Global Stock Market Crash 2026: ट्रंप की ग्रीनलैंड वाली जिद ने मचाया कोहराम, अरबपतियों की तिजोरी से गायब हुए अरबों डॉलर
Global Stock Market Crash 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को लेकर अपनाए गए सख्त और विस्तारवादी रुख ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय गलियारों में भूकंप ला दिया है। ट्रंप की इस जिद के कारण (Global Financial Stability) को लेकर निवेशकों के मन में गहरा डर बैठ गया है, जिसका सीधा असर दुनिया भर के शेयर बाजारों पर लाल निशान के रूप में दिखाई दिया। बाजार में मची इस अफरातफरी ने न केवल आम निवेशकों को चोट पहुंचाई है, बल्कि दुनिया के सबसे ताकतवर अरबपतियों की नेटवर्थ में भी भारी सेंध लगा दी है।

एलन मस्क को लगा सबसे तगड़ा झटका और टेस्ला के शेयर टूटे
दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क के लिए मंगलवार का दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा, जब उनकी कुल संपत्ति में एक ही दिन में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। ट्रंप की नीतियों के कारण उपजी अनिश्चितता के बीच (Electric Vehicle Market Trends) पर भी सवाल उठने लगे और टेस्ला के शेयरों में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आ गई। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के अनुसार, मस्क की दौलत में 13.1 अरब डॉलर की कमी आई है, जिससे उनकी कुल संपत्ति अब 668 अरब डॉलर के स्तर पर आ गई है।
वैश्विक रईसों की संपत्ति में आई ऐतिहासिक गिरावट
बाजार की इस गिरावट की मार सिर्फ मस्क तक सीमित नहीं रही, बल्कि दुनिया के टॉप-13 अरबपतियों को अपनी दौलत में भारी कटौती देखनी पड़ी है। जेफ बेजोस को जहां 7.19 अरब डॉलर का नुकसान हुआ, वहीं (Software Industry Stock Performance) के उतार-चढ़ाव के बीच लैरी एलिसन को 11.8 अरब डॉलर की भारी चोट पहुंची। इसी कड़ी में मार्क जुकरबर्ग, बर्नार्ड अर्नाल्ट और जेनसेन हुआंग जैसे दिग्गजों को भी अरबों डॉलर का निजी नुकसान उठाना पड़ा है, जिसने बिलेनियर इंडेक्स की पूरी तस्वीर बदल दी है।
भारतीय दिग्गजों का घटा रुतबा और अंबानी को बड़ा घाटा
वैश्विक स्तर पर मची इस उथल-पुथल का असर भारत के दो सबसे बड़े औद्योगिक घरानों, रिलायंस और अडानी समूह पर भी बेहद नकारात्मक रहा। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की संपत्ति में मंगलवार को 4.51 अरब डॉलर की (Corporate Wealth Management) संबंधी गिरावट देखी गई। इस बड़े झटके के बाद अंबानी अब दुनिया के रईसों की सूची में फिसलकर 19वें स्थान पर पहुंच गए हैं, जो भारतीय बाजार के लिए एक चिंताजनक संकेत माना जा रहा है।
गौतम अडानी की नेटवर्थ में भी आई भारी कमी
एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति गौतम अडानी भी ट्रंप द्वारा पैदा की गई इस आर्थिक सुनामी से खुद को बचा नहीं पाए। मंगलवार के कारोबारी सत्र में अडानी को 3.54 अरब डॉलर का नुकसान झेलना पड़ा, जिससे उनकी कुल संपत्ति (Net Worth Valuation) घटकर अब 76.2 अरब डॉलर रह गई है। इस गिरावट के साथ ही गौतम अडानी अब वैश्विक सूची में 22वें स्थान पर खिसक गए हैं, जिससे उनके साम्राज्य की मार्केट वैल्यू पर भी दबाव बढ़ गया है।
अमेरिकी बाजारों में हाहाकार और सूचकांकों की गिरावट
ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप के नए रुख ने वॉल स्ट्रीट पर भी दहशत का माहौल पैदा कर दिया है, जहां प्रमुख सूचकांक गोता लगाते नजर आए। डाऊ जोंस में 1.76 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि (Equity Market Volatility) के कारण एसएंडपी 500 और नैस्डेक कंपोजिट जैसे इंडेक्स 2 प्रतिशत से भी ज्यादा टूट गए। निवेशकों को डर है कि ट्रंप की यह जिद डेनमार्क और यूरोपीय संघ के साथ अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों में कड़वाहट पैदा कर सकती है, जिससे वैश्विक मंदी का खतरा बढ़ जाएगा।
एशियाई और भारतीय बाजारों पर पड़ा गहरा असर
अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान की गूँज केवल पश्चिमी देशों तक सीमित नहीं रही, बल्कि एशियाई बाजारों ने भी इसे पूरी गंभीरता से लिया। जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंगसेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट दबाव में रहे, वहीं (Indian Stock Exchange Indices) में भी भारी बिकवाली देखने को मिली। भारत में सेंसेक्स करीब एक हजार अंक और निफ्टी 353 अंक टूटकर बंद हुए, जिससे एक ही दिन में भारतीय निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये स्वाहा हो गए।
ट्रंप की नीति और निवेशकों में भविष्य को लेकर अनिश्चितता
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक ग्रीनलैंड के मुद्दे पर अमेरिका अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं करता, तब तक बाजार में यह अस्थिरता जारी रहेगी। ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत (International Trade Relations) में आ रहे ये बदलाव वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम भरे साबित हो रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या दुनिया के ये दिग्गज अरबपति इस आर्थिक झटके से उबर पाते हैं या ट्रंप की जिद दुनिया को एक नए वित्तीय संकट की ओर धकेल देगी।



