Patna School Reopening News: पटना में ठंड का सितम कम होते ही शिक्षा की हुई वापसी, डीएम ने दिया बड़ा आदेश
Patna School Reopening News: बिहार की राजधानी पटना में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के कारण शिक्षण संस्थानों पर लगी लंबी पाबंदी अब समाप्त हो गई है। जिलाधिकारी ने जिले के तमाम निजी और सरकारी विद्यालयों को पूरी तरह से खोलने का निर्णय लिया है, जिससे छात्रों और अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। इस (Educational Continuity) को बहाल करने के लिए प्रशासन ने मौसम की वर्तमान स्थिति का गहन विश्लेषण करने के बाद ही यह हरी झंडी दिखाई है।

जिलाधिकारी का नया आदेश और समय की पाबंदी
पटना के डीएम त्यागराजन द्वारा जारी किए गए आधिकारिक पत्र के अनुसार, अब जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालयों तक में शैक्षणिक गतिविधियां सुचारू रूप से चलेंगी। हालांकि, प्रशासन ने बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए (School Timing Adjustment) का प्रावधान रखा है, जिसके तहत किसी भी स्कूल में सुबह 9 बजे से पहले कक्षाएं शुरू नहीं की जा सकेंगी। यह सुरक्षात्मक कदम सुबह की ठिठुरन से बच्चों को बचाने के लिए उठाया गया है।
17 जनवरी से रौनक लौट आएगी स्कूलों में
शनिवार, 17 जनवरी से पटना के स्कूलों का नजारा बदला हुआ दिखेगा क्योंकि अब प्री-प्राइमरी और प्राइमरी कक्षाओं के छोटे बच्चे भी अपने बस्ते थामे स्कूल पहुंचेंगे। पिछले कई दिनों से इन कक्षाओं पर पूरी तरह रोक लगी थी, लेकिन अब (Academic Calendar) को पटरी पर लाने के लिए सरकार ने ढील दे दी है। फिलहाल यह आदेश 20 जनवरी तक प्रभावी रहेगा और आगे की स्थिति मौसम के मिजाज पर निर्भर करेगी।
शीतलहर के कारण थम गई थी शिक्षा की रफ्तार
जनवरी की शुरुआत से ही पूरा बिहार भीषण ठंड की चपेट में था, जिसके कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। बच्चों को निमोनिया और सर्दी-खांसी जैसी बीमारियों से बचाने के लिए (Weather Impact on Education) को देखते हुए स्कूलों को बंद करना पड़ा था। शुरुआत में केवल 8वीं तक के बच्चों की छुट्टियां की गई थीं, लेकिन पारा गिरने के साथ ही प्रशासन को पाबंदियां बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ा था।
चरणबद्ध तरीके से खुलते गए स्कूलों के ताले
प्रशासन ने स्कूलों को एक साथ खोलने के बजाय सुरक्षा की दृष्टि से चरणवार प्रक्रिया अपनाई थी। सबसे पहले 12 जनवरी से छठी से आठवीं तक के छात्रों को स्कूल बुलाया गया, जबकि छोटे बच्चों के लिए (Primary Education Restrictions) जारी रही थीं। इसके बाद 14 जनवरी से पांचवीं तक की कक्षाएं शुरू हुईं और अब अंततः प्री-प्राइमरी के नन्हे-मुन्नों की भी स्कूल में वापसी का रास्ता साफ हो गया है।
20 जनवरी के बाद मिल सकती है और राहत
वर्तमान में लागू सुबह 9 बजे की समय सीमा केवल एक अंतरिम व्यवस्था है जो 20 जनवरी तक चलेगी। मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के अनुसार, यदि आने वाले दिनों में धूप की तीव्रता बढ़ती है और न्यूनतम तापमान में सुधार होता है, तो (District Administration Policy) में और लचीलापन लाया जा सकता है। शिक्षा विभाग के अधिकारी लगातार मौसम विभाग के संपर्क में हैं ताकि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के बीच संतुलन बना रहे।
अभिभावकों और शिक्षकों ने जताई खुशी
लंबे समय तक स्कूल बंद रहने के कारण बच्चों की पढ़ाई का काफी नुकसान हो रहा था, विशेषकर उन कक्षाओं का जिनका सिलेबस अभी अधूरा है। शिक्षकों का मानना है कि (Classroom Learning Experience) की वापसी से अब आगामी परीक्षाओं की तैयारी बेहतर ढंग से कराई जा सकेगी। वहीं अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि घर पर बच्चों की पढ़ाई की निरंतरता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा था।
सावधानियों के साथ शुरू होगी पढ़ाई
स्कूल खुलने का मतलब यह कतई नहीं है कि सावधानी छोड़ दी जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि स्कूल प्रबंधन को यह सुनिश्चित करना होगा कि कक्षाओं में बच्चों को ठंड से बचाने के पर्याप्त इंतजाम हों। स्कूलों को (Safety Protocols in Schools) का पालन करते हुए यह ध्यान रखना होगा कि सुबह की प्रार्थना सभा या अन्य बाहरी गतिविधियां अधिक ठंड में न आयोजित की जाएं। प्रशासन की इस सक्रियता से उम्मीद जगी है कि अब बिना किसी रुकावट के सत्र पूरा हो सकेगा।



