Emergency Contraceptive Pill Guide: इमरजेंसी पिल्स खाने से पहले ये बातें जान लो वरना पड़ सकता है पछताना…
Emergency Contraceptive Pill Guide: अनप्रोटेक्टेड सेक्स के बाद अक्सर महिलाएं प्रेग्नेंसी के डर से घबराकर इमरजेंसी पिल्स का सहारा लेती हैं। हालांकि, बाजार में आसानी से मिलने वाली इन दवाओं को लेकर जागरूकता की आज भी भारी कमी है। कई महिलाएं इसे साधारण सिरदर्द की गोली की तरह इस्तेमाल करने लगी हैं, जो कि गलत है। गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर इशिता चतुर्वेदी के अनुसार, यह दवा केवल (Contraception Failure Management) के लिए बनी है और इसे बार-बार लेना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। इसे इस्तेमाल करने से पहले यह समझना जरूरी है कि यह आपके शरीर पर किस तरह और किन परिस्थितियों में असर करती है।

सही समय पर दवा लेना ही है समझदारी
इमरजेंसी पिल की सबसे बड़ी खासियत उसकी टाइमिंग होती है, क्योंकि देरी होने पर इसका असर खत्म हो जाता है। असुरक्षित यौन संबंध बनाने के अधिकतम 72 घंटों के भीतर इसे खा लेना अनिवार्य है। अगर संबंध बनाने के दौरान कंडोम डैमेज हो गया है या आप (Unintended Pregnancy Prevention) की कोई अन्य विधि अपनाना भूल गई हैं, तभी इस पिल का इस्तेमाल करें। डॉक्टर सलाह देते हैं कि आप जितनी जल्दी इसे लेंगी, इसके सफल होने की संभावना उतनी ही अधिक बनी रहेगी।
दवा खाने के बाद उल्टी हो जाए तो क्या करें
कई बार दवा लेने के बाद शरीर उसे स्वीकार नहीं कर पाता और जी मिचलाने या उल्टी की समस्या हो जाती है। यदि आपने गोली खाई है और अगले दो घंटे के भीतर ही आपको उल्टी हो गई, तो वह दवा पूरी तरह बाहर आ सकती है। ऐसी स्थिति में आपको (Medication Absorption Rate) का ध्यान रखते हुए एक दूसरी गोली तुरंत लेनी चाहिए। अगर आप दूसरी गोली नहीं लेती हैं, तो दवा का प्रभाव खत्म हो जाएगा और प्रेग्नेंसी रुकने का खतरा बना रहेगा।
क्या पहले से प्रेग्नेंट महिला के लिए यह खतरा है
एक बड़ा मिथक यह है कि अगर कोई महिला पहले से ही गर्भवती है और उसने गलती से इमरजेंसी पिल खा ली, तो बच्चे को नुकसान होगा। डॉक्टर इशिता चतुर्वेदी स्पष्ट करती हैं कि यदि प्रेग्नेंसी पहले से ही एस्टेब्लिश हो चुकी है, तो इस (Prenatal Health Safety) पर दवा का कोई बुरा असर नहीं पड़ता। यह दवा गर्भ में पल रहे शिशु को कोई नुकसान नहीं पहुँचाती, हालांकि यह उस वक्त प्रेग्नेंसी को रोकने में भी पूरी तरह बेअसर साबित होती है।
भ्रम दूर करें: यह अबॉर्शन पिल बिल्कुल नहीं है
अक्सर महिलाएं इमरजेंसी पिल्स और अबॉर्शन पिल्स के बीच अंतर नहीं समझ पातीं और उन्हें लगता है कि इससे गर्भपात हो जाएगा। यह जानना बेहद जरूरी है कि इमरजेंसी कंट्रासेप्टिव पिल्स केवल ओव्यूलेशन की प्रक्रिया में देरी करती हैं ताकि फर्टिलाइजेशन न हो सके। यह (Abortion vs Contraception) के बीच एक स्पष्ट रेखा खींचती है; यानी अगर महिला पहले से प्रेग्नेंट है, तो यह दवा गर्भपात नहीं करा सकती। यह केवल ‘प्रिवेंशन’ का काम करती है, ‘टर्मिनेशन’ का नहीं।
