VBYLD 2026 Speech: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने एक बार फिर अपने शब्दों से राष्ट्रभक्ति की अलख जगाई है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एक गरिमामयी समारोह के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की स्वतंत्रता का मार्ग फूलों की सेज नहीं था। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि हमारी पीढ़ियों ने इस मिट्टी के लिए असहनीय अपमान, सामूहिक विनाश और भारी नुकसान झेला है। (sacrifices for Indian independence) का जिक्र करते हुए डोभाल ने बताया कि यह आजादी हमें बहुत बड़ी कीमत चुकाने के बाद मिली है, जिसे आज की पीढ़ी को कभी भी कमतर नहीं आंकना चाहिए।

Ajit Doval VBYLD 2026 Speech
Ajit Doval VBYLD 2026 Speech
WhatsApp Group Join Now

बेबस पूर्वज और जलते हुए गांवों की दास्तां

अजीत डोभाल ने इतिहास के उन काले पन्नों को पलटा जब भारत बेबसी के दौर से गुजर रहा था। उन्होंने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं, वह हमेशा से ऐसा नहीं था। हमारे पूर्वजों ने वह दौर देखा है जब हमारे गांव के गांव जला दिए गए और हमारी महान सभ्यता को योजनाबद्ध तरीके से नष्ट किया गया। (historical struggle of India) को याद करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे मंदिरों को लूटा गया और हम केवल मूकदर्शक बनकर देखते रहे। यह विवशता हमारे इतिहास का वह घाव है जो आज के युवाओं को प्रेरित करना चाहिए।

बदले की भावना और महान भारत का विजन

युवाओं को संबोधित करते हुए एनएसए ने एक बहुत ही कड़ा लेकिन सार्थक शब्द इस्तेमाल किया— ‘बदला’। उन्होंने कहा कि यद्यपि ‘बदला’ शब्द सामान्यतः नकारात्मक माना जाता है, लेकिन यह एक अत्यंत शक्तिशाली ताकत है। हमें अपने अपमानजनक इतिहास का बदला लेना है, लेकिन युद्ध से नहीं बल्कि निर्माण से। हमें (rebuilding a great India) के संकल्प के साथ देश को उस ऊंचाई पर ले जाना है जहां हम अपने अधिकारों, अपने मौलिक विचारों और अपनी प्राचीन मान्यताओं के आधार पर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में खड़े हो सकें।

शांतिप्रिय सभ्यता और सुरक्षा की अनदेखी का सबक

डोभाल ने भारत की प्राचीन सभ्यता के गौरव का उल्लेख करते हुए कहा कि हम हमेशा से एक उन्नत और शांतिप्रिय राष्ट्र रहे हैं। हमने कभी किसी विदेशी भूमि पर हमला नहीं किया और न ही किसी के धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाया। लेकिन इसी शांतिप्रिय स्वभाव के बीच हम (national security threats awareness) को समझने में चूक कर गए। जब दुनिया पिछड़ी हुई थी, तब हम विकसित थे, परंतु अपनी सुरक्षा के प्रति लापरवाही ने हमें सदियों की गुलामी और बर्बादी के गर्त में धकेल दिया।

इतिहास को भूलना होगी सबसे बड़ी त्रासदी

आने वाली पीढ़ियों के लिए चेतावनी जारी करते हुए अजीत डोभाल ने कहा कि अतीत की गलतियों से सीखना ही भविष्य की सुरक्षा की गारंटी है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हमने इतिहास के उन कठोर पाठों से कुछ सीखा है? उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर भावी पीढ़ियां अपने पूर्वजों के संघर्ष और सुरक्षा की चुनौतियों को भूल गईं, तो यह (tragedy of forgetting history) इस देश के लिए सबसे घातक साबित होगी। युवाओं को अतीत की उन कमजोरियों को याद रखना चाहिए जिन्होंने हमें कभी बेबस बनाया था।

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग का आगाज

यह ओजस्वी संबोधन नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ (VBYLD 2026) के भव्य उद्घाटन के अवसर पर दिया गया। युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित इस अनूठी पहल का उद्देश्य देश की युवा शक्ति को एकजुट करना है। इस मंच के माध्यम से (youth empowerment initiatives India) को नई दिशा दी जा रही है, ताकि देश के कोने-कोने से आई युवा प्रतिभाएं राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ सकें और अपनी समस्याओं व सुझावों को शासन के समक्ष रख सकें।

भारत मंडपम में 2000 युवा प्रतिभाओं का संगम

9 से 12 जनवरी तक चलने वाले इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न राज्यों से 2000 से अधिक युवा हिस्सा ले रहे हैं। यह आयोजन केवल चर्चा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नवाचार और भविष्य की योजनाओं पर भी गहन विचार-विमर्श हो रहा है। (VBYLD 2026 participants) विभिन्न विषयों पर अपनी विशेषज्ञता साझा कर रहे हैं। अजीत डोभाल ने इन युवाओं को भारत के पुनर्निर्माण का मुख्य स्तंभ बताया और उन्हें अपनी जड़ों से जुड़े रहने की सलाह दी।

विकसित भारत@2047: एक साझा विजन

इस डायलॉग का मूल केंद्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘विकसित भारत@2047’ का विजन है। डोभाल ने युवाओं को याद दिलाया कि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है। (Vikasit Bharat 2047 vision) को हकीकत में बदलने के लिए तकनीकी कौशल के साथ-साथ ऐतिहासिक चेतना का होना भी अनिवार्य है। युवाओं को एक ऐसा भारत बनाना है जो न केवल आर्थिक रूप से समृद्ध हो, बल्कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी अभेद्य हो।

मूल्यों और अधिकारों पर आधारित नया भारत

अजीत डोभाल का भाषण केवल अतीत की बात नहीं था, बल्कि भविष्य का एक रोडमैप था। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने मूल्यों, अधिकारों और विश्वासों के प्रति अडिग रहें। (building a values-based nation) की प्रक्रिया में युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक महान भारत का निर्माण तभी संभव है जब हम अपनी पहचान और अपने अधिकारों के लिए दुनिया की आंखों में आंखें डालकर बात करने का साहस जुटा सकें।

 युवाओं के भीतर जलनी चाहिए बदलाव की आग

एनएसए अजीत डोभाल के इस संबोधन ने देशभर के युवाओं में एक नई ऊर्जा का संचार किया है। उनका संदेश स्पष्ट है—इतिहास को केवल पढ़ना नहीं है, बल्कि उससे सीखकर भविष्य को सुरक्षित करना है। (youth leadership development India) के लिए आयोजित यह डायलॉग युवाओं को यह समझाने में सफल रहा है कि आजादी की कीमत कितनी बड़ी थी। अब समय है कि भारत का हर युवा उस गौरव को वापस लाने के लिए कार्य करे, जिसे हमने सदियों पहले खो दिया था।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.