उत्तर प्रदेश

Lucknow Cyber Fraud Case 2026: लखनऊ में साइबर लुटेरों ने मचाया कोहराम, एक ही परिवार के तीन लोग बर्बाद

Lucknow Cyber Fraud Case 2026: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम इलाके से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने ऑनलाइन निवेश करने वालों की नींद उड़ा दी है। यहां साइबर अपराधियों ने बड़ी ही चालाकी से एक ही परिवार के तीन सदस्यों को अपने जाल में फंसाकर उनसे करीब 65.30 लाख रुपये की मोटी रकम (Digital Financial Scams) के जरिए लूट ली। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ठग अब तकनीक का सहारा लेकर घर बैठे आपकी मेहनत की कमाई पर डाका डाल रहे हैं।

Lucknow Cyber Fraud Case 2026
Lucknow Cyber Fraud Case 2026
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व्हाट्सएप ग्रुप बना ठगी का सबसे बड़ा हथियार

पीड़ित उदय पांडेय ने पुलिस को बताया कि इस पूरे खेल की शुरुआत एक साधारण से दिखने वाले व्हाट्सएप मैसेज से हुई थी। जालसाजों ने उदय, उनकी पत्नी प्रिया पांडेय और भाई संजय पांडेय को अलग-अलग (Online Investment Groups) में जोड़ दिया था। इन ग्रुप्स में बड़े-बड़े मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा किए जाते थे ताकि सामने वाले को यकीन हो जाए कि यहां पैसा लगाना सुरक्षित और फायदेमंद है।


मोटे मुनाफे का लालच और मनोवैज्ञानिक दबाव

साइबर ठगों की कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी क्योंकि वे केवल पैसे नहीं मांग रहे थे, बल्कि पीड़ितों पर मानसिक दबाव भी बना रहे थे। शुरुआत में उन्हें यह भरोसा दिलाया गया कि वे जब चाहें अपना पैसा (Profit Returns Expectation) के साथ निकाल सकते हैं। लेकिन जैसे ही निवेश की रकम बढ़ती गई, जालसाजों ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया और खाते से पैसे निकालने पर पाबंदी लगा दी।


खातों से रकम उड़ाने का सिलसिला शुरू

जब उदय पांडेय ने अपनी जमा राशि वापस मांगी, तो ठगों ने टेक्निकल एरर का बहाना बनाकर और रुपये जमा करने को कहा। ऐसा न करने पर उनके विभिन्न बैंक खातों से बड़ी रकम (Unauthorized Bank Transfers) के जरिए निकाल ली गई। इसमें एसबीआई खाते से 70 हजार और आईसीआईसीआई बैंक से 8.65 लाख रुपये शामिल थे। ठगी का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा और उनके बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से भी 36.22 लाख रुपये पार कर दिए गए।


पत्नी और भाई भी बने गिरोह का निशाना

जालसाजों ने उदय के साथ-साथ उनके परिवार के अन्य सदस्यों के खातों को भी नहीं बख्शा। उदय की पत्नी प्रिया पांडेय के एसबीआई खाते से 1.54 लाख रुपये और उनके भाई संजय पांडेय के खाते से (Financial Identity Theft) का सहारा लेकर 18.21 लाख रुपये उड़ा लिए गए। कुल मिलाकर एक ही झटके में इस परिवार की जीवन भर की पूंजी इन शातिर अपराधियों के कब्जे में चली गई।


पुलिस प्रशासन की सक्रियता और जांच तेज

मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित परिवार ने तुरंत साइबर क्राइम थाने का दरवाजा खटखटाया। इंस्पेक्टर बृजेश कुमार यादव ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया गया है और (Cyber Crime Investigation) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों को ट्रेस कर रही है जिनका इस्तेमाल इस बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए किया गया था।


साइबर ठगों का नया जाल और बदलता तरीका

आजकल ठग केवल कॉल के जरिए ओटीपी नहीं मांग रहे, बल्कि वे निवेश के नाम पर लोगों का भरोसा जीत रहे हैं। जानकीपुरम की यह घटना दर्शाती है कि कैसे (Social Engineering Tactics) का उपयोग कर लोगों को भावनात्मक रूप से कमजोर किया जाता है। एक बार जब व्यक्ति मुनाफे के लालच में फंस जाता है, तो उसे बाहर निकलना लगभग नामुमकिन हो जाता है और वह अपनी सारी जमा-पूंजी गंवा बैठता है।


बैंक खातों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

इतनी बड़ी रकम का अलग-अलग बैंकों से ट्रांसफर होना सुरक्षा मानकों पर भी सवाल खड़े करता है। जानकारों का मानना है कि (Secure Banking Practices) को लेकर जागरूकता की भारी कमी है। यदि पीड़ित समय रहते संदिग्ध ट्रांजेक्शन को लेकर बैंक को सूचित कर देते या अज्ञात ग्रुप्स में जुड़ने से बचते, तो शायद 65 लाख रुपये की इस बड़ी लूट को समय रहते रोका जा सकता था।


जनता के लिए जरूरी चेतावनी और सलाह

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान व्हाट्सएप ग्रुप या टेलीग्राम चैनल पर दिए गए निवेश के सुझावों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। यदि कोई आपको (High Yield Investment Programs) का लालच देकर तुरंत पैसे जमा करने को कहता है, तो सतर्क हो जाएं। आपकी एक छोटी सी लापरवाही साइबर ठगों के लिए एक बड़ा अवसर बन सकती है, जिसका परिणाम जानकीपुरम के इस परिवार जैसा हो सकता है।


न्याय की उम्मीद और कानूनी कार्यवाही

फिलहाल लखनऊ पुलिस की साइबर सेल उन संदिग्ध आईपी एड्रेस को खंगाल रही है जिनसे यह पूरा गिरोह संचालित हो रहा था। (Prosecution of Cybercriminals) के तहत अपराधियों को पकड़ने के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है। पीड़ित परिवार अब न्याय की गुहार लगा रहा है ताकि उनकी मेहनत की कमाई वापस मिल सके और समाज में इन ठगों के खिलाफ एक कड़ा संदेश जाए।

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