PappuYadav – जमानत के बाद बेऊर जेल से बाहर आए सांसद
PappuYadav – पूर्णिया से निर्दलीय सांसद और कांग्रेस नेता राजेश रंजन, जिन्हें पप्पू यादव के नाम से जाना जाता है, शुक्रवार देर शाम पटना के बेऊर जेल से रिहा हो गए। पटना सिविल कोर्ट से विभिन्न मामलों में जमानत मिलने के बाद वे सात दिन की न्यायिक हिरासत के पश्चात बाहर आए। जेल से निकलते ही उन्होंने मीडिया से बातचीत में अपनी गिरफ्तारी और उससे जुड़े घटनाक्रम पर खुलकर प्रतिक्रिया दी।

रिहाई के बाद लगाए गंभीर आरोप
रिहाई के तुरंत बाद पप्पू यादव ने कहा कि उन्हें सच बोलने की कीमत चुकानी पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट छात्रा से जुड़े मामले में आवाज उठाने के कारण उन्हें निशाना बनाया गया। सांसद ने पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और दिल्ली के एक नेता पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि उन्हें अपमानित करने और साजिश के तहत परेशान करने की कोशिश की गई।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जिन मामलों में गिरफ्तार किया गया, वे निराधार हैं और राजनीतिक कारणों से दर्ज कराए गए। पप्पू यादव ने दावा किया कि उनके खिलाफ कोई ठोस आपराधिक मामला नहीं है और उन्हें जानबूझकर उलझाया गया।
नीट छात्रा प्रकरण पर प्रतिक्रिया
सांसद ने कहा कि संबंधित छात्रा की मौत का मामला दबाया नहीं जा सकेगा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई और केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच की घोषणा पर संतोष जताया। पप्पू यादव ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वे लोकसभा अध्यक्ष से मिलकर अपनी गिरफ्तारी और कार्रवाई के संबंध में शिकायत करेंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि छात्रा के परिजनों से मिलकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली है और मामले की गहराई से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना था कि दोषियों को बेनकाब किया जाना चाहिए।
विधानसभा और संसद में मुद्दा उठाने की बात
पप्पू यादव ने कहा कि आगामी सत्र में वे इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे। उनका दावा था कि राज्य से जुड़े गंभीर मामलों पर वे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कुछ पुराने चर्चित मामलों का भी उल्लेख किया और कहा कि कई घटनाओं की सच्चाई सामने आनी बाकी है।
अदालत से नियमित जमानत
पटना सिविल कोर्ट स्थित एमपी-एमएलए विशेष न्यायालय ने तीन आपराधिक मामलों में उन्हें नियमित जमानत दी। विशेष न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में उनके अधिवक्ता ने जमानत याचिका दाखिल की थी। बचाव पक्ष की दलील थी कि दर्ज किए गए मामले राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित हैं और जनहित से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान उन्हें फंसाया गया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत मंजूर कर दी। आवश्यक बेल बॉन्ड दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जेल प्रशासन को रिहाई का आदेश जारी किया गया।
आगे की रणनीति पर नजर
रिहाई के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। समर्थकों ने इसे राहत भरा कदम बताया, जबकि विरोधी दलों की ओर से अभी औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पप्पू यादव ने संकेत दिए हैं कि वे अपने खिलाफ दर्ज मामलों को कानूनी रूप से चुनौती देंगे और राजनीतिक मंचों पर भी अपनी बात रखेंगे।



