उत्तराखण्ड

Uttarakhand Weather Forecast Today: मैदानों में कोहरे का कोहराम और पहाड़ों में बर्फबारी की तैयारी, जानें अगले 48 घंटे का हाल

Uttarakhand Weather Forecast Today: उत्तराखंड के मैदानी जिलों में इन दिनों सूखी ठंड ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए मंगलवार को हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलों में (Cold Day Alert in Uttarakhand) गंभीर स्थिति रहने की चेतावनी दी है। इन क्षेत्रों में सूरज की लुका-छिपी के बीच ठिठुरन भरी हवाएं चल रही हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दिन के समय भी धूप न निकलने के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है, जो बुजुर्गों और बच्चों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।

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कोहरे की चादर में लिपटे उत्तराखंड के छह जिले

ठिठुरन के साथ-साथ कोहरा भी अब यातायात और आम आदमी की मुसीबतें बढ़ा रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के छह प्रमुख जिलों के मैदानी हिस्सों में (Dense Fog Warning) को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के अलावा नैनीताल, चंपावत, पौड़ी और देहरादून के तराई क्षेत्रों में दृश्यता काफी कम रहने के आसार हैं। सुबह और रात के समय घने कोहरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

17 जनवरी से करवट लेगा मौसम का मिजाज

सूखी ठंड और सूखे जैसे हालातों के बीच उत्तराखंड के लिए राहत की खबर भी सामने आई है। लंबे इंतजार के बाद मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि 17 और 18 जनवरी को (Snowfall in Hill Stations) के साथ बारिश की वापसी हो सकती है। राज्य के तीन पर्वतीय जिलों में इस दौरान हल्की से मध्यम बर्फबारी होने की प्रबल संभावना है। यदि ऐसा होता है, तो यह न केवल पर्यावरण और बागवानी के लिए अच्छा होगा, बल्कि सूखे की स्थिति का सामना कर रहे काश्तकारों के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं होगा।

पहाड़ों में पाला और पाताल में सर्दी का पहरा

मैदानी इलाकों में जहां कोहरे का राज है, वहीं ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में पाला गिरने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार, शुष्क मौसम के बीच (Sub Zero Temperature Chances) रात के समय काफी बढ़ गए हैं। पाला गिरने से संपर्क मार्गों पर फिसलन बढ़ जाती है और कृषि फसलों को भी नुकसान होने की आशंका रहती है। पहाड़ों की चोटियों पर पाले के कारण न्यूनतम तापमान तेजी से नीचे गिर रहा है, जिससे कड़ाके की सर्दी महसूस की जा रही है।

राजधानी देहरादून में पारा पांच डिग्री के नीचे लुढ़का

प्रदेश की राजधानी देहरादून में भी रात के समय ठंड का प्रकोप अपने चरम पर है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, दून का न्यूनतम तापमान (Dehradun Winter Statistics) गिरकर 4.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। यह सामान्य से एक डिग्री कम दर्ज किया गया है, जिसने पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। हालांकि, दिन में अच्छी धूप खिलने की वजह से अधिकतम तापमान 21.6 डिग्री के आसपास बना हुआ है, जिससे लोगों को दिन में थोड़ी राहत मिल रही है, लेकिन सूरज ढलते ही ठंडी हवाएं फिर से कब्जा कर लेती हैं।

पंतनगर और मुक्तेश्वर के तापमान में अजीब विरोधाभास

उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में तापमान का एक अनोखा पैटर्न देखने को मिल रहा है। जहां पंतनगर में अधिकतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से दो डिग्री कम है, वहीं मुक्तेश्वर जैसे पहाड़ी केंद्र में (Temperature Variation in Mountains) सामान्य से 6 डिग्री अधिक दर्ज किया गया है। मुक्तेश्वर का अधिकतम तापमान 18.5 डिग्री रहा, जिससे यह स्पष्ट होता है कि फिलहाल पहाड़ों में दिन गर्म और मैदानों में दिन ठंडे महसूस किए जा रहे हैं। मैदानी क्षेत्रों में धूप न निकलने के कारण ‘कोल्ड डे’ की स्थिति बनी हुई है।

पर्यटन और कृषि पर मौसम के बदलाव का असर

उत्तराखंड में बर्फबारी का इंतजार केवल पर्यटक ही नहीं, बल्कि स्थानीय कारोबारी भी बेसब्री से कर रहे हैं। इस साल जनवरी के मध्य तक (Himachal and Uttarakhand Snow Season) सुस्त रहने के कारण पर्यटन उद्योग को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। 17 जनवरी के बाद होने वाली संभावित बर्फबारी से मसूरी, धनोल्टी और चकराता जैसे इलाकों में पर्यटकों की आमद बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, बारिश होने से रबी की फसलों को नया जीवन मिलेगा, जो लंबे समय से सिंचाई के लिए आसमान की ओर देख रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग की सलाह और एहतियाती कदम

भीषण ठंड और कोहरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी की है। हृदय रोगियों और श्वास संबंधी समस्याओं से ग्रसित लोगों को (Health Precautions in Winter) विशेष ध्यान देने को कहा गया है। कोहरे के दौरान बाहरी गतिविधियों से बचने और गर्म तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन ने भी चिन्हित चौराहों पर अलाव की व्यवस्था करने और रैन बसेरों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं ताकि बेघर लोगों को इस कड़कड़ाती ठंड से बचाया जा सके।

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