SadbhavnaYatra – चंपारण से निशांत कुमार ने शुरू की राजनीतिक यात्रा
SadbhavnaYatra – जदयू नेता और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने सोमवार को अपनी पहली राजनीतिक पहल की शुरुआत पश्चिम चंपारण से की। बेतिया स्थित बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम के जरिए उन्होंने अपनी सद्भाव यात्रा का आगाज किया। इस दौरान उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए राज्य में हुए विकास कार्यों का जिक्र किया और वर्तमान सरकार के प्रति समर्थन जताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे, जिससे इस पहल को लेकर उत्साह साफ दिखाई दिया।

चंपारण की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का उल्लेख
अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए निशांत कुमार ने चंपारण की ऐतिहासिक भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा कि यह वही भूमि है जहां महात्मा गांधी ने 1917 में सत्याग्रह आंदोलन की नींव रखी थी और किसानों को शोषण से मुक्ति दिलाने की दिशा में संघर्ष किया था। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता नीतीश कुमार ने भी अपनी कई यात्राओं की शुरुआत इसी क्षेत्र से की थी, इसलिए उन्होंने भी अपनी राजनीतिक यात्रा का पहला कदम यहीं से रखने का निर्णय लिया।
नीतीश कुमार के कार्यों का किया उल्लेख
निशांत कुमार ने अपने भाषण में नीतीश कुमार के शासनकाल के दौरान हुए बदलावों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से पहले बिहार कई समस्याओं से जूझ रहा था, लेकिन उसके बाद विकास की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। उन्होंने दावा किया कि सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सुधार हुआ और राज्य की छवि बदली। उनके अनुसार, यह बदलाव योजनाबद्ध प्रयासों और प्रशासनिक सुधारों का परिणाम था।
वर्तमान सरकार को समर्थन का भरोसा
उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री पद पर नहीं हैं, लेकिन उनका मार्गदर्शन लगातार मिलता रहेगा। निशांत कुमार ने कहा कि मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार काम कर रही है और जदयू उनका पूरा समर्थन करेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि पहले शुरू की गई योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा और विकास की गति बरकरार रहेगी।
कानून व्यवस्था में सुधार की बात
निशांत कुमार ने अपने संबोधन में कानून व्यवस्था को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि पहले राज्य में स्थिति ऐसी थी कि लोग रात में बाहर निकलने से डरते थे और कई कारोबारी राज्य छोड़ने को मजबूर थे। उन्होंने दावा किया कि पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने, नए थानों की स्थापना और बलों की भर्ती जैसे कदमों से हालात में सुधार आया। इसके बाद राज्य में सुरक्षा का माहौल बेहतर हुआ।
शिक्षा और स्वास्थ्य में बदलाव का दावा
उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए सुधारों का भी जिक्र किया। निशांत कुमार ने कहा कि पहले सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी थी और गरीब बच्चों के लिए पढ़ाई मुश्किल थी। बाद में साइकिल और पोशाक जैसी योजनाओं से बच्चों की उपस्थिति बढ़ी। इसी तरह अस्पतालों में भी सुविधाओं का विस्तार किया गया, जिससे लोगों का भरोसा सरकारी संस्थानों पर बढ़ा।
सामाजिक योजनाओं पर दिया जोर
अपने संबोधन में उन्होंने रोजगार, महिला सशक्तिकरण और गरीब कल्याण योजनाओं को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर दिए गए और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम हुआ। जीविका जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ीं।
मूल मुद्दों पर समझौता नहीं करने का दावा
निशांत कुमार ने यह भी कहा कि उनकी सोच अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता के खिलाफ स्पष्ट है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन मुद्दों पर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उनके अनुसार, राज्य में विकास और सामाजिक संतुलन को बनाए रखना प्राथमिकता होगी।