Jamshedpur Sex Racket Bust: जमशेदपुर में जिस्मफरोशी का खेल खत्म, चार हसीनों के साथ संचालिका भी धरी गई
Jamshedpur Sex Racket Bust: लौहनगरी जमशेदपुर के उलीडीह थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए देह व्यापार के संगठित नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। ग्रीन फील्ड कॉलोनी जैसे शांत और प्रतिष्ठित इलाके के एक फ्लैट में चल रहे इस अनैतिक धंधे की भनक लगते ही पुलिस ने (Crime Investigation) के तहत जाल बिछाया। शुक्रवार की देर शाम हुई इस छापेमारी ने पूरी कॉलोनी के निवासियों को चौंका दिया, क्योंकि किसी को अंदाजा नहीं था कि बगल के फ्लैट में जिस्मफरोशी का बाजार सजा हुआ है।

संचालिका समेत चार महिलाएं पुलिस की गिरफ्त में
डीएसपी पटमदा बचनदेव कुजूर के नेतृत्व में की गई इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से कुल चार महिलाओं को हिरासत में लिया। पकड़ी गई महिलाओं में इस पूरे रैकेट की मास्टरमाइंड यानी मुख्य संचालिका भी शामिल है, जो लड़कियों को बहला-फुसाकर इस धंधे में धकेलती थी। पुलिस ने सभी आरोपियों को (Legal Proceedings) के लिए उलीडीह ओपी लाया, जहाँ से रात होने के कारण उन्हें सुरक्षित कस्टडी के लिए साकची स्थित महिला थाने स्थानांतरित कर दिया गया।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई पुलिसिया कार्रवाई
पुलिस को पिछले कई दिनों से ग्रीन फील्ड कॉलोनी के एक विशेष फ्लैट में संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। सूचना की गंभीरता को समझते हुए पुलिस ने पहले (Surveillance Operation) के जरिए तथ्यों का सत्यापन किया। जब पुलिस को पुख्ता यकीन हो गया कि फ्लैट के अंदर अनैतिक कार्य हो रहे हैं, तब जाकर पूरी टीम ने एक साथ धावा बोला। छापेमारी के वक्त वहां कोई पुरुष ग्राहक तो नहीं मिला, लेकिन आपत्तिजनक स्थिति में मौजूद महिलाओं ने सारा राज उगल दिया।
मानगो क्षेत्र की रहने वाली हैं सभी आरोपी महिलाएं
पकड़ी गई महिलाओं की पहचान उजागर करते हुए पुलिस ने बताया कि ये सभी स्थानीय मानगो क्षेत्र की ही निवासी हैं। संचालिका ने अपना नेटवर्क फैलाने के लिए स्थानीय लड़कियों का सहारा लिया था। पुलिस अब (Social Profiling) के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन महिलाओं को मजबूरी में इस काम में लाया गया था या यह एक बड़े गिरोह का हिस्सा हैं। मौके से कई आपत्तिजनक सामान और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
5 हजार के किराए वाले फ्लैट में सजा था मौत का बाजार
पूछताछ के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि संचालिका ने महज दो महीने पहले ही इस फ्लैट को पांच हजार रुपये प्रति माह के किराए पर लिया था। उसने मकान मालिक को झांसा देकर (Rental Property Misuse) किया और चुपके से अपना काला कारोबार शिफ्ट कर लिया। इससे पहले वह मानगो के दूसरे इलाकों में भी इसी तरह के अड्डे चला चुकी थी, जहाँ वह ग्राहकों से मोटी रकम वसूलती थी और लड़कियों को उसका छोटा सा हिस्सा देती थी।
रैकेट के बड़े नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि इस धंधे के तार और कहां-कहां जुड़े हुए हैं। संचालिका के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और व्हाट्सएप चैट्स खंगाले जा रहे हैं ताकि (Criminal Network) के मुख्य एजेंटों और नियमित ग्राहकों तक पहुंचा जा सके। पुलिस को अंदेशा है कि शहर के कुछ अन्य पॉश इलाकों में भी इसी तरह के छोटे-छोटे अड्डे संचालित किए जा रहे हैं, जिनके पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है।
उलीडीह ओपी प्रभारी के बयान पर मामला दर्ज
इस पूरे मामले में उलीडीह ओपी प्रभारी मोहम्मद शाकिर अली के लिखित बयान पर संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने (Evidence Documentation) की प्रक्रिया पूरी कर ली है और बरामद किए गए आपत्तिजनक सामानों को कोर्ट में पेशी के लिए सुरक्षित रख लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में इस तरह की गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और मकान मालिकों को भी चेतावनी दी गई है।
शहर में बढ़ते देह व्यापार पर पुलिस की पैनी नजर
जमशेदपुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने आसपास होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। इस तरह के (Law Enforcement) अभियानों से अपराधियों में खौफ पैदा होता है और सामाजिक व्यवस्था बनी रहती है। फिलहाल गिरफ्तार महिलाओं के परिजनों को सूचित कर दिया गया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी चल रही है। पुलिस की इस मुस्तैदी की शहर भर में चर्चा हो रही है।



