How to knead multigrain flour: मल्टीग्रेन आटे से रोटी बनाना अब नहीं होगा सिरदर्द, इस ट्रिक से गीले आटे की टेंशन हो जाएगी छूमंतर
How to knead multigrain flour: आज के भागदौड़ भरे जीवन में हर इंसान अपनी सेहत और खान-पान को लेकर काफी सतर्क हो गया है। लोग अब रिफाइंड और साधारण गेहूं के आटे की जगह (Health conscious lifestyle choices) को अपना रहे हैं और मल्टीग्रेन आटे की रोटियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इस आटे में ज्वार, रागी और बाजरा जैसे कई पौष्टिक मोटे अनाज मिलाए जाते हैं, जो शरीर को अंदरूनी ताकत प्रदान करते हैं। हालांकि, इसका स्वाद साधारण रोटियों की तुलना में थोड़ा कड़वा या अलग हो सकता है, लेकिन स्वास्थ्य के नजरिए से यह किसी औषधि से कम नहीं है।

बीमारियों के खिलाफ ढाल है यह खास आटा
मल्टीग्रेन आटे से बनी रोटियां न केवल वजन घटाने में मदद करती हैं, बल्कि यह हार्ट और शुगर के मरीजों के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती हैं। पेट से जुड़ी समस्याओं और (Chronic disease management diet) के लिए डॉक्टर अक्सर इस तरह के मिश्रित अनाज के सेवन की सलाह देते हैं। फाइबर से भरपूर होने के कारण यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और लंबे समय तक भूख नहीं लगने देता। यही वजह है कि जिम जाने वाले युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, अब हर घर की रसोई में मल्टीग्रेन आटे ने अपनी जगह बना ली है।
गीले आटे की समस्या और रसोई की असली मशक्कत
मल्टीग्रेन आटा जितना सेहतमंद है, इसे गूंथना और इसकी रोटियां बनाना उतना ही चुनौतीपूर्ण काम हो सकता है। अक्सर महिलाएं शिकायत करती हैं कि यह आटा बहुत जल्दी पानी सोख लेता है और गूंथने के कुछ ही देर बाद (Dough consistency problems) के कारण गीला होने लगता है। अगर आटा बहुत ज्यादा चिपचिपा या गीला हो जाए, तो उससे गोल और फूली हुई रोटियां बनाना किसी पहाड़ तोड़ने जैसा मुश्किल काम लगने लगता है। इसी परेशानी को दूर करने के लिए कुछ खास रसोई ट्रिक्स का पता होना बहुत जरूरी है।
आटा गूंथने का सही तरीका और पानी का चुनाव
मल्टीग्रेन आटा गूंथते समय सबसे पहली सावधानी पानी के तापमान को लेकर बरतनी चाहिए। इस काम के लिए हमेशा सामान्य तापमान वाले पानी का ही उपयोग करें, क्योंकि बहुत ज्यादा गर्म या (Optimal water temperature for dough) न होने पर आटे की बनावट बिगड़ सकती है। पानी डालने से पहले आटे के मिश्रण को तैयार करना सबसे महत्वपूर्ण चरण है। सही तकनीक से गूंथा गया आटा न केवल रोटियों को बेलने में आसान बनाता है, बल्कि उन्हें नरम और स्वादिष्ट भी रखता है।
नमक और घी का वह जादुई मेल
आटे में पानी मिलाने से पहले उसमें एक चुटकी नमक और आधा चम्मच शुद्ध देसी घी जरूर मिला लें। यह छोटी सी ट्रिक (Improving dough texture naturally) में बहुत बड़ी भूमिका निभाती है। घी आटे के भीतर एक चिकनाहट पैदा करता है, जिससे वह हाथों और बर्तन में कम चिपकता है। नमक स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ आटे की लोच को बनाए रखने में मदद करता है। इन दोनों चीजों को अच्छी तरह मिलाने के बाद ही धीरे-धीरे पानी डालना शुरू करना चाहिए ताकि आटे का संतुलन बना रहे।
माड़ने की कला और मुलायम आटे का राज
पानी डालने के बाद लगभग एक मिनट तक आटे को अच्छी तरह समेटते हुए गोल आकार देने की कोशिश करें। जब सारा आटा एक साथ इकट्ठा हो जाए, तो अपने हाथों पर हल्का सा पानी लगाकर (Manual kneading techniques for softness) का इस्तेमाल करते हुए इसे चिकना करें। अपनी उंगलियों के दबाव से आटे को अच्छे से माड़ना बहुत जरूरी है, क्योंकि जितना बेहतर तरीके से आप इसे गूंथेंगे, रोटियां उतनी ही मुलायम बनेंगी। यह प्रक्रिया आटे के रेशों को आपस में बांधने का काम करती है।
फ्रिज वाली ट्रिक जो बदल देगी आपका अनुभव
आटा गूंथने के तुरंत बाद रोटियां बनाना कभी-कभी मुश्किल हो सकता है, इसलिए इसे 10 मिनट का ‘रेस्ट’ देना जरूरी है। आटे को किसी एयरटाइट स्टील के टिफिन में बंद करें और (Chilling dough for firmness) के लिए उसे फ्रिज में रख दें। फ्रिज की ठंडक आटे को सेट होने में मदद करती है और उसे गीला होने से रोकती है। जब आपको रोटियां बनानी हों, तभी इसे बाहर निकालें। आप पाएंगे कि आटा पहले से कहीं अधिक लचीला और बेलने में आसान हो गया है।
सेहत और स्वाद का परफेक्ट कॉम्बिनेशन
इस जादुई ट्रिक को आजमाकर आप पाएंगे कि मल्टीग्रेन आटे की रोटियां अब बिल्कुल भी नहीं टूट रही हैं। सही तरीके से सेट हुआ आटा (Healthy chapati making tips) का पालन करते हुए रोटियों को तवे पर अच्छे से फूलने में मदद करता है। अब आप बिना किसी झंझट के अपने परिवार को पोषण से भरपूर भोजन परोस सकते हैं। याद रखें, रसोई का सही ज्ञान न केवल आपके काम को आसान बनाता है, बल्कि भोजन की गुणवत्ता को भी कई गुना बढ़ा देता है।



