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Team India ODI Strategy 2027: कप्तानी गई तो क्या हुआ, 2027 वर्ल्ड कप जिताने के लिए दिग्गजों ने संभाली कमान…

Team India ODI Strategy 2027: भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने टीम इंडिया के दो सबसे बड़े सितारों, विराट कोहली और रोहित शर्मा को लेकर एक बेहद सकारात्मक और महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। मंगलवार को राजकोट में मीडिया से रूबरू होते हुए कोटक ने स्पष्ट किया कि भले ही रोहित और विराट अब टीम की आधिकारिक कप्तानी नहीं कर रहे हैं, लेकिन टीम की (Future cricket goals planning) में उनकी भूमिका आज भी उतनी ही प्रभावशाली है। ये दोनों दिग्गज खिलाड़ी भारतीय वनडे टीम की दीर्घकालिक रणनीति का एक अभिन्न हिस्सा बने हुए हैं और हर कदम पर अपना योगदान दे रहे हैं।

Team India ODI Strategy 2027
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कप्तानी नहीं पर लीडरशिप ग्रुप में कायम है रूतबा

सितांशु कोटक का दावा है कि विराट कोहली और रोहित शर्मा का कद कप्तानी के पदों से कहीं ऊपर है और वे आज भी ‘लीडरशिप ग्रुप’ के मुख्य स्तंभ हैं। उन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले से पहले (Experienced players guidance) टीम के लिए संजीवनी का काम कर रही है। दोनों दिग्गज खिलाड़ी न केवल टीम के भीतर मौजूद हैं, बल्कि वे सक्रिय रूप से नए खिलाड़ियों को राह दिखाने और मैदान पर जीत की रूपरेखा तैयार करने में जुटे हुए हैं। उनके पास मौजूद सालों का अनुभव टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी पूंजी साबित हो रहा है।

गंभीर और दिग्गज खिलाड़ियों का त्रिकोणीय तालमेल

भारतीय ड्रेसिंग रूम के माहौल को लेकर कोच कोटक ने बताया कि मुख्य कोच गौतम गंभीर और इन दोनों सीनियर खिलाड़ियों के बीच बेहतरीन तालमेल है। दक्षिण अफ्रीका में होने वाले अगले विश्व कप को ध्यान में रखते हुए (Coaching staff and player chemistry) पर विशेष जोर दिया जा रहा है। गंभीर, रोहित और विराट अक्सर घंटों तक वनडे प्रारूप की बारीकियों और विपक्षी टीमों के खिलाफ बनने वाली योजनाओं पर चर्चा करते हैं। यह त्रिकोणीय जुगलबंदी भारतीय क्रिकेट को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध नजर आती है।

सोशल मीडिया की अफवाहों पर कोच का करारा प्रहार

पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर विराट कोहली, रोहित शर्मा और नए कोचिंग स्टाफ के बीच मनमुटाव की खबरें खूब उड़ाई जा रही थीं। इन अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए सितांशु कोटक ने कहा कि वे (Social media misinformation check) करने के लिए खुद ऐसी खबरों से दूर रहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि टीम के भीतर सब कुछ बहुत सकारात्मक है और दोनों सीनियर खिलाड़ी आपस में और स्टाफ के साथ निरंतर संवाद करते हैं। कोटक के अनुसार, मैदान के बाहर की बातें केवल भ्रम पैदा करती हैं, जबकि असलियत में टीम पूरी तरह एकजुट है।

दक्षिण अफ्रीका वर्ल्ड कप के लिए तैयार हो रही नई रणनीति

भारतीय टीम मैनेजमेंट का अगला सबसे बड़ा लक्ष्य दक्षिण अफ्रीका में होने वाला वनडे विश्व कप है, जिसके लिए अभी से जमीन तैयार की जा रही है। कोच ने बताया कि (Long term world cup strategy) पर काम शुरू हो चुका है और इसमें विराट-रोहित की राय को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। चूंकि ये दोनों दिग्गज अब केवल वनडे फॉर्मेट पर ही अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, इसलिए उनकी कोशिश हर मैच को जीतने और टीम के भीतर एक ‘विनिंग कल्चर’ विकसित करने की है ताकि विश्व कप तक टीम अजेय बन सके।

वनडे क्रिकेट के नए नियमों ने बढ़ाई चुनौतियां

बल्लेबाजी कोच ने एक तकनीकी पहलू पर भी चर्चा की जिसने आगामी समय में बल्लेबाजों के सामने नई चुनौती पेश की है। मार्च में टी20 विश्व कप की समाप्ति के बाद वनडे क्रिकेट में (Impact of new cricket rules) को समझना और उसे अपनाना बेहद जरूरी हो गया है। विशेषकर 34वें ओवर के बाद एक नई गेंद के नियम के चलते अब बल्लेबाजी शैली में बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही है। कोटक के अनुसार, अब गेंदबाजी करने वाली टीम को अंतिम ओवरों के लिए दो में से एक गेंद चुनने का विकल्प मिलता है, जिसके लिए भारतीय बल्लेबाजों को विशेष रूप से तैयार किया जा रहा है।

अनुभव साझा करने की निरंतर प्रक्रिया

ड्रेसिंग रूम के अंदरूनी दृश्यों का जिक्र करते हुए कोटक ने बताया कि वे अक्सर विराट और रोहित को युवा खिलाड़ियों के साथ बातचीत करते हुए देखते हैं। जब भी वे रणनीति पर चर्चा करते हैं, तो (Knowledge sharing in sports) का एक सुंदर उदाहरण पेश करते हैं। सीनियर खिलाड़ियों का यह व्यवहार न केवल टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाता है, बल्कि कठिन परिस्थितियों में मैच को पलटने का हुनर भी सिखाता है। कोटक खुद भी उन चर्चाओं का हिस्सा होते हैं और दिग्गजों के इन सुझावों को टीम की जीत के फार्मूले में बदलने का काम करते हैं।

भविष्य की वनडे रणनीति और कोच का विजन

आने वाले समय में भारतीय टीम को अधिक वनडे मैच खेलने हैं, जो खिलाड़ियों की फिटनेस और तकनीक की कड़ी परीक्षा लेंगे। बल्लेबाजी कोच का विजन स्पष्ट है कि टीम को (Adapting to batting conditions) में माहिर होना पड़ेगा, खासकर तब जब खेल के नियम बदल रहे हों। विराट और रोहित का नेतृत्व कौशल इस बदलाव के दौर में टीम इंडिया को स्थिरता प्रदान करेगा। सितांशु कोटक के दावों ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य अनुभवी और तेज-तर्रार हाथों में सुरक्षित है और मिशन 2027 के लिए नीली जर्सी वाली टीम पूरी तरह तैयार है।

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