Airport – बिहार सरकार ने दरभंगा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के विकास को दी नई दिशा
Airport – बिहार सरकार ने मंगलवार को राज्य के वार्षिक बजट में दरभंगा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विस्तार और विकास के लिए पर्याप्त वित्तीय प्रावधान करने की घोषणा की है। इस कदम से एयरपोर्ट के रनवे के विस्तार, आधुनिक सिविल एनक्लेव निर्माण और अन्य आवश्यक सुविधाओं के निर्माण में तेजी आने की उम्मीद है। सरकार का यह कदम न केवल विमानन क्षेत्र के लिए बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा।

आधुनिकीकरण और रनवे विस्तार पर जोर
दरभंगा एयरपोर्ट के लिए राज्य सरकार ने कुल 89.75 एकड़ भूमि अधिग्रहण हेतु राशि का भुगतान जिला प्रशासन को किया है, जो 244.60 करोड़ रुपये के लगभग है। इसके अलावा, रनवे विस्तार और सिविल एनक्लेव निर्माण के लिए अतिरिक्त 5.79 करोड़ रुपये जिला भू अर्जन अधिकारी को प्रदान किए गए हैं। इस पहल के चलते एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन की प्रक्रिया अधिक सुचारू और तेज हो जाएगी।
लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब का निर्माण
एयरपोर्ट के पास लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब के निर्माण की योजना भी शामिल है। यह परियोजना मिथिला और उत्तर बिहार के कृषि और कृषि आधारित उद्योगों के उत्पादों के परिवहन को काफी हद तक सुविधाजनक बनाएगी। भविष्य में इससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बल मिलेगा और व्यापारिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी।
क्षेत्रीय लाभ और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें
दरभंगा एयरपोर्ट के पूर्ण कार्यान्वयन के बाद केवल दरभंगा या इसके आस-पास के जिलों के लोग ही नहीं, बल्कि बिहार से लगे उत्तर बंगाल के निवासी भी सीधे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का लाभ उठा सकेंगे। अनुमान है कि कम से कम एक दर्जन से अधिक जिलों के लोग इससे नियमित अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी का अनुभव करेंगे।
रक्सौल एयरपोर्ट के विकास में तेजी
बिहार सरकार ने रक्सौल हवाई अड्डा के विकास पर भी ध्यान केंद्रित किया है। बजट में इसके लिए भूमि अधिग्रहण और अन्य विकास कार्यों के लिए प्रावधानों का जिक्र किया गया। रक्सौल एयरपोर्ट के पास पहले से 153 एकड़ जमीन उपलब्ध है, जिसमें अब 139 एकड़ अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण करना बाकी है। इस प्रक्रिया के लिए जिला भू अर्जन अधिकारी को कुल 207.70 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।
भविष्य की संभावनाएँ और आर्थिक प्रभाव
दरभंगा और रक्सौल एयरपोर्ट का विकास केवल हवाई यात्रा तक सीमित नहीं रहेगा। इससे क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और कृषि आधारित उद्योगों की आवाजाही सुगम होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इन दोनों एयरपोर्ट परियोजनाओं के पूरा होने के बाद मिथिला क्षेत्र और उत्तरी बिहार में आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
सारांश
बिहार सरकार की यह पहल एयरपोर्ट विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई ऊँचाई देने का संकेत देती है। दरभंगा और रक्सौल के एयरपोर्ट आधुनिक सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार होने से न केवल यात्रियों को लाभ होगा बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।



