बिज़नेस

MonetaryPolicy – आरबीआई की आज होने वाली एमपीसी घोषणा पर टिकी बाजार की नजरें

MonetaryPolicy – भारतीय रिजर्व बैंक आज शुक्रवार, 6 फरवरी को अपनी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में लिए गए फैसलों की घोषणा करने जा रहा है। यह मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 की अंतिम नीति समीक्षा मानी जा रही है, ऐसे में आम उपभोक्ताओं से लेकर निवेशकों और बैंकिंग सेक्टर तक की निगाहें इस पर टिकी हुई हैं। खास सवाल यही है कि क्या कर्ज की लागत और कम होगी या फिर केंद्रीय बैंक मौजूदा ब्याज दरों को बरकरार रखेगा।

monetary policy rbi mpc announcement today

WhatsApp Group Join Now

बजट के बाद नीति का महत्व बढ़ा

फरवरी की यह मौद्रिक नीति बैठक केंद्रीय बजट के तुरंत बाद हो रही है, जिसमें सरकार ने विकास को गति देने, पूंजीगत खर्च बढ़ाने और राजकोषीय संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया है। बजट के बाद आमतौर पर आरबीआई की नीति यह संकेत देती है कि आने वाले महीनों में आर्थिक गतिविधियों को किस हद तक समर्थन मिलेगा। उपभोग, निजी निवेश और कर्ज के विस्तार के लिहाज से यह नीति समीक्षा अहम मानी जा रही है।

पिछली बैठक में क्या रहा था फैसला

पिछली एमपीसी बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 25 आधार अंकों की कटौती करते हुए इसे 5.25 प्रतिशत पर ला दिया था। इसके साथ ही स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) की दर 5.00 प्रतिशत तय की गई थी, जबकि मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) और बैंक रेट 5.50 प्रतिशत पर रखे गए थे। उस समय समिति ने मौद्रिक नीति के रुख को तटस्थ बनाए रखने का निर्णय लिया था, ताकि भविष्य की परिस्थितियों के अनुसार लचीलापन बना रहे।

यह कटौती फरवरी 2025 के बाद चौथी बार की गई थी। पूरे कैलेंडर वर्ष 2025 के दौरान आरबीआई ने रेपो रेट में कुल 125 आधार अंकों की कमी की, जो पहले 6.50 प्रतिशत के स्तर पर था। हालांकि अगस्त और अक्टूबर की समीक्षा में दरों को स्थिर रखा गया था, लेकिन साल के अंत में एक बार फिर राहत दी गई।

बैठक का कार्यक्रम और घोषणा का समय

मौद्रिक नीति समिति की यह बैठक 4 फरवरी से शुरू होकर 6 फरवरी तक चली। आज सुबह 10 बजे आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा नीति फैसलों की औपचारिक घोषणा करेंगे। इसके बाद दोपहर 12 बजे विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, जिसमें नीतिगत फैसलों के पीछे के तर्क और आर्थिक आकलन साझा किए जाएंगे।

कहां देख सकते हैं लाइव अपडेट

नीति घोषणा और प्रेस कॉन्फ्रेंस का सीधा प्रसारण आरबीआई के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा, दोपहर 12 बजे से आरबीआई के यूट्यूब चैनल पर भी प्रेस कॉन्फ्रेंस देखी जा सकेगी। बाजार से जुड़े लोग और निवेशक विभिन्न वित्तीय समाचार प्लेटफॉर्म्स के लाइव ब्लॉग के जरिए भी पल-पल की जानकारी हासिल कर सकते हैं।

बाजार क्या उम्मीद कर रहा है

मौजूदा संकेतों के आधार पर ज्यादातर बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर ही बना रहेगा। महंगाई के स्तर, वैश्विक अनिश्चितताओं और घरेलू विकास दर को देखते हुए आरबीआई फिलहाल सतर्क रुख अपना सकता है।

अर्थशास्त्रियों की राय क्या कहती है

कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी के सीआईओ (डेट) दीपक अग्रवाल के अनुसार, समिति से रेपो दर को मौजूदा स्तर पर बनाए रखने की संभावना अधिक है। वहीं अनंद राठी समूह के मुख्य अर्थशास्त्री और कार्यकारी निदेशक सुजान हजरा का कहना है कि भले ही सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर में हल्की नरमी देखने को मिले, लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र के पूंजीगत खर्च और हाल में हुए दो बड़े व्यापार समझौतों से अर्थव्यवस्था को समर्थन मिल रहा है। ऐसे में मौद्रिक नीति के सामने संतुलन बनाए रखने की चुनौती बनी हुई है।

आम लोगों के लिए क्यों अहम है यह फैसला

आरबीआई के फैसलों का सीधा असर होम लोन, कार लोन और अन्य उपभोक्ता ऋणों की ईएमआई पर पड़ता है। यदि ब्याज दरों में कटौती होती है तो कर्ज सस्ता हो सकता है, वहीं दरें स्थिर रहने पर मौजूदा वित्तीय बोझ में कोई बदलाव नहीं होगा। यही वजह है कि यह नीति समीक्षा आम लोगों और कारोबारियों दोनों के लिए खास मायने रखती है।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.