E to E Transportation Infrastructure IPO GMP: पैसा बनाने की मशीन बना यह आईपीओ, क्या आप भी बन रहे हैं हिस्सेदार…
E to E Transportation Infrastructure IPO GMP: भारतीय शेयर बाजार में एसएमई सेगमेंट इन दिनों निवेशकों के लिए सोने की खान साबित हो रहा है। ई टू ई ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर के आईपीओ ने अपनी शुरुआत के साथ ही दलाल स्ट्रीट पर तहलका मचा दिया है। पहले ही दिन निवेशकों ने इस पर (Stock Market Investment Trends) को ध्यान में रखते हुए भारी भरोसा दिखाया और पूरा इश्यू सब्सक्राइब कर लिया। कंपनी की विकास योजनाओं और इसके मजबूत वित्तीय ढांचे ने बड़े और छोटे दोनों ही प्रकार के निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित किया है, जिससे यह आईपीओ इस साल के सबसे सफल सार्वजनिक प्रस्तावों में से एक बनने की राह पर अग्रसर है।

सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों ने तोड़ा रिकॉर्ड
शुक्रवार को जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक, इस एसएमई आईपीओ को कुल 7.42 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है, जो इसकी लोकप्रियता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। सबसे ज्यादा उत्साह रिटेल निवेशकों में देखा गया, जहां यह हिस्सा (Retail Investor Participation Rate) के मामले में 9.89 गुना तक भर गया। वहीं, गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) ने इसे 8.56 गुना और योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) ने 2.25 गुना सब्सक्राइब किया। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि बाजार के हर वर्ग ने इस ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी की भविष्य की संभावनाओं पर अपनी मुहर लगा दी है।
ग्रे मार्केट में छप्परफाड़ मुनाफे के संकेत
इन्वेस्टर्स गेन की ताजा रिपोर्ट ने आईपीओ में आवेदन करने वालों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी है। ग्रे मार्केट में कंपनी का आईपीओ 145 रुपये के भारी प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। यह (Grey Market Premium Analysis) स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि लिस्टिंग के दिन निवेशकों को लगभग 83 प्रतिशत का सीधा लाभ मिल सकता है। अगर बाजार की यही तेजी और ग्रे मार्केट का रुख बरकरार रहता है, तो कंपनी के शेयर 300 रुपये के पार लिस्ट होकर निवेशकों की पूंजी को दोगुने के करीब पहुंचा सकते हैं।
प्राइस बैंड और न्यूनतम निवेश की जानकारी
कंपनी ने इस आईपीओ के लिए 164 रुपये से 174 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। हालांकि, रिटेल निवेशकों के लिए एक विशेष शर्त रखी गई है। कंपनी ने (IPO Price Band Structures) के तहत 800 शेयरों का एक लॉट बनाया है और रिटेल निवेशकों को कम से कम दो लॉट के लिए आवेदन करना अनिवार्य है। इसका सीधा मतलब है कि एक छोटे निवेशक को इस आईपीओ में हिस्सा लेने के लिए कम से कम 2,78,400 रुपये की बड़ी राशि का निवेश करना होगा। यह निवेश राशि आम एसएमई आईपीओ की तुलना में थोड़ी अधिक है।
आईपीओ का कुल साइज और फ्रेश इश्यू
ई टू ई ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर आईपीओ का कुल आकार 84.22 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। खास बात यह है कि (Fresh Issue vs OFS Details) के नियमों के अनुसार यह आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश शेयरों पर आधारित है। कंपनी बाजार में 48 लाख नए शेयर जारी कर रही है और जुटाए गए फंड का इस्तेमाल कंपनी के विस्तार और परिचालन कार्यों में किया जाएगा। इस इश्यू में कोई भी मौजूदा प्रमोटर या निवेशक अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहा है (ऑफर फॉर सेल नहीं है), जो निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जाता है।
महत्वपूर्ण तारीखें और लिस्टिंग का प्लेटफॉर्म
यह एसएमई आईपीओ 26 दिसंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था और निवेशकों के पास अपनी किस्मत आजमाने के लिए 30 दिसंबर 2025 तक का समय है। समय सीमा नजदीक आने के साथ (Upcoming SME IPO Deadlines) पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि अंतिम दिन सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा और भी तेजी से बढ़ सकता है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE SME) प्लेटफॉर्म पर की जाएगी। लिस्टिंग के दिन निवेशकों की नजरें इसके ओपनिंग प्राइस पर टिकी रहेंगी।
ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में कंपनी का दबदबा
ई टू ई ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी मुख्य रूप से परिवहन के बुनियादी ढांचे के विकास में सक्रिय है। जैसे-जैसे देश में बुनियादी ढांचे पर सरकारी खर्च बढ़ रहा है, (Infrastructure Sector Growth Potential) को देखते हुए कंपनी का भविष्य काफी उज्ज्वल नजर आता है। यही कारण है कि निवेशक लंबी अवधि के दृष्टिकोण से भी इस आईपीओ में रुचि दिखा रहे हैं। कंपनी का पोर्टफोलियो और इसके आगामी प्रोजेक्ट्स इसे बाजार में एक विश्वसनीय नाम के रूप में स्थापित कर रहे हैं, जिसका लाभ इसके शेयरधारकों को भविष्य में मिलने की पूरी उम्मीद है।
निवेशकों के लिए सुझाव और अंतिम मौका
30 दिसंबर को शाम 5 बजे तक निवेशक इस धमाकेदार आईपीओ के लिए आवेदन कर सकते हैं। भारी प्रीमियम और मजबूत सब्सक्रिप्शन को देखते हुए (Investment Strategy for IPOs) का पालन करने वाले जानकारों का कहना है कि यह लिस्टिंग गेन के लिए एक बेहतरीन मौका हो सकता है। हालांकि, अधिक निवेश राशि और एसएमई सेगमेंट के जोखिमों को ध्यान में रखते हुए निवेशकों को अपने वित्तीय सलाहकार से राय जरूर लेनी चाहिए। जिस तरह का रिस्पॉन्स पहले दिन मिला है, उससे यह साफ है कि ई टू ई ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर का यह सफर काफी ऊंचाइयों तक जाने वाला है।



