India Brazil Relations: भारत और ब्राजील के बीच मजबूत होंगे द्विपक्षीय रिश्ते राष्ट्रपति लूला करेंगे दिल्ली का दौरा
India Brazil Relations: पूरी दुनिया की नजरें इस वक्त अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर टिकी हैं क्योंकि अमेरिका की नई नीतियों ने कई देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इसी बीच भारत और ब्राजील के बीच बढ़ती नजदीकियां एक बड़े कूटनीतिक बदलाव का संकेत दे रही हैं। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर विस्तृत बातचीत की है। इस संवाद का मुख्य केंद्र आगामी महीनों में होने वाली राष्ट्रपति लूला की भारत यात्रा है। खबरों की मानें तो ब्राजीलियाई राष्ट्रपति फरवरी के तीसरे हफ्ते में नई दिल्ली पहुंच सकते हैं। यह यात्रा न केवल दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को नई दिशा देगी बल्कि वैश्विक मंच पर विकासशील देशों की एकजुटता को भी प्रदर्शित करेगी।

ग्लोबल साउथ और ब्रिक्स के साझा लक्ष्यों पर गहरी चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति लूला की इस बातचीत में सबसे महत्वपूर्ण बिंदु ग्लोबल साउथ का उदय रहा। दोनों नेताओं ने इस बात पर पूरी सहमति जताई कि विकासशील देशों के हितों की रक्षा के लिए भारत और ब्राजील का मिलकर काम करना बेहद जरूरी है। बातचीत के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि जब वैश्विक शक्तियां व्यापारिक नियमों में बदलाव कर रही हैं, तब ब्रिक्स जैसे संगठनों की भूमिका और भी बढ़ जाती है। भारत इस साल ब्रिक्स समूह की अध्यक्षता कर रहा है, जो राष्ट्रपति लूला की इस प्रस्तावित यात्रा को और भी वजनदार बनाता है। दोनों नेता इस बात पर सहमत थे कि बहुपक्षवाद को बढ़ावा देकर ही वर्तमान की जटिल चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।
अमेरिकी टैरिफ नीतियों के बीच नई कूटनीतिक घेराबंदी
वर्तमान में अमेरिका के नए प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर काफी सख्त रुख अपनाया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और ब्राजील जैसे देशों से होने वाले आयात पर भारी शुल्क लगाने का निर्णय लिया है। सूत्रों के अनुसार अमेरिका कई उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक का भारी टैक्स वसूल रहा है। इस आर्थिक दबाव ने भारत और ब्राजील को अपनी रणनीतियों पर दोबारा विचार करने के लिए मजबूर किया है। राष्ट्रपति लूला का भारत दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब ये दोनों देश अपने निर्यात बाजारों को सुरक्षित करने और व्यापारिक निर्भरता को संतुलित करने के तरीके खोज रहे हैं। व्यापारिक विशेषज्ञों का मानना है कि द्विपक्षीय बैठक में शुल्क से संबंधित मुद्दों पर भी गुप्त रणनीति तैयार की जा सकती है।
एआई इम्पैक्ट समिट और नई तकनीक पर रणनीतिक साझेदारी
आगामी फरवरी महीने में दिल्ली में आयोजित होने वाली एआई इम्पैक्ट समिट राष्ट्रपति लूला की यात्रा का एक मुख्य आकर्षण होगी। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव और इसके सामाजिक व आर्थिक परिणामों पर चर्चा करने के लिए ब्राजील के राष्ट्रपति ने स्वयं रुचि दिखाई है। तकनीकी क्षेत्र में भारत की बढ़ती शक्ति को देखते हुए ब्राजील अपनी कृषि और स्वास्थ्य सेवाओं में भारतीय अनुभव का लाभ उठाना चाहता है। इस शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। पीएम मोदी ने भी सोशल मीडिया के जरिए राष्ट्रपति लूला का स्वागत करने के लिए अपनी उत्सुकता जाहिर की है और कहा है कि हमारी रणनीतिक साझेदारी नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।
भारत और ब्राजील के ऐतिहासिक संबंधों का नया अध्याय
भारत और ब्राजील के संबंध दशकों पुराने हैं लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इनमें अभूतपूर्व तीव्रता आई है। ऊर्जा सुरक्षा से लेकर रक्षा सौदों तक दोनों देश एक-दूसरे के पूरक बन रहे हैं। विजय माल्या प्रकरण के बाद जिस तरह से भारतीय जांच एजेंसियां सक्रिय हुई थीं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ा था, उसी तरह अब आर्थिक अपराधियों और व्यापारिक बाधाओं के खिलाफ भी दोनों देश एक मंच पर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया है कि रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा के बाद यह साफ है कि आने वाला वर्ष दोनों देशों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। दिल्ली की यात्रा के दौरान लूला और मोदी के बीच होने वाली व्यक्तिगत मुलाकात वैश्विक राजनीति के समीकरण बदल सकती है।



