Tej Pratap Yadav Dahi Chura Feast: दुश्मनों और अपनों को एक मेज पर लाकर बिहार में मचेगा तहलका
Tej Pratap Yadav Dahi Chuda Feast: बिहार की माटी में राजनीति और संस्कृति का एक अटूट रिश्ता रहा है, जहां त्योहारों के बहाने बड़े-बड़े सियासी समीकरण साधे जाते हैं। इस बार भी कड़ाके की ठंड के बीच मकर संक्रांति के अवसर पर (Bihar Political Culture) राजनीति का पारा चढ़ने वाला है। जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख तेजप्रताप यादव ने इस साल भव्य ‘दही-चूड़ा भोज’ का ऐलान कर सबको चौंका दिया है। यह आयोजन महज एक पारंपरिक दावत नहीं, बल्कि सत्ता और विपक्ष के बीच एक पुल बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

भाई तेजस्वी और सीएम नीतीश को न्योता देने की तैयारी
तेजप्रताप यादव ने इस बार अपने भोज के लिए मेहमानों की जो सूची तैयार की है, उसने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे इस (Political Guest List) खास मौके पर अपने छोटे भाई और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को भी आमंत्रित करेंगे। सिर्फ भाई ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्यपाल को भी इस भोज में शामिल होने का न्योता दिया जाएगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि परिवार और राजनीति में आई दूरियों के बीच क्या तेजस्वी अपने बड़े भाई के घर दही-चूड़ा खाने पहुंचेंगे।
मंत्री दीपक प्रकाश के आवास पर पहुंचे तेजप्रताप यादव
अपनी तैयारियों को अमलीजामा पहनाते हुए तेजप्रताप यादव सक्रिय हो गए हैं और व्यक्तिगत रूप से नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश से (Official Government Meeting) उनके सरकारी आवास पर जाकर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मंत्री जी को आगामी 14 जनवरी को होने वाले भोज का औपचारिक निमंत्रण पत्र सौंपा। तेजप्रताप ने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए दीपक प्रकाश को उनकी नई जिम्मेदारियों के लिए बधाई भी दी।
कड़ाके की ठंड और 26 एम स्ट्रैंड रोड पर भोज का आयोजन
बिहार में इन दिनों मौसम का मिजाज काफी सख्त है और कई जिलों में जम्मू से भी ज्यादा ठंड पड़ रही है, जिसे लेकर मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। इसी ठिठुरन के बीच 14 जनवरी को (Makar Sankranti Celebration) तेजप्रताप यादव के सरकारी आवास, 26 एम स्ट्रैंड रोड पर दही-चूड़ा का भोज सजेगा। तेजप्रताप ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के दिग्गज नेताओं को एक साथ बिठाना चाहते हैं, ताकि त्योहार की मिठास कड़वाहट को कम कर सके।
मां राबड़ी देवी से मुलाकात और भावनात्मक लगाव
सियासी खींचतान के बीच तेजप्रताप यादव का अपनी मां के प्रति प्रेम अक्सर चर्चा में रहता है। नए साल के पहले दिन वे अचानक अपनी मां राबड़ी देवी के जन्मदिन पर उनके 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर पहुंचे थे। वहां उन्होंने (Family Relationship Bond) अपनी मां के साथ बैठकर केक काटा और आशीर्वाद लिया। बाद में भावुक होते हुए तेजप्रताप ने कहा कि उनकी मां उन्हें बहुत मानती हैं। परिवार से अलग पार्टी बनाने के बावजूद मां-बेटे का यह रिश्ता आज भी अटूट नजर आता है।
जेजेडी का गठन और तेजप्रताप का नया राजनीतिक संघर्ष
पिछले साल लालू प्रसाद यादव द्वारा पार्टी और घर से बाहर किए जाने के बाद तेजप्रताप ने एक कठिन रास्ता चुना था। उन्होंने अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) बनाई और बिहार विधानसभा चुनाव के मैदान में उतरे। हालांकि (Bihar Assembly Elections) के नतीजों में उन्हें और उनकी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन तेजप्रताप ने हार नहीं मानी है। अब वे सामाजिक आयोजनों और भोज के माध्यम से फिर से जनता और नेताओं के बीच अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और अन्य दिग्गजों को आमंत्रण
तेजप्रताप यादव के इस भोज में सिर्फ नीतीश कुमार ही नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी बुलाने की योजना है। तेजप्रताप का मानना है कि (Social Unity Events) समाज में भाईचारा बढ़ाने के लिए इस तरह के आयोजनों की आवश्यकता है। अगर सम्राट चौधरी और तेजस्वी यादव एक ही मेज पर दही-चूड़ा खाते नजर आते हैं, तो यह बिहार की राजनीति की सबसे बड़ी तस्वीर होगी।
14 जनवरी को होने वाले भोज पर टिकी सबकी निगाहें
दही-चूड़ा भोज बिहार की एक पुरानी परंपरा है जिसे लालू प्रसाद यादव ने बहुत ऊंचाइयों तक पहुंचाया था। अब उनके बड़े बेटे (Political Legacy in Bihar) उसी विरासत को अपने अंदाज में आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। 14 जनवरी को होने वाला यह कार्यक्रम यह तय करेगा कि तेजप्रताप यादव की अपील का बिहार के दिग्गज नेताओं पर कितना असर होता है। क्या यह भोज केवल एक दावत बनकर रह जाएगा या इससे बिहार में कोई नया राजनीतिक समीकरण जन्म लेगा, यह भविष्य के गर्भ में है।



