बिहार

BiharGDP – औद्योगिक उछाल से बिहार बना देश की सबसे तेज रफ्तार अर्थव्यवस्था

BiharGDP – वैश्विक महामारी के बाद बनी आर्थिक चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों से उपजे दबाव के बावजूद बिहार की अर्थव्यवस्था ने तेज गति पकड़ी है। राज्य लगातार ऊँची विकास दर दर्ज कर रहा है और इस रफ्तार में उसने राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ दिया है। मौजूदा मूल्य के आधार पर बिहार की आर्थिक वृद्धि दर 13.1 प्रतिशत आंकी गई है, जबकि देश का औसत 9.8 प्रतिशत है। विशेषज्ञ इसे राज्य की बेहतर नीतियों, बढ़ते निवेश और जमीनी स्तर पर हुए ढांचागत सुधारों का परिणाम मान रहे हैं। लंबे समय तक पिछड़े माने जाने वाले इस राज्य में अब विकास की तस्वीर बदलती दिख रही है, जहाँ कृषि के साथ-साथ उद्योग और निर्माण भी मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं।

Bihargdp - – - औद्योगिक - उछाल - से - बिहार - बना - देश
Bihargdp – औद्योगिक उछाल से बिहार बना देश की
WhatsApp Group Join Now

राज्य के आर्थिक आकार और आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी

वित्त वर्ष 2024-25 के त्वरित अनुमान बताते हैं कि 2011-12 के स्थिर मूल्य पर बिहार का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 8.6 प्रतिशत बढ़कर 5,31,372 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। वर्तमान मूल्य के आधार पर यह वृद्धि 13.1 प्रतिशत रही और अर्थव्यवस्था का आकार 9,91,997 करोड़ रुपये हो गया। इसी अवधि में प्रति व्यक्ति आय में भी बड़ा उछाल देखने को मिला है। 2021-22 में यह 46,412 रुपये थी, जो 2024-25 में बढ़कर 76,490 रुपये हो गई। पिछले वित्त वर्ष में यह 68,624 रुपये थी, यानी एक साल में लगभग 8,000 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई, जो दस प्रतिशत से अधिक है। सोमवार को बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने वर्ष 2024-25 का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया। इसके बाद विधानसभा के वाचनालय में हुई प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि बड़े राज्यों में आर्थिक विकास दर के मामले में बिहार दूसरे स्थान पर है, जबकि पहले स्थान पर तमिलनाडु है। यह रैंकिंग राज्य के लगातार सुधार कर रहे आर्थिक संकेतकों को दर्शाती है।

उद्योग और निर्माण ने संभाली विकास की कमान

बिहार की बढ़ती विकास दर के पीछे सबसे बड़ा योगदान द्वितीयक क्षेत्र यानी उद्योग और निर्माण का माना जा रहा है। 2021-22 में जहाँ इस क्षेत्र की हिस्सेदारी 21.1 प्रतिशत थी, वह 2024-25 में बढ़कर 26.8 प्रतिशत हो गई है। यह बदलाव बताता है कि राज्य की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे केवल कृषि पर निर्भर रहने से आगे बढ़कर विविध संरचना अपना रही है। विशेष रूप से निर्माण क्षेत्र में तेज विस्तार देखा गया है, जिसकी हिस्सेदारी 9.1 प्रतिशत से बढ़कर 15.1 प्रतिशत हो गई है। इसी तरह बिजली, गैस, जलापूर्ति और अन्य जन उपयोगी सेवाओं का योगदान भी 2.1 प्रतिशत से बढ़कर 2.7 प्रतिशत हो गया है। नए औद्योगिक पार्कों, सड़क परियोजनाओं और शहरी बुनियादी ढांचे में हो रहे निवेश ने इस बदलाव को गति दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह रुझान जारी रहता है तो आने वाले वर्षों में बिहार देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों की सूची में अपनी जगह और मजबूत कर सकता है।

बिहार सरकार ने रोजगार सृजन, कौशल विकास और निवेश आकर्षित करने के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं, जिनका असर अब आर्थिक आंकड़ों में दिखाई देने लगा है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति दी है। कुल मिलाकर, ताजा आर्थिक सर्वेक्षण यह संकेत देता है कि बिहार धीरे-धीरे स्थिर और समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जहाँ उद्योग, सेवा और कृषि तीनों क्षेत्र संतुलित भूमिका निभा रहे हैं।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.