Donald Trump News: नोबेल मिलते ही पिघला ट्रंप का दिल, बदला कूटनीति का रंग
Donald Trump News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कतरन वाली राजनीति और उनके स्वभाव में आने वाले बदलावों ने एक बार फिर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। जो ट्रंप कुछ समय पहले तक वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठा रहे थे, आज उनके सुर पूरी तरह बदल चुके हैं। इस हृदय परिवर्तन के पीछे की सबसे बड़ी वजह (Nobel Peace Prize Controversy) को माना जा रहा है, क्योंकि मचाडो ने अपना असली नोबेल पदक ट्रंप को भेंट कर दिया है। ट्रंप, जो लंबे समय से खुद को इस सम्मान का असली हकदार मानते रहे हैं, इस अप्रत्याशित उपहार को पाकर खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं।

वेनेजुएला की राजनीति में मचाडो के लिए बड़ी जगह
ट्रंप (Donald Trump News) ने हाल ही में मीडिया के सामने यह संकेत दिए हैं कि वह वेनेजुएला की दिग्गज नेता मारिया कोरिना मचाडो को वहां की राजनीतिक व्यवस्था में किसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से नवाज सकते हैं। हालांकि उन्होंने अभी तक किसी विशिष्ट पद का खुलासा नहीं किया है, लेकिन उनके (International Relations Strategy) में मचाडो का नाम अब प्रमुखता से शामिल हो गया है। ट्रंप ने अपने संबोधन में स्पष्ट कहा कि वह मचाडो के साथ निरंतर बातचीत कर रहे हैं और उन्हें शासन व्यवस्था का हिस्सा बनते हुए देखना उनके लिए सुखद होगा।
व्हाइट हाउस में जब मचाडो ने ट्रंप को सौंपा पदक
पिछले सप्ताह व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में एक ऐतिहासिक और विवादास्पद मुलाकात हुई, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई थीं। इस तस्वीर में मारिया मचाडो अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ खड़ी थीं और ट्रंप के हाथों में वह चमकता हुआ (Presidential Diplomatic Gift) था जिसे दुनिया नोबेल शांति पुरस्कार के रूप में जानती है। मचाडो ने इस पदक को ट्रंप के असाधारण नेतृत्व और ‘शक्ति के माध्यम से शांति’ स्थापित करने के प्रयासों के प्रति एक आभार के रूप में पेश किया है।
नोबेल कमेटी के सख्त रुख से बेपरवाह डोनाल्ड ट्रंप
भले ही ट्रंप इस पदक को पाकर बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहे हों, लेकिन तकनीकी और कानूनी रूप से इस पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। ओस्लो स्थित नोबेल कमेटी ने साफ तौर पर स्पष्ट किया है कि (Global Humanitarian Awards) के नियमों के अनुसार यह सम्मान न तो साझा किया जा सकता है और न ही इसके विजेता को बदला जा सकता है। कमेटी के मुताबिक, एक बार पुरस्कार दिए जाने के बाद वह आधिकारिक तौर पर उसी व्यक्ति का रहता है जिसका नाम प्रशस्ति पत्र पर दर्ज हो, लेकिन ट्रंप इस ‘सेकंड हैंड’ नोबेल को ही अपनी सबसे बड़ी जीत मान रहे हैं।
कभी नेतृत्व पर उठाए थे सवाल आज कर रहे हैं तारीफ
यह वही डोनाल्ड ट्रंप हैं जिन्होंने महज कुछ हफ्ते पहले मचाडो की लोकप्रियता को लेकर तंज कसे थे और उन्हें एक कमजोर नेता करार दिया था। विशेष रूप से जब अमेरिकी ऑपरेशन के दौरान निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी हुई, तब ट्रंप ने वेनेजुएला के (Political Leadership Transition) में मचाडो की भूमिका को नजरअंदाज करने की कोशिश की थी। मगर जैसे ही नोबेल का पदक उनके हाथों में आया, पुरानी सारी कड़वाहट धुंधली पड़ गई और अब ट्रंप की जुबान पर मचाडो के लिए सिर्फ प्रशंसा के बोल हैं।
वेनेजुएला के साथ रिश्तों में आई नई गर्माहट
वेनेजुएला के प्रति अमेरिकी प्रशासन के नजरिए में भी अब एक बड़ा बदलाव महसूस किया जा रहा है, जिसे ट्रंप की नई विदेश नीति का हिस्सा माना जा रहा है। ट्रंप ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज के साथ काम करने के अनुभव को सकारात्मक बताते हुए कहा कि अब उन्हें इस दक्षिण अमेरिकी देश से (Bilateral Cooperation Agreements) को लेकर कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने स्वीकार किया कि पहले उन्हें वेनेजुएला की स्थिति देखकर दुख होता था, लेकिन अब वहां का प्रशासन अमेरिका के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहा है।
शक्ति के माध्यम से शांति का नया अमेरिकी नारा
ट्रंप के समर्थकों का मानना है कि मचाडो का यह कदम वास्तव में ट्रंप की उस कूटनीति की जीत है जिसे वह ‘पीस थ्रू स्ट्रेंथ’ कहते हैं। मचाडो द्वारा लिखे गए संदेश ने भी इसी भावना को बल दिया है, जिसमें उन्होंने ट्रंप को स्वतंत्रता और समृद्धि का रक्षक बताया है। अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों के अनुसार, (Global Geopolitical Shifts) के इस दौर में एक नोबेल विजेता द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति को अपना पुरस्कार सौंपना एक अनोखी घटना है, जो भविष्य में लैटिन अमेरिका की राजनीति को नई दिशा दे सकती है।
कूटनीति या व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का खेल
इस पूरी घटनाक्रम ने यह बहस छेड़ दी है कि क्या अंतरराष्ट्रीय संबंध अब व्यक्तिगत उपहारों और प्रतिष्ठा के आधार पर तय होंगे। ट्रंप का मचाडो के प्रति बदला हुआ रवैया यह दिखाता है कि वह (Symbolic Recognition Impact) को कितनी अहमियत देते हैं। अब पूरी दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ट्रंप वेनेजुएला के पुनर्गठन में मचाडो को कौन सा ओहदा देते हैं और क्या यह कूटनीतिक प्रेम संबंध वेनेजुएला के आम नागरिकों के जीवन में वास्तव में कोई बड़ा बदलाव लेकर आएगा।



