Bhagalpur Acid Attack Tragedy: दिल्ली से बैग में मौत लेकर आया था पति, पत्नी को जबरन तेजाब पिलाने के बाद खुद भी तड़प-तड़पकर मरा..
Bhagalpur Acid Attack Tragedy: बिहार के भागलपुर जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय रिश्तों और विश्वास की धज्जियां उड़ा दी हैं। एक पति ने अपनी ही जीवनसंगिनी के साथ ऐसी हैवानियत की, जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। घरेलू विवाद के चलते एक शख्स ने अपनी पत्नी पर न केवल तेजाब उड़ेला, बल्कि उसे जबरन पिला भी दिया। इसके बाद (Domestic Violence Crimes in Bihar) की यह कहानी तब और भी खौफनाक हो गई जब उस शख्स ने खुद भी तेजाब गटक लिया। इस दर्दनाक घटना में पति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है।

दिल्ली से बैग में छिपाकर लाया था ‘मौत का सामान’
औद्योगिक प्रक्षेत्र थाना क्षेत्र के रानीतालाब इलाके में हुई इस वारदात का खुलासा जब दंपती के बेटे आयुष ने किया, तो पुलिस भी दंग रह गई। आयुष के मुताबिक, उसके पिता दुलाल पोद्दार दिल्ली में काम करते थे और 31 दिसंबर को ही घर लौटे थे। बेटे ने बताया कि (Acid Attack Premeditated Planning) के तहत पिता दिल्ली से ही अपने बैग में तेजाब छिपाकर लाए थे। स्टेशन से घर लाते समय जब आयुष ने उनका बैग चेक करना चाहा, तो दुलाल ने सख्ती से मना कर दिया था। उस वक्त किसी को अंदाजा नहीं था कि उस बैग में सुधरने के वादे नहीं, बल्कि पूरे परिवार को तबाह करने की साजिश छिपी है।
नशे की लत और सालों पुराना घरेलू विवाद
55 वर्षीय दुलाल पोद्दार और उनकी पत्नी पूनम देवी के बीच लंबे समय से अनबन चल रही थी। पूनम रानीतालाब में पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए एक स्कूल चलाती हैं और स्वावलंबी हैं। बेटे आयुष ने जानकारी दी कि उसके (Alcoholism and Family Disputes) के कारण मां अक्सर परेशान रहती थी। पिता को नशे की गंभीर लत थी, जिसके कारण घर में शांति नहीं रहती थी। इस बार दुलाल ने फोन पर यह कहकर विश्वास जीता था कि वह अब सुधर गए हैं और नए साल का जश्न परिवार के साथ मनाएंगे, लेकिन उनकी मंशा कुछ और ही थी।
हैवानियत के बाद खुद को कमरे में किया कैद
गुरुवार को विवाद इतना बढ़ा कि दुलाल ने अपना आपा खो दिया। उसने पूनम पर तेजाब से हमला किया और क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए उसे तेजाब पीने पर मजबूर कर दिया। चीख-पुकार सुनकर जब लोग इकट्ठा हुए, तब तक (Self Harm and Suicide Trends) का रास्ता अपनाते हुए दुलाल ने खुद भी तेजाब पी लिया और अपने आप को एक कमरे में बंद कर लिया। गंभीर रूप से झुलसी पूनम को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन कमरे में बंद दुलाल की तड़प-तड़पकर अंदर ही जान निकल गई।
50 बच्चों की जान बचाने के लिए भागा मासूम बेटा
इस पूरी खौफनाक मंजर का गवाह रहा छोटा बेटा आयुष बुरी तरह सहम गया था। उसे डर था कि उसके पिता जिस तरह मां के दुश्मन बन गए हैं, वे उस पर या (Child Safety and Trauma) के माहौल में स्कूल के अन्य बच्चों पर भी हमला कर सकते हैं। अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए आयुष स्कूल के लगभग 50 बच्चों को सुरक्षित निकालकर अपने नाना के घर ले गया। एक छोटे बच्चे के मन में अपने ही पिता के प्रति पैदा हुआ यह खौफ इस अपराध की गंभीरता को बयां करने के लिए काफी है।
मकान मालिक की सख्ती और पुलिस की देरी
शुक्रवार सुबह जब आयुष अपने पिता का हाल जानने पहुंचा, तो मकान मालिक ने दरवाजा खोलने से साफ इनकार कर दिया। मकान मालिक का तर्क था कि बिना (Police Investigation Procedures) और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी के कमरा नहीं खोला जाएगा। दुर्भाग्यवश, पुलिस और स्थानीय लोगों के पहुंचने में काफी समय लग गया। शुक्रवार की शाम लगभग 5 बजे जब दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर दुलाल पोद्दार का क्षत-विक्षत शव पड़ा मिला। अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद स्थिति कुछ और हो सकती थी।
अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही पूनम देवी
पूनम देवी की हालत वर्तमान में अत्यंत नाजुक बनी हुई है। तेजाब के कारण उनके आंतरिक अंगों को (Critical Medical Condition) के तहत भारी क्षति पहुंची है। डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। रानीतालाब के स्थानीय लोग पूनम के साहस की सराहना कर रहे हैं, जो अकेले दम पर स्कूल चलाकर अपने बच्चों का भविष्य संवार रही थीं। इस घटना ने पूरे इलाके में असुरक्षा और शोक का माहौल पैदा कर दिया है, और लोग दुलाल के इस आत्मघाती कदम की निंदा कर रहे हैं।
पोस्टमार्टम और कानूनी कार्यवाही का अगला चरण
औद्योगिक प्रक्षेत्र थाने के प्रभारी नीरज कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शव को कब्जे में ले लिया गया है और शनिवार को (Forensic Autopsy Examination) कराया जाएगा। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि दुलाल दिल्ली से तेजाब लाने में कैसे कामयाब रहा और क्या इस साजिश में कोई और भी शामिल था। बेटे आयुष के बयान को मुख्य आधार बनाकर पुलिस मामले की फाइल तैयार कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों और तेजाब की तीव्रता का सटीक पता चल सकेगा।



