Bihar Medical College Expansion: स्वास्थ्य शिक्षा पर बना फोकस, सम्राट चौधरी बोले- 38 जिलों में मेडिकल कॉलेज, तय हुई डेडलाइन…
Bihar Medical College Expansion: बिहार के लोगों के लिए यह खबर किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऐलान किया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य के सभी 38 जिलों में मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। यह लक्ष्य अगले तीन वर्षों में पूरा करने की योजना है। लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर जूझ रहे बिहार के लिए यह फैसला एक नई दिशा तय करता है, जिससे (health infrastructure) को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा सकेगा।

तीन साल में हर जिले तक पहुंचेगी मेडिकल शिक्षा
डिप्टी सीएम ने कहा कि यह बदलता हुआ बिहार है, जहां अब विकास सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहा। सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अहम क्षेत्रों में लगातार काम हो रहा है। हर जिले में मेडिकल कॉलेज खुलने से न सिर्फ इलाज की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को डॉक्टर बनने का मौका भी मिलेगा। इससे (medical education) का विकेंद्रीकरण होगा और बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी।
अस्पतालों में सुविधाओं का स्तर हुआ बेहतर
सम्राट चौधरी ने यह भी दावा किया कि अब बिहार के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को पहले की तुलना में बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। जरूरी जांच, इलाज और दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। सरकार का फोकस इस बात पर है कि आम नागरिक को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े। यह सुधार (public healthcare) के क्षेत्र में सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है।
महाबोधि मेडिकल कॉलेज का भव्य उद्घाटन
इससे पहले शेरघाटी के गोपालपुर में महाबोधि मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का औपचारिक उद्घाटन किया गया। बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने दीप प्रज्वलन कर इस संस्थान की शुरुआत की। यह कॉलेज गया क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जो (medical college inauguration) के रूप में स्वास्थ्य मानचित्र पर अहम स्थान रखेगा।
दूसरे राज्यों से भी पढ़ने आ रहे छात्र
डिप्टी सीएम ने बताया कि अब बिहार की छवि बदल रही है और दूसरे राज्यों के छात्र भी यहां पढ़ाई के लिए आ रहे हैं। महाबोधि मेडिकल कॉलेज की 100 सीटों में से 46 सीटों पर 11 अलग-अलग राज्यों के छात्रों ने नामांकन कराया है। यह आंकड़ा साफ करता है कि बिहार अब सिर्फ इलाज ही नहीं, बल्कि (education hub) के रूप में भी उभर रहा है।
आयुष्मान भारत योजना से मिलेगा मुफ्त इलाज
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि महाबोधि मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में जल्द ही आयुष्मान भारत योजना के तहत जरूरतमंद मरीजों का मुफ्त इलाज शुरू होगा। उन्होंने गया के जिलाधिकारी और सिविल सर्जन से अपील की कि योजना से जुड़ी फाइलों का निस्तारण शीघ्र किया जाए। इस पहल से (Ayushman Bharat Scheme) का लाभ सीधे गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचेगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से बदली तस्वीर
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार लगातार प्रगति कर रहा है, खासकर स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि पहले जहां मेडिकल सुविधाओं की भारी कमी थी, वहीं अब नए कॉलेज और अस्पताल खुलने से स्थिति सुधर रही है। यह परिवर्तन (health sector reforms) का नतीजा है, जो लंबे समय तक असर दिखाएगा।
अतिक्रमण के खिलाफ सख्ती और जमीन माफिया पर कार्रवाई
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम के दौरान राज्य में चल रहे अतिक्रमण अभियान पर भी बात की। उन्होंने इसे सफाई अभियान बताते हुए कहा कि अब जमीन माफिया की खैर नहीं है। सरकार की कोशिश है कि सरकारी जमीन को मुक्त कर विकास कार्यों में इस्तेमाल किया जाए। यह रुख (anti-encroachment drive) को लेकर प्रशासन की सख्ती को दर्शाता है।
मेडिकल स्टाफ की कमी से आत्मनिर्भरता की ओर
महाबोधि मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन राजेश कुमार ने कहा कि कुछ साल पहले तक बिहार में नर्स और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती के लिए योग्य उम्मीदवार नहीं मिलते थे। अब हालात बदल रहे हैं और अच्छे मेडिकल कॉलेज खुलने से राज्य आत्मनिर्भर बन रहा है। यह बदलाव (medical workforce) के विकास के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
स्थानीय युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर
हर जिले में मेडिकल कॉलेज खुलने से स्थानीय छात्रों को अपने ही क्षेत्र में पढ़ाई का मौका मिलेगा। इससे न सिर्फ खर्च कम होगा, बल्कि पढ़ाई छोड़कर बाहर जाने की मजबूरी भी खत्म होगी। आने वाले वर्षों में यह योजना (employment opportunities) के साथ-साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की नींव रखेगी।
बिहार के विकास की नई पहचान
कार्यक्रम में मौजूद मंत्रियों, विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने एक सुर में कहा कि बिहार अब पीछे नहीं, बल्कि आगे बढ़ने की राह पर है। स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे में हो रहे सुधार राज्य की नई पहचान बना रहे हैं। हर जिले में मेडिकल कॉलेज का सपना (Bihar development) की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।



