AmbujaCements – NCLT की मंजूरी से सांघी इंडस्ट्रीज मर्जर को मिली हरी झंडी
AmbujaCements – बाजार की हलचल पर से सांघी इंडस्ट्रीज के शेयरों में आई हल्की नरमी ने ध्यान खींचा। सुबह के कारोबार में शेयर करीब 64 रुपये के आसपास दिखे, लेकिन असली वजह कीमत नहीं थी। चर्चा इस बात की थी कि अडानी समूह की कंपनी अंबुजा सीमेंट्स को एक अहम कानूनी मोर्चे पर राहत मिल गई है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की अहमदाबाद बेंच ने अंबुजा सीमेंट्स और उसकी सब्सिडियरी सांघी इंडस्ट्रीज के मर्जर को मंजूरी दे दी है।

NCLT के फैसले में क्या रहा खास
कंपनी की ओर से 9 फरवरी 2026 को एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक, ट्रिब्यूनल ने इस मर्जर स्कीम को सभी पक्षों के हित में सही माना है। NCLT ने साफ कहा कि यह योजना शेयरहोल्डर्स, क्रेडिटर्स और पब्लिक इंटरेस्ट—तीनों के लिहाज़ से संतुलित है। फैसले में यह भी रेखांकित किया गया कि मर्जर से ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ेगी और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल संभव होगा। किसी भी हितधारक को नुकसान पहुंचने की बात ट्रिब्यूनल ने नहीं मानी।
मर्जर की प्रभावी तारीख और इसका मतलब
इस मर्जर को 1 अप्रैल 2024 से प्रभावी माना जाएगा। यानी अकाउंटिंग और बिजनेस के लिहाज़ से दोनों कंपनियों को उसी तारीख से एक इकाई के तौर पर देखा जाएगा। आम निवेशकों के लिए यह तारीख इसलिए अहम है क्योंकि इसी आधार पर आगे के वित्तीय नतीजे और प्रदर्शन को समझा जाएगा।
सांघी इंडस्ट्रीज का अधिग्रहण कैसे हुआ
अगर पीछे जाएं तो अंबुजा सीमेंट्स ने दिसंबर 2023 में सांघी इंडस्ट्रीज का अधिग्रहण किया था। इस डील की एंटरप्राइज वैल्यू करीब 5,185 करोड़ रुपये बताई गई थी। खास बात यह रही कि इस सौदे को पूरी तरह अंबुजा के इंटरनल एक्रूअल्स से फंड किया गया। अधिग्रहण के बाद अंबुजा की सांघी में हिस्सेदारी 54.51 प्रतिशत हो गई थी, जिससे कंपनी पहले ही मैनेजमेंट कंट्रोल में आ चुकी थी।
दिसंबर 2024 में मर्जर का ऐलान
अधिग्रहण के लगभग एक साल बाद, दिसंबर 2024 में अंबुजा सीमेंट्स ने बड़ा कदम उठाया। कंपनी ने घोषणा की कि वह अपनी दो सब्सिडियरी कंपनियों—सांघी इंडस्ट्रीज और पेन्ना सीमेंट इंडस्ट्रीज—को खुद में मर्ज करेगी। यह रणनीति सीधे तौर पर बिजनेस को सरल बनाने और ग्रुप के भीतर दोहराव को खत्म करने की दिशा में देखी गई।
शेयरधारकों को क्या मिलेगा
मर्जर स्कीम के तहत सांघी इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों को हर 100 शेयर, जिनकी फेस वैल्यू 10 रुपये है, के बदले अंबुजा सीमेंट्स के 12 इक्विटी शेयर मिलेंगे। इन नए शेयरों की फेस वैल्यू 2 रुपये रखी गई है। कंपनी का कहना है कि यह शेयर स्वैप रेशियो स्वतंत्र वैल्यूएशन एक्सपर्ट्स की सिफारिश पर तय किया गया है और बोर्ड से भी इसे मंजूरी मिल चुकी है।
कंपनी और सेक्टर पर संभावित असर
यह मर्जर अंबुजा सीमेंट्स की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और मार्केट पहुंच को और मजबूत करेगा। सांघी की उत्पादन क्षमता और उसके रणनीतिक लोकेशन का फायदा सीधे अंबुजा को मिलेगा। इससे लागत में बेहतर तालमेल, सप्लाई चेन में सुधार और लंबी अवधि में मार्जिन पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। भारतीय सीमेंट सेक्टर में जहां प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है, वहां इस तरह का कंसॉलिडेशन कंपनियों को ज्यादा स्थिर बनाता है।
निवेशकों के लिए संदेश
शेयर की रोज़मर्रा की चाल से अलग, इस खबर को स्ट्रक्चरल बदलाव के तौर पर देखना ज्यादा उचित है। NCLT की मंजूरी के साथ अनिश्चितता का एक बड़ा अध्याय खत्म हो गया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि मर्जर के बाद अंबुजा सीमेंट्स ऑपरेशनल सिनर्जी को कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से जमीन पर उतार पाती है।



