Bihar Ministers Asset Declaration 2026: नीतीश कुमार से कहीं ज्यादा अमीर निकले उनके मंत्री, किसी के पास किलो भर सोना तो किसी के पास हथियारों का जखीरा
Bihar Ministers Asset Declaration 2026: बिहार में साल 2026 की शुरुआत एक बेहद पारदर्शी और दिलचस्प घटनाक्रम के साथ हुई है। नीतीश सरकार के मंत्रियों ने परंपरा को निभाते हुए वर्ष 2025 के अंतिम दिन अपनी चल-अचल संपत्ति का पूरा ब्योरा सार्वजनिक कर दिया है। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग द्वारा बुधवार शाम जारी किए गए इन आंकड़ों ने सबको हैरान कर दिया है। (Public Assets Transparency Report) के अनुसार, सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी कैबिनेट के कई सहयोगियों की तुलना में काफी ‘गरीब’ नजर आते हैं। जहां मुख्यमंत्री की संपत्ति में मामूली इजाफा हुआ है, वहीं उनके मंत्रियों के पास करोड़ों की जमीन, बैंक बैलेंस और लग्जरी गाड़ियों का अंबार लगा है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार: सादगी और गोपालन का अनोखा मेल
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कुल संपत्ति महज 1.65 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसमें उनकी चल संपत्ति 17.66 लाख और अचल संपत्ति 1.48 करोड़ रुपये है। दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री के पास नकद राशि में पिछले साल के मुकाबले 500 रुपये की कमी आई है। हालांकि, नीतीश कुमार (Traditional Cattle Rearing Interest) के प्रति अपना लगाव जारी रखे हुए हैं; उनके पास 10 गायें और 13 बछड़े हैं। आभूषणों के नाम पर उनके पास केवल दो अंगूठी है—एक सोने की और एक मोती लगी चांदी की। दिल्ली के द्वारका में उनके पास एक फ्लैट जरूर है, जिसे उन्होंने दो दशक पहले खरीदा था, लेकिन उनके पास अपनी कोई कृषि या व्यावसायिक भूमि नहीं है।
सम्राट चौधरी और मंत्रियों का हथियारों के प्रति लगाव
बिहार के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी की बात करें तो उनके पास नकद राशि और बैंक बैलेंस के साथ-साथ निवेश का भी अच्छा पोर्टफोलियो है। उन्होंने विभिन्न (Diversified Financial Investment Plans) में लगभग 51 लाख रुपये लगा रखे हैं। सम्राट चौधरी हथियारों के भी शौकीन हैं; उनके पास पिता से मिली एक रिवॉल्वर के अलावा एक एनपी बोर की राइफल भी है। इसी तरह लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय सिंह के पास भी अपनी सुरक्षा के लिए पिस्टल और राइफल मौजूद है। बिहार मंत्रिमंडल के ज्यादातर सदस्यों के पास हथियार और गहने होना एक सामान्य बात नजर आती है, जो उनकी घोषित संपत्ति का एक हिस्सा है।
अशोक चौधरी की पत्नी के खाते में करोड़ों का साम्राज्य
संपत्ति के इस खुलासे में सबसे चौंकाने वाला नाम ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी का है। हालांकि मंत्री के पास खुद केवल 50 हजार रुपये नकद हैं, लेकिन उनकी पत्नी की संपत्ति किसी को भी चकित कर सकती है। (High Net Worth Spouses) की सूची में उनकी पत्नी सबसे ऊपर हैं, जिनके बैंक खातों में 22 करोड़ 54 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि जमा है। मंत्री के अपने बैंक खातों में केवल 53 लाख रुपये हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि बिहार सरकार के मंत्रियों के परिवारों के पास कितनी बड़ी वित्तीय शक्ति मौजूद है।
आभूषणों की रानी: मंत्री रमा निषाद का खजाना
अगर गहनों और बेशकीमती धातुओं की बात करें तो पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद ने सबको पीछे छोड़ दिया है। उनके पास (Wealth in Precious Metals) का एक बड़ा भंडार है, जिसमें 2 किलो सोना और 6 किलो चांदी शामिल है। उनकी कुल चल संपत्ति 3.75 करोड़ रुपये से अधिक है, जबकि उनके पति के पास भी 2.30 करोड़ रुपये की संपत्ति है। आभूषणों का ऐसा शौक कैबिनेट के किसी अन्य मंत्री में देखने को नहीं मिला है, जो रमा निषाद को इस मामले में सबसे धनी मंत्री बनाता है।
लग्जरी गाड़ियों और रसूख का शौकीन मंत्रिमंडल
बिहार के मंत्री न केवल जमीन और जेवर, बल्कि गाड़ियों के भी जबरदस्त शौकीन हैं। पशु व मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता के पास 57 लाख की फॉर्च्यूनर और 14 लाख की टाटा सफारी जैसी (Luxury Vehicle Ownership Trends) गाड़ियां हैं। आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण प्रसाद के पास तो एक नहीं बल्कि तीन वाहन हैं, जिनमें स्कॉर्पियो एन और इनोवा शामिल हैं। गन और राइफल के साथ-साथ इन लग्जरी गाड़ियों का काफिला मंत्रियों की शानो-शौकत को दर्शाता है। पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद भी करीब 2.55 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं, जिसमें कृषि भूमि का एक बड़ा हिस्सा शामिल है।
सबसे ‘गरीब’ मंत्री: संजय टाइगर और संजय कुमार
करोड़पतियों की इस भीड़ में दो ऐसे नाम भी हैं जिनकी संपत्ति लाखों में सिमटी हुई है। श्रम संसाधन मंत्री संजय सिंह टाइगर और गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार को छोड़कर बाकी सभी मंत्री करोड़पति हैं। संजय टाइगर के पास कोई अचल संपत्ति नहीं है और उनकी (Limited Personal Asset Value) केवल 32 लाख रुपये है। वहीं, गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार के पास कुल 23 लाख की संपत्ति है, जिसमें से 21 लाख रुपये की तो उनकी तीन गाड़ियां ही हैं। उनके बैंक खाते में 1.40 लाख रुपये हैं, जबकि उनकी पत्नी के पास महज 200 रुपये नकद हैं।
पारदर्शिता और सरकारी जवाबदेही का संदेश
नीतीश सरकार द्वारा हर साल संपत्ति का ब्योरा देना शासन में पारदर्शिता का एक बड़ा संदेश देता है। हालांकि मंत्रियों की बढ़ती धन-दौलत अक्सर चर्चा का विषय बनती है, लेकिन इसे सार्वजनिक करना (Accountable Governance Standard) का एक हिस्सा माना जाता है। इस रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि बिहार के नेतृत्व में जहां मुख्यमंत्री खुद को एक साधारण जीवनशैली तक सीमित रखे हुए हैं, वहीं उनकी कैबिनेट के साथी वित्तीय रूप से काफी संपन्न और मजबूत हैं। हथियारों, गहनों और अचल संपत्ति के ये आंकड़े आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में बहस का केंद्र जरूर बनेंगे।



