Patna Metro Recruitment Scam: मीठापुर के फ्लैट में चल रहा था ‘साक्षात्कार’ का खेल, तीन शातिर गिरफ्तार
Patna Metro Recruitment Scam: पटना के मीठापुर इलाके में बुधवार को पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो पटना मेट्रो में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं को ठग रहा था। गिरोह के सदस्य इतने बेखौफ थे कि उन्होंने एक फ्लैट में बकायदा कार्यालय बनाकर फर्जी साक्षात्कार (Fake Job Interviews) आयोजित करना शुरू कर दिया था। पुलिस की छापेमारी के दौरान मौके से तीन आरोपियों को दबोचा गया है, जो खुद को मेट्रो का अधिकारी बताकर बेरोजगारों का इंटरव्यू ले रहे थे।

10 लाख रुपये में तय होता था ‘सौदा’
पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। यह गिरोह पहले युवाओं को ऑनलाइन फॉर्म भरवाकर जाल में फंसाता था। इसके बाद (Fraudulent Employment Scheme) के तहत साक्षात्कार के नाम पर उनसे शुरुआती 50 से 60 हजार रुपये ऐंठे जाते थे। अंतिम चयन और ज्वाइनिंग लेटर के नाम पर प्रत्येक अभ्यर्थी से 10 लाख रुपये की मोटी रकम की मांग की जाती थी। अब तक यह गिरोह अलग-अलग जिलों के युवाओं से करीब आठ लाख रुपये की वसूली कर चुका था।
पीएनबी बिल्डिंग के चौथे तल पर चल रहा था गोरखधंधा
पटना सदर-1 के एएसपी ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मीठापुर बाइपास पिलर संख्या-88 के पास स्थित पीएनबी बिल्डिंग के फ्लैट नंबर 401 में फर्जीवाड़ा चल रहा है। जब पुलिस ने वहां (Police Raid in Patna) की, तो मौके पर साक्षात्कार की प्रक्रिया जारी थी। पुलिस ने वहां से भारी मात्रा में फर्जी प्रवेश पत्र, आवेदन फॉर्म और अन्य संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अखिलेश चौधरी, दिनेश साव और नवनीत कुमार के रूप में हुई है।
साइबर कैफे संचालक बना गिरोह का रणनीतिकार
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल नवनीत कुमार पहले सहरसा में एक साइबर कैफे चलाता था, जहाँ से उसने ऑनलाइन डेटा चोरी और फॉर्म भरने की तकनीक सीखी। बाद में वह (Organized Crime Syndicate) का हिस्सा बन गया और फर्जी इंटरव्यू लेने का काम करने लगा। गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड दानापुर का अखिलेश यादव बताया जा रहा है, जो फिलहाल फरार है। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर गिरोह के अन्य सदस्यों और फरार मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है।



