IRBInfrastructure – तिमाही नतीजों के साथ डिविडेंड और बोनस की घोषणा
IRBInfrastructure – आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स लिमिटेड ने अपने हालिया तिमाही नतीजों के साथ निवेशकों के लिए डिविडेंड और बोनस शेयर का ऐलान किया है। कंपनी ने यह जानकारी शेयर बाजार को दी, जिसके बाद निवेशकों की नजर इस स्टॉक पर टिक गई। हालांकि वित्तीय प्रदर्शन में गिरावट दर्ज की गई है, फिर भी कंपनी ने शेयरधारकों को लाभांश देने और पहली बार बोनस जारी करने का फैसला किया है।

डिविडेंड का ऐलान और रिकॉर्ड डेट
कंपनी ने एक रुपये के फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर 0.07 रुपये का डिविडेंड देने की घोषणा की है, जो सात प्रतिशत के बराबर है। इसके लिए 19 फरवरी को रिकॉर्ड डेट तय की गई है। यानी जिन निवेशकों का नाम इस तारीख तक कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज रहेगा, उन्हें लाभांश का फायदा मिलेगा।
कंपनी इससे पहले भी वर्ष 2025 में तीन बार डिविडेंड दे चुकी है। पिछली बार नवंबर 2025 में शेयर एक्स-डिविडेंड हुआ था। इस बार का निर्णय तिमाही नतीजों के साथ सामने आया है।
पहली बार बोनस शेयर की पेशकश
आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर ने अपने इतिहास में पहली बार बोनस शेयर देने का निर्णय लिया है। कंपनी ने एक शेयर के बदले एक अतिरिक्त शेयर जारी करने की घोषणा की है। हालांकि बोनस के लिए रिकॉर्ड डेट अभी तय नहीं की गई है। निवेशकों के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है, क्योंकि बोनस से शेयरों की संख्या बढ़ेगी और लिक्विडिटी पर असर पड़ सकता है।
शेयर की चाल और बाजार प्रदर्शन
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन कंपनी का शेयर बीएसई पर 1.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 43.97 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक महीने में इस स्टॉक में 7.48 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। हालांकि पिछले एक वर्ष में निवेशकों को लगभग 11 प्रतिशत का नुकसान उठाना पड़ा है।
कंपनी का 52 सप्ताह का उच्च स्तर 54.38 रुपये और निचला स्तर 38.57 रुपये रहा है। मौजूदा समय में कंपनी का मार्केट कैप करीब 26,553 करोड़ रुपये है।
लॉन्ग टर्म रिटर्न का आंकड़ा
लंबी अवधि में कंपनी के शेयरों ने मिश्रित रुख दिखाया है। पिछले तीन वर्षों में स्टॉक करीब 51 प्रतिशत चढ़ा है। वहीं पांच साल की अवधि में यह करीब 303 प्रतिशत का रिटर्न दे चुका है। शेयरहोल्डिंग पैटर्न पर नजर डालें तो प्रमोटर की हिस्सेदारी 30.42 प्रतिशत है, जबकि 69.58 प्रतिशत हिस्सेदारी आम निवेशकों के पास है।
तिमाही नतीजों में मुनाफे में गिरावट
वित्तीय नतीजों की बात करें तो अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट 210.79 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 96.50 प्रतिशत कम है। कंपनी की बिक्री में भी 7.62 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
मुनाफे में आई इस तेज गिरावट ने बाजार विश्लेषकों का ध्यान खींचा है। हालांकि कंपनी ने शेयरधारकों को डिविडेंड और बोनस देने का फैसला कर सकारात्मक संकेत देने की कोशिश की है।
आगे की राह पर नजर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की परियोजनाओं पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी। बुनियादी ढांचा क्षेत्र में गतिविधियों और ऑर्डर बुक की स्थिति आने वाले समय में शेयर की दिशा तय कर सकती है। फिलहाल निवेशकों के लिए रिकॉर्ड डेट और बोनस से जुड़ी अगली घोषणा अहम रहेगी।



