Anil Ambani Stocks: अनिल अंबानी ने किया धमाकेदार कमबैक, रिलायंस के शेयरों में आई सुनामी ने निवेशकों को किया मालामाल
Anil Ambani Stocks: अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए शेयर बाजार से बहुत ही सुखद खबरें आ रही हैं। बुधवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में कंपनी के शेयरों ने निवेशकों को उस वक्त चौका दिया जब कारोबार शुरू होते ही इसमें 5 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इस (Market Performance) के चलते शेयर 157.50 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। पिछले कुछ सत्रों से लगातार लग रहे अपर सर्किट ने बाजार के विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है, क्योंकि कंपनी के शेयर अब अपनी पुरानी लय वापस पाते दिख रहे हैं।

महज पांच दिनों में निवेशकों की चांदी
अगर पिछले एक हफ्ते के आंकड़ों पर गौर करें तो रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने अपने शेयरधारकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। केवल 5 दिनों के भीतर इस शेयर में 21 प्रतिशत से भी अधिक की भारी बढ़त देखी गई है। इस (Short Term Gain) की अवधि में कंपनी का स्टॉक 129 रुपये के स्तर से छलांग लगाकर 157 रुपये के पार निकल चुका है। बाजार में चल रही इस हलचल ने उन छोटे निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है जो लंबे समय से इस स्टॉक में रिकवरी का इंतजार कर रहे थे।
रिलायंस पावर ने भी दिखाई तूफानी रफ्तार
सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि अनिल अंबानी की दूसरी प्रमुख कंपनी रिलायंस पावर के शेयरों में भी जबरदस्त तेजी का रुख बना हुआ है। बुधवार को रिलायंस पावर के शेयरों ने बीएसई पर 7 प्रतिशत से अधिक की ऊंची छलांग लगाई और 37.44 रुपये के भाव पर जा पहुंचे। इस (Power Sector) के शेयरों में आई अचानक तेजी ने उन दावों को मजबूती दी है कि समूह की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। पिछले पांच दिनों में इस पावर कंपनी के निवेशकों ने 11 प्रतिशत से अधिक का मुनाफा कमाया है।
पांच सालों में रिलायंस पावर ने दिया मल्टीबैगर रिटर्न
दीर्घकालिक निवेशकों के लिए रिलायंस पावर किसी चमत्कार से कम साबित नहीं हुआ है। पिछले 5 वर्षों के सफर को देखें तो इस कंपनी के शेयरों ने 925 प्रतिशत से भी अधिक की अविश्वसनीय वृद्धि दर्ज की है। एक समय महज 3.60 रुपये पर कारोबार करने वाला यह (Penny Stocks) की श्रेणी का शेयर आज 37 रुपये के पार खड़ा है। कंपनी के 52 हफ्ते के उच्च स्तर की बात करें तो यह 76.49 रुपये तक गया था, जबकि इसका निचला स्तर 31.30 रुपये रहा है, जो इसकी अस्थिरता और विकास क्षमता दोनों को दर्शाता है।
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर का 5 साल का शानदार ट्रैक रिकॉर्ड
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने भी लंबी अवधि में अपने निवेशकों को निराश नहीं किया है। पिछले पांच साल में इस कंपनी के शेयरों में 497 प्रतिशत से ज्यादा का उछाल आया है। इस लंबी (Investment Growth) अवधि के दौरान शेयर की कीमत 26.30 रुपये से बढ़कर वर्तमान स्तर तक पहुंची है। हालांकि, यह शेयर अपने 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर 425 रुपये से अभी काफी नीचे ट्रेड कर रहा है, लेकिन हालिया तेजी ने एक नई उम्मीद जगा दी है कि आने वाले समय में यह फिर से उन ऊंचाइयों को छू सकता है।
पिछले 6 महीनों से बना हुआ था भारी दबाव
भले ही हालिया दिनों में शेयर सरपट दौड़ रहे हों, लेकिन पिछला आधा साल अनिल अंबानी की इन दोनों कंपनियों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों पर पिछले 6 महीनों से (Selling Pressure) हावी था, जिसके कारण इसमें 57 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई थी। केवल पिछले एक महीने की बात करें तो स्टॉक में 17 प्रतिशत की कमजोरी देखी गई थी। निवेशकों के मन में कंपनी के कर्ज और भविष्य की योजनाओं को लेकर कई तरह की आशंकाएं घर कर गई थीं, जिससे बिकवाली का दौर चला।
रिलायंस पावर पर भी दिखा था गिरावट का असर
बिकवाली के इस चक्र से रिलायंस पावर भी अछूता नहीं रहा। पिछले 6 महीनों के दौरान कंपनी के शेयरों में 40 प्रतिशत से अधिक की बड़ी टूट देखने को मिली थी। बाजार में चल रही (Stock Correction) की प्रक्रिया के तहत पिछले एक महीने में भी करीब 9 प्रतिशत की गिरावट आई। लेकिन अब जिस तरह से निचले स्तरों से खरीदारी लौटी है, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि बुरा दौर शायद बीत चुका है और निवेशक अब नई संभावनाओं की ओर देख रहे हैं।
रिकवरी के पीछे क्या है निवेशकों का भरोसा
बाजार के जानकारों का मानना है कि अनिल अंबानी की कंपनियों में अचानक आई इस तेजी के पीछे कुछ रणनीतिक बदलाव और कर्ज कम करने की दिशा में उठाए गए कदम हो सकते हैं। (Market Volatility) के बीच भी इन शेयरों का अपर सर्किट मारना यह दर्शाता है कि बड़े खरीदार अब इन वैल्युएशन पर दांव लगाने को तैयार हैं। रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर का अपने निचले स्तर 127.95 रुपये से संभलना एक सकारात्मक संकेत है जो तकनीकी चार्ट पर मजबूती को बयां करता है।
भविष्य की राह और निवेशकों के लिए चेतावनी
भले ही रिलायंस ग्रुप की इन कंपनियों ने 5 साल में 497% और 925% जैसे रिटर्न दिए हों, लेकिन निवेशकों को सावधानी बरतने की भी जरूरत है। इन कंपनियों का (Debt Management) हमेशा से चर्चा का विषय रहा है। वर्तमान में शेयर जिस तेजी से बढ़ रहे हैं, वह जितनी आकर्षक है, उतनी ही जोखिम भरी भी हो सकती है। वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि किसी भी उछाल में निवेश करने से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स और आगामी तिमाहियों के नतीजों का विश्लेषण करना बेहद जरूरी है।



