KawasakiIndia – रोड टू द हिमालय प्रोग्राम की हुई घोषणा
KawasakiIndia – कावासाकी इंडिया ने अपने ग्राहकों के लिए एक नया और महत्वाकांक्षी पहल शुरू करने की घोषणा की है। कंपनी ने “रोड टू द हिमालय” नाम से एक विशेष कार्यक्रम पेश किया है, जिसका उद्देश्य एडवेंचर राइडिंग के शौकीनों को पेशेवर प्रशिक्षण देना और उन्हें देश की प्रतिष्ठित रैली ऑफ द हिमालय में भाग लेने का अवसर उपलब्ध कराना है। यह पहल केवल एक राइडिंग इवेंट नहीं, बल्कि गंभीर मोटरसाइकिल उत्साही लोगों के लिए एक सुव्यवस्थित तैयारी मंच के रूप में सामने आई है।

प्रशिक्षण और चयन की समय-सीमा
कंपनी के मुताबिक यह कार्यक्रम अप्रैल 2026 से शुरू होकर अगस्त 2026 तक चलेगा। इस दौरान प्रतिभागियों को चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जाएगा। सितंबर 2026 में अंतिम चयन चरण आयोजित होगा, जिसके बाद चुने गए राइडर्स को अक्टूबर 2026 में होने वाली रैली ऑफ द हिमालय में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। इच्छुक प्रतिभागी अपने नजदीकी अधिकृत डीलरशिप के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं।
पहले चरण में मिलेगा विशेषज्ञ मार्गदर्शन
कार्यक्रम के शुरुआती चरण में प्रतिभागियों को ऑफ-रोड और एडवेंचर राइडिंग की बारीकियों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें कठिन रास्तों पर संतुलन, लंबी दूरी की तैयारी, सुरक्षा उपाय और बाइक नियंत्रण जैसी अहम बातें शामिल होंगी। यह प्रशिक्षण अनुभवी विशेषज्ञों की देखरेख में आयोजित किया जाएगा।
ट्रेनिंग पूरी होने के बाद प्रतिभागियों की क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा। अंतिम चयन में वही राइडर्स आगे बढ़ पाएंगे जो तय मानकों पर खरे उतरेंगे। चयनित प्रतिभागियों को रैली ऑफ द हिमालय में भाग लेने का अवसर मिलेगा, जिसे देश की सबसे चुनौतीपूर्ण मोटरसाइकिल रैलियों में गिना जाता है।
ऑफ-रोड रणनीति में KLX230 की भूमिका
कावासाकी की ऑफ-रोड रणनीति में KLX230 महत्वपूर्ण स्थान रखती है। यह कंपनी की ड्यूल-स्पोर्ट श्रेणी की मोटरसाइकिल है, जिसे 2024 में भारतीय बाजार में पेश किया गया था। हल्के ढांचे और मजबूत सस्पेंशन के कारण इसे कठिन रास्तों के लिए उपयुक्त माना जाता है।
इसमें 233 सीसी का एयर-कूल्ड, सिंगल-सिलेंडर इंजन दिया गया है, जो 18.7 बीएचपी की पावर और 19 न्यूटन मीटर का टॉर्क उत्पन्न करता है। शुरुआती लॉन्च के समय इसकी कीमत 3.30 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) थी। हालांकि, स्थानीय उत्पादन और कर संरचना में बदलाव के बाद इसकी कीमत घटकर लगभग 1.84 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रह गई है। कीमत में कमी के बाद यह मॉडल ऑफ-रोड सेगमेंट में अधिक प्रतिस्पर्धी बनकर उभरा है।
भारत में बढ़ता एडवेंचर राइडिंग का चलन
पिछले कुछ वर्षों में भारत में एडवेंचर और ऑफ-रोड राइडिंग का आकर्षण तेजी से बढ़ा है। युवाओं के साथ-साथ अनुभवी राइडर्स भी अब लंबी दूरी और चुनौतीपूर्ण इलाकों में मोटरसाइकिल चलाने की ओर आकर्षित हो रहे हैं। ऐसे माहौल में कावासाकी का यह कार्यक्रम ब्रांड और राइडर्स के बीच गहरा जुड़ाव स्थापित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
कंपनी का उद्देश्य केवल बाइक बेचना नहीं, बल्कि एक सक्रिय राइडिंग समुदाय तैयार करना है। “रोड टू द हिमालय” कार्यक्रम इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। आने वाले महीनों में जैसे-जैसे इस पहल से जुड़ी और जानकारियां सामने आएंगी, इच्छुक प्रतिभागियों के लिए तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।



