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Shashi Tharoor Statement PM Modi: शशि थरूर ने पीएम मोदी और संविधान पर दिया बड़ा बयान

Shashi Tharoor Statement PM Modi: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने एक बार फिर अपने बेबाक बयानों से राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। हाल ही में एक सार्वजनिक मंच से उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति एक ऐसा नजरिया पेश किया जो उनकी अपनी पार्टी की लाइन से थोड़ा अलग नजर आता है। थरूर ने कहा कि पीएम मोदी भारतीय संविधान को एक अत्यंत (Shashi Tharoor Statement PM Modi) पवित्र दस्तावेज के रूप में देखते हैं और उसका गहरा सम्मान करते हैं। उन्होंने 2016 के उस ऐतिहासिक पल को भी याद किया जब प्रधानमंत्री ने अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करते हुए भारत के संविधान को अपना सबसे पवित्र ग्रंथ घोषित किया था। थरूर के इस बयान ने भाजपा और कांग्रेस के बीच वैचारिक युद्ध में एक नया मोड़ ला दिया है।

Shashi Tharoor Statement PM Modi
Shashi Tharoor Statement PM Modi
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आरएसएस की विचारधारा और संविधान की मजबूती पर चर्चा

केरल लिटरेचर फेस्टिवल में अपनी बात रखते हुए थरूर ने न केवल मोदी की तारीफ की, बल्कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के इतिहास पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान इतना शक्तिशाली है कि वह समय की हर परीक्षा में सफल रहा है। थरूर के अनुसार, एक ऐसी विचारधारा वाली पार्टी भी सत्ता में आई जिसके (Indian Constitution Security) पूर्वजों ने शुरुआत में इस संविधान को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया था, फिर भी हमारा लोकतंत्र और संवैधानिक ढांचा पूरी तरह सुरक्षित रहा। उन्होंने उन आशंकाओं को भी सिरे से खारिज कर दिया जिनमें कहा जाता था कि भाजपा सत्ता में आने के बाद संविधान को बदल देगी या उसे समाप्त कर देगी।

ऑपरेशन सिंदूर और आतंकवाद पर अपनी राय पर अडिग

शशि थरूर ने सैन्य कार्रवाई और आतंकवाद के मुद्दे पर सरकार का समर्थन करने के अपने फैसले पर भी सफाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के मामले में वे अपने रुख के लिए (National Security Policy) किसी से भी माफी नहीं मांगेंगे। थरूर ने तर्क दिया कि उन्होंने खुद एक लेख के माध्यम से सिफारिश की थी कि आतंकवाद को कड़ा और सटीक जवाब मिलना चाहिए। जब सरकार ने उनकी सलाह के अनुरूप ही आतंकियों के ठिकानों पर प्रहार किया, तो एक राष्ट्रवादी नागरिक और राजनेता के तौर पर उनकी प्रशंसा करना लाजमी था। उनका मानना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर दलगत राजनीति से ऊपर उठना आवश्यक है।

कांग्रेस आलाकमान के साथ मतभेदों को सुलझाने की तैयारी

पार्टी के भीतर चल रही खींचतान और हाशिए पर धकेले जाने की खबरों पर थरूर ने अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके और पार्टी नेतृत्व के बीच कुछ अनसुलझे मुद्दे जरूर हैं, लेकिन वे इन्हें (Political Intra Party Disputes) सार्वजनिक मंचों या मीडिया के बजाय पार्टी के आंतरिक फोरम पर उठाना पसंद करेंगे। थरूर ने दृढ़ता से कहा कि पिछले 17 वर्षों के सफर में उन्होंने कभी भी संसद के भीतर पार्टी की आधिकारिक लाइन का उल्लंघन नहीं किया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे जल्द ही दिल्ली जाकर नेतृत्व के साथ आमने-सामने बैठकर अपनी चिंताओं को साझा करेंगे ताकि भविष्य की रणनीति पर स्पष्टता आ सके।

केरल कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का थरूर को मिला साथ

शशि थरूर की नाराजगी और राहुल गांधी के कार्यक्रम में उनकी अनुपस्थिति को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच केरल के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके बचाव में मोर्चा संभाला है। रमेश चेन्निथला और वी.डी. सतीशन जैसे (Kerala Congress Leadership Support) दिग्गज नेताओं ने स्पष्ट किया कि थरूर पार्टी के एक अमूल्य स्तंभ हैं और उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की गुटबाजी की खबरें निराधार हैं। चेन्निथला ने कहा कि थरूर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के लेखक और वक्ता भी हैं, इसलिए उनकी व्यस्तताएं अन्य पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं से अलग हो सकती हैं। पार्टी के स्थानीय नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि शशि थरूर को कांग्रेस से अलग करना नामुमकिन है और वे एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे।

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