उत्तराखण्ड

Uttarakhand CM Change Rumors: क्या सच में जा रही है धामी की कुर्सी, बीजेपी ने दिया करारा जवाब…

Uttarakhand CM Change Rumors: उत्तराखंड की शांत वादियों में इन दिनों सियासी पारा सातवें आसमान पर है और हर तरफ केवल एक ही चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार यह दावा किया जा रहा है कि दिल्ली हाईकमान प्रदेश के वर्तमान नेतृत्व से खुश नहीं है और 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा उलटफेर हो सकता है। इस (Political Leadership Transition) की अटकलों ने राज्य के प्रशासनिक गलियारों में भी बेचैनी पैदा कर दी है। दावों के मुताबिक, पुष्कर सिंह धामी को सीएम पद से हटाकर किसी नए चेहरे को कमान सौंपी जा सकती है, जिससे विपक्षी खेमे में भी सुगबुगाहट तेज हो गई है।

Uttarakhand CM Change Rumors
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अंकिता भंडारी केस और बिगड़ती कानून व्यवस्था का साया

इन चर्चाओं को हवा तब मिली जब अंकिता भंडारी हत्याकांड में ‘वीआईपी’ के नाम को लेकर प्रदेश भर में उग्र प्रदर्शन शुरू हुए। हालांकि सरकार ने सीबीआई जांच की संस्तुति देकर स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन काशीपुर में किसान खुशवंत सिंह के सुसाइड प्रकरण ने आग में घी डालने का काम किया। कानून व्यवस्था पर उठते सवालों के बीच (Uttarakhand CM Change Rumors) ने सरकार की छवि पर गहरा प्रभाव डाला है। आलोचकों का तर्क है कि इन संवेदनशील मुद्दों के चलते ही आलाकमान नेतृत्व परिवर्तन पर विचार कर रहा है, जो सोशल मीडिया की हेडलाइन बना हुआ है।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का तीखा पलटवार

राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की खबरों के बीच बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इन सभी चर्चाओं को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में मुख्यमंत्री बदलने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। रविवार को गोपेश्वर में (Public Event Interaction) के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार बेहतरीन कार्य कर रही है और पार्टी उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और जनता से ऐसी अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

सामूहिक निर्णय और अनुशासन की दुहाई

महेंद्र भट्ट ने बीजेपी की सांगठनिक मजबूती का हवाला देते हुए कहा कि उनकी पार्टी एक अनुशासित और सामूहिक निर्णय लेने वाली संस्था है। किसी भी राज्य के नेतृत्व को लेकर कोई भी फैसला बंद कमरों में नहीं, बल्कि सामूहिकता और स्थापित सांगठनिक प्रक्रिया के तहत लिया जाता है। (Organizational Decision Making) के सिद्धांतों का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री धामी को लेकर पार्टी के भीतर कोई मतभेद नहीं है। उनके अनुसार, विरोधियों द्वारा फैलाई जा रही ये बातें केवल सरकार के विकास कार्यों से ध्यान भटकाने की एक साजिश मात्र हैं।

बेबुनियाद चर्चाओं पर लगा विराम

गोपेश्वर में आयोजित मुख्यमंत्री चैंपियनशिप खेल प्रतियोगिता के उद्घाटन के अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष ने दो टूक शब्दों में कहा कि सीएम बदलने की खबरें पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की उपलब्धियां और (Development Policy Initiatives) खुद इसकी गवाही दे रहे हैं। धामी सरकार ने पिछले कुछ समय में कई कड़े फैसले लिए हैं, जिन्हें जनता का समर्थन मिल रहा है। भट्ट ने इस बात पर जोर दिया कि 2027 का चुनाव भी मौजूदा नेतृत्व के मार्गदर्शन में ही लड़ा जाएगा और पार्टी जीत का परचम लहराएगी।

मुख्यमंत्री धामी के कामकाज की हुई सराहना

बीजेपी आलाकमान की नाराजगी की खबरों के बीच प्रदेश नेतृत्व ने धामी सरकार के रिपोर्ट कार्ड को शानदार बताया है। महेंद्र भट्ट ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में (Government Performance Review) अत्यंत सकारात्मक रहा है। पुष्कर सिंह धामी ने युवा मुख्यमंत्री के रूप में राज्य को एक नई दिशा दी है। उन्होंने भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार किया है और समान नागरिक संहिता (UCC) जैसे ऐतिहासिक कानूनों को लागू कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। यही कारण है कि केंद्रीय नेतृत्व उन पर अटूट विश्वास रखता है।

अफवाहों के पीछे विपक्ष का हाथ होने की आशंका

पार्टी के शीर्ष नेताओं का मानना है कि इस तरह की खबरें फैलाना विपक्ष की एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा हो सकता है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, (Political Counter Propaganda) के जरिए सरकार को अस्थिर दिखाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। बीजेपी ने अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे जनता के बीच जाकर सरकार की योजनाओं का प्रचार करें और सोशल मीडिया पर चल रही झूठी खबरों का डटकर मुकाबला करें। पार्टी का मानना है कि जनता इन अफवाहों के पीछे की हकीकत को बखूबी समझती है।

2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर फोकस

नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को दरकिनार करते हुए बीजेपी अब पूरी तरह से 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुट गई है। पार्टी की प्राथमिकता (Election Campaign Strategy) को मजबूत करना और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना है। मुख्यमंत्री धामी लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं और जनसंवाद के माध्यम से लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि चुनाव से पहले सभी लंबित परियोजनाओं को पूरा किया जाए ताकि विकास के मुद्दे पर जनता के बीच जाया जा सके।

उत्तराखंड की सियासत में स्थिरता का संदेश

कुल मिलाकर, बीजेपी ने इन अटकलों पर विराम लगाकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि उत्तराखंड में सरकार पूरी तरह स्थिर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए (Political Stability Assurance) मिलना एक बड़ी राहत की बात है, क्योंकि इससे वे बिना किसी दबाव के अपने कामकाज पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। राज्य की जनता भी अब इन अफवाहों के शांत होने का इंतजार कर रही है ताकि विकास की गति बनी रहे। आने वाले समय में धामी सरकार की कार्यप्रणाली ही इन चर्चाओं को पूरी तरह खत्म करने का आधार बनेगी।

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