साइड इफेक्ट्स जो आपको परेशान कर सकते हैं
इमरजेंसी पिल्स का सेवन करने के बाद शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिनके साइड इफेक्ट्स तुरंत या कुछ दिन बाद दिख सकते हैं। इनमें सिर में तेज दर्द होना, लगातार मितली आना या बार-बार उल्टी होना शामिल है। इसके अलावा, यह आपके (Menstrual Cycle Regulation) को पूरी तरह प्रभावित कर सकती है। आपके पीरियड्स अपनी तय तारीख से बहुत पहले आ सकते हैं या उनमें काफी देरी भी हो सकती है, जो कि इस दवा का एक सामान्य लक्षण है।
पीरियड्स के फ्लो में बदलाव की संभावना
दवा लेने के बाद आने वाले पीरियड्स में रक्तस्राव यानी फ्लो का पैटर्न भी बदल सकता है। कुछ महिलाओं को बहुत कम फ्लो महसूस होता है, तो कुछ को सामान्य से बहुत अधिक ब्लीडिंग हो सकती है। यह (Hormonal Balance Impact) की वजह से होता है क्योंकि पिल में मौजूद हार्मोन्स यूटरस की लाइनिंग पर असर डालते हैं। अगर फ्लो बहुत ज्यादा अनियंत्रित हो जाए, तो आपको तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए ताकि स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याओं से बचा जा सके।
इनफर्टिलिटी और यूटरस से जुड़े मिथकों का अंत
एक डर जो महिलाओं के मन में अक्सर रहता है, वह यह कि क्या इन गोलियों को खाने से भविष्य में मां बनने में समस्या आएगी? डॉक्टर इशिता के मुताबिक, इन दवाओं से (Female Infertility Risks) का कोई सीधा संबंध नहीं होता और न ही यह गर्भाशय यानी यूटरस को स्थायी रूप से नुकसान पहुँचाती हैं। हालांकि, इसका मतलब यह कतई नहीं है कि आप इसे नियमित गर्भनिरोधक के रूप में इस्तेमाल करें। इसे केवल आपातकालीन स्थितियों के लिए ही आरक्षित रखना चाहिए।
कब कराना चाहिए प्रेग्नेंसी टेस्ट
दवा लेने के बाद अगर आपके पीरियड्स में एक सप्ताह यानी 7 दिन से ज्यादा की देरी हो जाए, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत (Pregnancy Testing Guidelines) का पालन करते हुए घर पर टेस्ट करें या डॉक्टर के पास जाएं। कभी-कभी दवा ओव्यूलेशन को रोकने में विफल रह सकती है, विशेषकर तब जब ओव्यूलेशन पहले ही हो चुका हो। इसलिए, टेस्ट के जरिए स्थिति स्पष्ट करना आपके मानसिक सुकून और सेहत दोनों के लिए जरूरी है।
अंतिम सलाह: इमरजेंसी पिल को आदत न बनाएं
डॉक्टरों की टीम बार-बार चेतावनी देती है कि इमरजेंसी पिल्स को ‘प्लान बी’ ही रहने दें, इसे ‘प्लान ए’ न बनाएं। बार-बार इन गोलियों का सेवन (Long Term Health Awareness) के दृष्टिकोण से सही नहीं है क्योंकि यह आपके शरीर के प्राकृतिक हार्मोनल चक्र को बिगाड़ सकता है। सुरक्षित यौन संबंधों के लिए कंडोम या अन्य नियमित कॉन्ट्रासेप्टिव विकल्पों पर भरोसा करना कहीं ज्यादा बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक है। अपनी सेहत की जिम्मेदारी खुद लें और किसी भी संशय की स्थिति में विशेषज्ञ से बात करें।



