बिहार

RiverfrontDevelopment – गंगा किनारे अतिक्रमण हटाने का अभियान होगा और तेज…

RiverfrontDevelopment – पटना में गंगा तट के आसपास अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज करने का फैसला किया है। जिला प्रशासन का कहना है कि गंगा किनारे की असर्वेक्षित सरकारी भूमि पर किए गए किसी भी प्रकार के निर्माण को मान्यता नहीं दी जाएगी। इसको लेकर पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों को अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

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प्रशासन के मुताबिक कंगनघाट से लेकर दानापुर तक गंगा किनारे बड़ी संख्या में अस्थायी और स्थायी निर्माण खड़े कर दिए गए हैं। इनमें कई जगहों पर भूमाफियाओं द्वारा अवैध कब्जे की शिकायत भी सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि इन इलाकों में भविष्य की कई सरकारी परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, इसलिए जमीन को खाली कराना जरूरी हो गया है।

सरकारी योजनाओं में बाधा बनने लगे निर्माण

जिलाधिकारी ने साफ कहा है कि गंगा तट की असर्वेक्षित भूमि पर किसी भी व्यक्ति या संस्था का दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में विकास योजनाओं को लागू करने में परेशानी बढ़ सकती है।

पिछले करीब दो सप्ताह से विशेष टीम की ओर से गंगा किनारे अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान कई अवैध निर्माणों को हटाया भी गया है। अब अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्रवाई को और तेज किया जाए ताकि मानसून से पहले संवेदनशील इलाकों को खाली कराया जा सके।

एसडीओ और पुलिस को दी गई जिम्मेदारी

प्रशासन ने अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित एसडीओ और पुलिस अधिकारियों को संयुक्त रूप से कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों का कहना है कि कई जगहों पर स्थानीय विरोध की आशंका को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी।

विशेष टीम लगातार चिन्हित क्षेत्रों का सर्वे कर रही है और अवैध कब्जों की सूची तैयार की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जिन लोगों ने सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण किए हैं, उन्हें नियमानुसार नोटिस जारी किए जाएंगे।

गंगा की धारा बदलने से खाली हुई जमीन

अधिकारियों के अनुसार हाल के वर्षों में गंगा नदी की धारा उत्तर दिशा की ओर खिसकने से दक्षिणी तट पर बड़ी मात्रा में जमीन खाली हुई है। इस वजह से कई नए इलाके उभरकर सामने आए हैं, जहां लोगों ने कब्जा करना शुरू कर दिया। प्रशासन का कहना है कि इन क्षेत्रों में मानसून के दौरान बाढ़ और जलभराव का खतरा बना रहता है।

जिलाधिकारी ने कहा कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भी यह कार्रवाई जरूरी है। बाढ़ के समय इन इलाकों में रहने वाले लोगों की जान-माल को खतरा हो सकता है। इसलिए संवेदनशील क्षेत्रों को खाली कराने की प्रक्रिया जारी रहेगी।

जलजमाव से निपटने की तैयारी

इधर मानसून को देखते हुए दानापुर और खगौल क्षेत्र में जलनिकासी व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी भी शुरू हो गई है। प्रशासन ने 24 संप हाउसों में अस्थायी उच्च क्षमता वाले ट्रांसफार्मर लगाने का फैसला लिया है। पेसू की ओर से 200 और 315 केवीए क्षमता वाले ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे ताकि बारिश के दौरान पंपिंग व्यवस्था बाधित न हो।

इसके लिए कई स्थानों को चिह्नित किया गया है, जिनमें गोला रोड, रुपसपुर, अभिमन्यु नगर, मिथिला कॉलोनी, शक्ति मंदिर क्षेत्र और जगदेव पथ समेत कई इलाके शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि बारिश के मौसम में जलजमाव की समस्या कम करने के लिए यह व्यवस्था समय रहते पूरी कर ली जाएगी।

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