Commodities – वैश्विक दबाव में सोना-चांदी, MCX पर तेज गिरावट दर्ज
Commodities – घरेलू वायदा बाजार में गुरुवार को सोना और चांदी दोनों ही दबाव में नजर आए। कमजोर वैश्विक संकेतों, मजबूत अमेरिकी डॉलर और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जोखिम से बचने की धारणा कम होने के कारण कीमती धातुओं पर बिकवाली हावी रही। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी की कीमतों में तीखी गिरावट देखने को मिली, जबकि सोना भी सीमित दायरे में फिसलता दिखा।

MCX पर चांदी में सबसे तेज गिरावट
एमसीएक्स पर चांदी की कीमतों में गुरुवार को करीब 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान चांदी फिसलकर 2,29,187 रुपये प्रति किलोग्राम के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गई। हफ्ते की शुरुआत में कीमतों में हल्की रिकवरी जरूर देखने को मिली थी, लेकिन वह तेजी ज्यादा देर टिक नहीं सकी। वैश्विक बाजारों में टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली और अमेरिकी मुद्रा में मजबूती ने चांदी पर दोबारा दबाव बना दिया। नतीजतन, यह सफेद धातु लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट की ओर बढ़ती दिखाई दी।
सोने की कीमतों में भी कमजोरी
सोने की कीमतें भी इस दबाव से अछूती नहीं रहीं। एमसीएक्स पर सोना लगभग 2 प्रतिशत टूटकर 1,49,396 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग फिलहाल कमजोर हुई है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कुछ नरमी के संकेत मिले हैं। इससे निवेशकों का झुकाव डॉलर जैसी दूसरी परिसंपत्तियों की ओर बढ़ा है।
COMEX पर तकनीकी स्तर टूटे
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कीमती धातुओं का प्रदर्शन कमजोर रहा। COMEX पर कारोबार शुरू होते ही सोना और चांदी दोनों ही महत्वपूर्ण तकनीकी स्तरों के नीचे फिसल गए। सोने की कीमत 4,750 डॉलर प्रति औंस के अहम सपोर्ट स्तर से नीचे आकर 4,671.74 डॉलर प्रति औंस तक गिर गई। इसी तरह, चांदी 70 डॉलर के स्तर को नहीं संभाल सकी और 63.900 डॉलर प्रति औंस तक लुढ़क गई। इन स्तरों के टूटने से बाजार में और बिकवाली का दबाव बढ़ गया।
हालिया रिकॉर्ड हाई से काफी नीचे भाव
गुरुवार के बंद भाव पर नजर डालें तो अप्रैल 2026 एक्सपायरी वाला सोने का वायदा 1,52,260 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। यह इसका अब तक का रिकॉर्ड उच्च स्तर 1,80,779 रुपये से करीब 28,500 रुपये कम है। हालांकि, इस सत्र में सोने में हल्की मजबूती भी देखने को मिली थी। वहीं, चांदी 2,46,452 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई, जो इसके रिकॉर्ड हाई 4,20,048 रुपये से लगभग 1,73,500 रुपये नीचे है। उल्लेखनीय है कि ये रिकॉर्ड स्तर पिछले शुक्रवार को ही बने थे और उसके बाद महज चार कारोबारी सत्रों में इतनी बड़ी गिरावट आई है।
गिरावट के पीछे क्या हैं कारण
विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर की मजबूती सोने और चांदी की कीमतों पर सबसे बड़ा दबाव बना रही है। इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में कमी की खबरों ने भी सुरक्षित निवेश की मांग को कमजोर किया है। दोनों देशों के बीच परमाणु वार्ता दोबारा शुरू होने की घोषणा के बाद वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ी है, जिसका असर कीमती धातुओं पर साफ दिख रहा है।
बाजार विशेषज्ञों की राय
SEBI पंजीकृत बाजार विशेषज्ञ अनुज गुप्ता का कहना है कि अमेरिका-ईरान वार्ता से जुड़ी सकारात्मक उम्मीदों ने डॉलर को मजबूती दी है। इससे सोना और चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों की मांग घटी है। उन्होंने बताया कि संभावित परमाणु समझौते को लेकर बातचीत की शुरुआत ने निवेशकों की धारणा बदली है।
PACE 360 के मुख्य वैश्विक रणनीतिकार अमित गोयल के अनुसार, कीमती और आधार धातुओं में जो तेजी देखने को मिली थी, वह अब समाप्त हो चुकी है। उनका मानना है कि ऊंचे स्तरों पर खरीदी करने वाले निवेशकों को किसी भी छोटी तेजी में अपनी पोजीशन घटाने पर विचार करना चाहिए। आने वाले समय में धातुओं के दाम और नीचे जाकर अपने वास्तविक मूल्य के करीब पहुंच सकते हैं।
ओमान में फिर शुरू होगी परमाणु वार्ता
अमेरिका और ईरान शुक्रवार को ओमान में परमाणु वार्ता दोबारा शुरू करने जा रहे हैं। यह बातचीत जून में इजरायल-ईरान संघर्ष और उसके बाद ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों के चलते रुकी हुई थी। वार्ता ऐसे समय में हो रही है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर राजनीतिक और कूटनीतिक दबाव बनाए हुए हैं। इन घटनाक्रमों का असर सीधे तौर पर वैश्विक बाजारों और निवेशकों की रणनीति पर पड़ता नजर आ रहा है।



