बिहार

ChiefMinister – पूर्णिया में समृद्धि यात्रा के दौरान मंच पर भावुक हुईं मंत्री लेशी सिंह

ChiefMinister – बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान पूर्णिया में आयोजित कार्यक्रम में उस समय भावुक माहौल बन गया जब राज्य की खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह मंच से संबोधित करते हुए अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सकीं। मुख्यमंत्री का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन के कठिन दौर में उन्हें नीतीश कुमार से सहारा मिला। अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने उन्हें कृष्ण के समान मार्गदर्शक बताया। यह कहते-कहते उनकी आवाज भर्रा गई और आंखों से आंसू छलक पड़े। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस दृश्य को गंभीरता से सुना और मंत्री ने मुख्यमंत्री के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।

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समृद्धि यात्रा के तहत पूर्णिया और कटिहार पहुंचे मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को अपनी समृद्धि यात्रा के क्रम में पूर्णिया और कटिहार जिलों के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने दोनों जिलों में लगभग 895 करोड़ रुपये की लागत से जुड़ी विभिन्न विकास योजनाओं और परियोजनाओं की शुरुआत की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा भी की और अधिकारियों से उनके क्रियान्वयन की स्थिति के बारे में जानकारी ली। सरकार की ओर से बताया गया कि इन योजनाओं का उद्देश्य आधारभूत ढांचे को मजबूत करना और स्थानीय स्तर पर सुविधाओं का विस्तार करना है।

जनसभा में मंत्री ने साझा किया अपना व्यक्तिगत अनुभव

पूर्णिया में आयोजित जनसभा के दौरान जब लेशी सिंह बोलने के लिए मंच पर आईं तो उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ अपने लंबे राजनीतिक और व्यक्तिगत अनुभव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली महिला को राजनीति में आगे बढ़ने का अवसर देना आसान नहीं होता, लेकिन मुख्यमंत्री ने उन पर भरोसा जताया और उन्हें काम करने का मौका दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे नेतृत्व में काम करना उनके लिए गर्व की बात है। मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में कई क्षेत्रों में विकास के प्रयास हुए हैं, जिनका असर समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंचा है।

महिलाओं के लिए योजनाओं का किया उल्लेख

अपने संबोधन में लेशी सिंह ने राज्य में महिलाओं से जुड़ी योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में महिलाओं को आरक्षण मिलने से बड़ी संख्या में महिलाएं सार्वजनिक जीवन में आगे आई हैं। उनके अनुसार सरकारी नौकरियों में आरक्षण और अन्य योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को नए अवसर मिले हैं। मंत्री ने कहा कि इन पहलों से राज्य में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है और उन्हें निर्णय प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिला है।

राजनीतिक सफर और निजी संघर्ष की कहानी

लेशी सिंह पूर्णिया जिले के धमदाहा विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक चुनी जा चुकी हैं और वर्तमान में बिहार सरकार में मंत्री के रूप में कार्यरत हैं। राजनीतिक हलकों में उन्हें मुख्यमंत्री के करीबी नेताओं में गिना जाता है। उनके जीवन में एक कठिन दौर तब आया जब वर्ष 2000 में उनके पति बूटन सिंह की हत्या कर दी गई थी। बूटन सिंह उस समय समता पार्टी के जिलाध्यक्ष थे और इलाके में सक्रिय राजनीतिक पहचान रखते थे।

इस घटना के बाद लेशी सिंह के सामने कई चुनौतियां आईं, लेकिन उन्होंने सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाने के बजाय राजनीतिक सक्रियता जारी रखी। वर्ष 2001 में वे समता पार्टी की जिला अध्यक्ष बनीं। बाद में 2006 में उन्हें जनता दल (यूनाइटेड) के महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। 2007 में उन्हें राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद 2014 में पहली बार उन्हें राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किया गया और 2022 में फिर से मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई। तब से वे राज्य सरकार में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

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