Bihar Winter Forecast and Cold Wave Alert: बर्फीली हवाओं का टॉर्चर और आसमान से गिरती आफत, बिहार में जमने लगी रातें, जानें कब मिलेगी राहत…
Bihar Winter Forecast and Cold Wave Alert: बिहार के आसमान पर इन दिनों बर्फीली हवाओं का कब्जा है और ठंड का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले तीन दिनों तक रात के तापमान में और भी भारी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे ठिठुरन अपने चरम पर होगी। पूरे राज्य में (Severe Cold Wave) जैसे हालात बनने की प्रबल संभावना है, क्योंकि उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाएं मैदानी इलाकों में कनकनी बढ़ा रही हैं।

पारे में भारी गिरावट और शीतलहर का कहर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने का पूर्वानुमान है। मंगलवार का दिन राज्य के कई हिस्सों के लिए ‘कोल्ड डे’ साबित होने वाला है, जिसके लिए (Yellow Alert Issuance) की प्रक्रिया अपनाई गई है। उत्तर बिहार के 19 जिलों और दक्षिण-पश्चिम बिहार के 5 जिलों में प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
घने कोहरे की चादर में लिपटे कई जनपद
पश्चिमी चंपारण से लेकर नवादा तक, बिहार के कई जिले घने कोहरे के आगोश में रहेंगे। दृश्यता कम होने के कारण यातायात पर बुरा असर पड़ने की आशंका है। विशेषकर (Low Visibility Warning) वाले क्षेत्रों जैसे गया और अररिया में वाहन चालकों को दिन में भी लाइट जलाकर चलने की सलाह दी गई है। गया में तो दृश्यता का स्तर गिरकर महज 100 मीटर तक पहुंच गया है, जो इस सीजन का सबसे कम स्तर है।
पछुआ हवाओं ने बढ़ाई हड्डियों को गलाने वाली कनकनी
सुबह और रात के समय कोहरे के अलावा दिन में चलने वाली बर्फीली हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं। हालांकि सूरज निकलने की संभावना रहती है, लेकिन (Icy North-Westerly Winds) के प्रभाव के कारण धूप बेअसर साबित हो रही है। सोमवार को गया में महज 24 घंटे के भीतर तापमान में 8 डिग्री की भारी गिरावट दर्ज की गई, जो मौसम के मिजाज में आए अचानक बदलाव को दर्शाता है।
पटना में पारे का गोता: दूसरी बार 10 के नीचे तापमान
राजधानी पटना में भी ठंड ने अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिया है। इस सीजन में दूसरी बार पटना का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे जा पहुंचा है। (Metropolitan Weather Trends) के अनुसार, इससे पहले 31 दिसंबर और 1 जनवरी को पारा काफी नीचे गिरा था। हालांकि दिन में हल्की धूप निकल रही है, लेकिन कनकनी के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं।
मुजफ्फरपुर में जेट स्ट्रीम का घातक असर
मुजफ्फरपुर और आसपास के इलाकों में कंपकंपी का मुख्य कारण वायुमंडल के ऊपरी हिस्से में सक्रिय जेट स्ट्रीम है। ग्रामीण मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के मुताबिक, (Jet Stream Influence) की वजह से पछुआ हवाएं काफी तेज गति से चल रही हैं। ये हवाएं हिमालय की बर्फबारी का सीधा असर बिहार तक ला रही हैं, जिससे न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से ऊपर नहीं जा पा रहा है और वास्तविक ठंड महसूस होने वाली ठंड से कहीं ज्यादा है।
भागलपुर और पूर्णिया में ऑरेंज अलर्ट का साया
पूर्णिया में लगातार सातवें दिन भी शीतलहर का प्रकोप जारी रहा, जिससे सोमवार सीजन का सबसे ठंडा दिन बन गया। मौसम विभाग ने यहाँ (Orange Alert Forecast) जारी किया है, जिसका मतलब है कि अगले 24 घंटे बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। भागलपुर में भी न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है, जिससे आम जनजीवन और कृषि कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
कृषि और सेहत पर पड़ता ठंड का नकारात्मक प्रभाव
लगातार गिरते तापमान और शीत दिवस की स्थितियों ने किसानों की भी चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के नोडल अधिकारियों ने (Agricultural Impact Assessment) करते हुए किसानों को फसलों के बचाव के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है, क्योंकि यह मौसम श्वसन संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकता है। बुधवार के बाद ही स्थिति में आंशिक सुधार की उम्मीद की जा सकती है।



