FuelPrice – एटीएफ और कमर्शियल एलपीजी हुए सस्ते, निर्यात शुल्क में भी हुआ बदलाव
FuelPrice – केंद्र सरकार ने 1 जुलाई से विमानन क्षेत्र को राहत देते हुए घरेलू एयरलाइंस के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत में लगभग 5 रुपये प्रति लीटर की कमी की है। नई दर लागू होने के बाद दिल्ली में एटीएफ का भाव करीब 110 रुपये प्रति लीटर रह गया है। इससे पहले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी बड़ी कटौती की गई थी। हालांकि, घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दाम पहले की तरह ही बने हुए हैं।

कमर्शियल एलपीजी में राहत, घरेलू सिलेंडर की कीमत स्थिर
सरकार ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 183.50 रुपये की कमी की है। वर्ष 2025 में यह पहली बार है जब इस श्रेणी के सिलेंडर के दाम घटाए गए हैं। दूसरी ओर, घरेलू उपभोक्ताओं द्वारा उपयोग किए जाने वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई संशोधन नहीं किया गया है, जिससे आम परिवारों के लिए फिलहाल राहत नहीं मिली है।
पेट्रोल और डीजल के दामों में अलग-अलग कंपनियों का रुख
ईंधन बाजार में निजी क्षेत्र की कंपनी नायरा ने पेट्रोल की कीमत 5 रुपये और डीजल की कीमत 3 रुपये प्रति लीटर तक कम करने का फैसला किया है। वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख तेल कंपनियां इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने अपने खुदरा ईंधन मूल्यों में कोई बदलाव नहीं किया है। ऐसे में अलग-अलग कंपनियों के उपभोक्ताओं पर इसका प्रभाव भिन्न हो सकता है।
निर्यात शुल्क की नई दरें भी लागू
सरकार ने ईंधन निर्यात से जुड़े विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) में भी संशोधन किया है। नई अधिसूचना के अनुसार अब पेट्रोल के निर्यात पर 4 रुपये प्रति लीटर और डीजल के निर्यात पर 8.5 रुपये प्रति लीटर शुल्क लागू होगा। वहीं, एटीएफ के निर्यात पर SAED की दर 7.5 रुपये प्रति लीटर निर्धारित की गई है। ये सभी संशोधित दरें 1 जुलाई से प्रभावी हो चुकी हैं।
दो सप्ताह की समीक्षा प्रक्रिया के तहत लिया गया फैसला
वित्त मंत्रालय समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की औसत कीमतों के आधार पर इन शुल्कों की समीक्षा करता है। यह प्रक्रिया लगभग प्रत्येक दो सप्ताह में अपनाई जाती है। हालिया संशोधन भी इसी समीक्षा व्यवस्था का हिस्सा है, जिसे पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के दौरान देश में पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के उद्देश्य से लागू किया गया था। इससे पहले 16 जून को शुल्क दरों में बदलाव किया गया था।
अधिक देशों को मिली निर्यात शुल्क से छूट
सरकार ने इस बार निर्यात शुल्क से छूट पाने वाले देशों की सूची का भी विस्तार किया है। पहले नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका को सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के माध्यम से होने वाले पेट्रोल, डीजल और एटीएफ निर्यात पर यह सुविधा मिलती थी। अब इस सूची में मॉरीशस और मालदीव को भी शामिल कर दिया गया है, जिससे इन देशों के लिए निर्यात प्रक्रिया पहले की तरह शुल्क मुक्त रहेगी।
घरेलू उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा सीधा असर
सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश के भीतर बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर लागू एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसका मतलब है कि निर्यात शुल्क में हुए संशोधन का सीधा प्रभाव घरेलू पेट्रोल पंपों पर ईंधन खरीदने वाले उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा। मौजूदा बदलाव मुख्य रूप से निर्यात व्यवस्था और विमानन ईंधन की कीमतों से जुड़े हैं, जबकि आम उपभोक्ताओं के लिए खुदरा ईंधन कर संरचना पहले जैसी ही बनी हुई है।