Bihar Cold Wave Update: आसमान से बरसती आफत और हड्डियों को गला देने वाली बर्फानी हवाएं, सूरज भी मांगने लगा पनाह…
Bihar Cold Wave Update: जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ऊंचे शिखरों पर हो रहे भीषण हिमपात ने पूरे उत्तर भारत की तस्वीर बदल दी है। पहाड़ों से टकराकर आ रही बर्फीली हवाओं के प्रवाह ने बिहार के मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड का आगाज कर दिया है। वर्तमान में (winter weather conditions) इतने गंभीर हो गए हैं कि लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। पछुआ हवाओं ने ठिठुरन को इस कदर बढ़ा दिया है कि आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त नजर आ रहा है।

कोहरे की सफेद चादर में गुम हुए बिहार के शहर
बिहार के अधिकांश जिलों में सुबह और रात के समय घने कोहरे का साम्राज्य बना हुआ है। दृश्यता इतनी कम हो गई है कि सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार (visibility reduction in fog) का सबसे बुरा असर वाल्मीकि नगर में देखा गया, जहां दृश्यता घटकर मात्र 40 मीटर रह गई। घने कोहरे के कारण ट्रेनें और विमान सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
तापमान के उतार-चढ़ाव से बढ़ी मौसम की अनिश्चितता
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आने वाले एक-दो दिनों में न्यूनतम तापमान में मामूली वृद्धि होने की संभावना है, लेकिन यह राहत बहुत कम समय के लिए होगी। इसके तुरंत बाद (minimum temperature fluctuation) का दौर फिर शुरू होगा और पारा तेजी से नीचे गिरेगा। अनुमान जताया गया है कि रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे रातें और भी ज्यादा बर्फीली हो जाएंगी।
25 जिलों में ‘शीत दिवस’ का हाई अलर्ट जारी
बिहार प्रशासन और मौसम विभाग ने राज्य के 25 जिलों में शीत दिवस (Cold Day) की गंभीर चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही (dense fog warning Bihar) के तहत 12 जिलों को विशेष निगरानी में रखा गया है। शनिवार को हालात और भी ज्यादा बिगड़ने के आसार हैं। पछुआ हवाओं के साथ नमी का मिलना ठंड को जानलेवा बना रहा है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
छपरा और बक्सर में शीतलहर का जानलेवा प्रहार
इस सीजन में पहली बार छपरा जिला पूर्ण रूप से शीतलहर की चपेट में आ गया है। शुक्रवार को राज्य के अधिकतम तापमान में 5.4 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई। बक्सर और मुंगेर जैसे जिलों में (severe cold day alert) घोषित किया गया है, जहां कनकनी इतनी अधिक है कि दिन के समय भी लोगों की कंपकंपी नहीं रुक रही है। पछुआ हवाओं की गति ने गलन को कई गुना बढ़ा दिया है।
पटना में कोहरे का कोहराम और रेंगते वाहन
राजधानी पटना में शुक्रवार को इस सीजन का पहला ‘कोल्ड डे’ दर्ज किया गया। सुबह से ही शहर हल्के से मध्यम स्तर के कोहरे की चादर में लिपटा रहा, जिससे (city traffic congestion) जैसी स्थिति पैदा हो गई। सड़कों पर हेडलाइट जलाकर वाहन रेंगते हुए नजर आए। हालांकि दोपहर में करीब एक से डेढ़ घंटे के लिए धूप खिली, लेकिन सर्द हवाओं के प्रभाव के कारण वह धूप बेअसर साबित हुई और लोगों को ठंड से कोई खास राहत नहीं मिल सकी।
भागलपुर और सीवान के तापमान में बड़ा अंतर
बिहार के अलग-अलग हिस्सों में तापमान के विविध रूप देखने को मिल रहे हैं। शुक्रवार को भागलपुर का सबौर इलाका सबसे ठंडा रहा, जहां पारा (lowest temperature record) के साथ 5.0 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। वहीं दूसरी ओर, सीवान के जीरादेई में अधिकतम तापमान 19.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान का यह बड़ा अंतर राज्य के भीतर अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियों और हवा के दबाव को स्पष्ट करता है।
राजधानी पटना के तापमान का ताजा विश्लेषण
पटना में न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जिसमें पिछले 24 घंटों में मामूली बढ़त देखी गई है। मौसम विभाग का मानना है कि (maximum temperature update) के अनुसार शनिवार को भी राजधानी में घना कोहरा छाया रहेगा। पटना का अधिकतम पारा 15 डिग्री के आसपास बना हुआ है। शीतलहर जैसे इन हालातों में लोगों को सलाह दी गई है कि वे गर्म कपड़ों का पूरा इंतजाम रखें और सुबह की सैर से परहेज करें।
हाड़ कंपाने वाली ठंड का जनजीवन पर असर
भीषण ठंड के कारण बिहार के ग्रामीण इलाकों में स्थिति काफी विकट है। अलाव ही अब लोगों का एकमात्र सहारा रह गया है। (rural life in winter) बुरी तरह प्रभावित हुआ है क्योंकि खेतों में काम करना मुश्किल हो गया है। कई जगहों पर जिला प्रशासन ने रैन बसेरों में अलाव और कंबल के इंतजाम बढ़ा दिए हैं ताकि बेघर लोगों को इस जानलेवा सर्दी से सुरक्षित रखा जा सके। पशुओं के चारे और उनकी सुरक्षा को लेकर भी किसान चिंतित नजर आ रहे हैं।
मौसम विभाग की भविष्यवाणियां और सुरक्षा निर्देश
अगले 48 घंटों के दौरान बिहार के उत्तर और दक्षिण-मध्य भागों में (weather forecast Bihar) के मुताबिक कोहरे की सघनता और बढ़ सकती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जब तक हिमालयी क्षेत्रों से आ रही शुष्क हवाओं का रुख नहीं बदलता, तब तक ठंड से राहत मिलने की उम्मीद कम है। लोगों को पर्याप्त पोषण लेने और हाइड्रेटेड रहने की सलाह दी गई है ताकि शरीर का तापमान स्थिर रहे और मौसमी बीमारियों से बचा जा सके।



