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PharmaDeal – सन फार्मा ने अमेरिकी ऑर्गेनॉन के अधिग्रहण का लिया बड़ा फैसला

PharmaDeal – भारत की प्रमुख दवा कंपनी सन फार्मा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। कंपनी ने अमेरिकी फार्मा फर्म ऑर्गेनॉन का अधिग्रहण करने का निर्णय लिया है, जिसे हाल के समय की बड़ी विदेशी डील्स में गिना जा रहा है। समझौते के तहत सन फार्मा ऑर्गेनॉन के प्रत्येक शेयर के लिए 14 डॉलर नकद भुगतान करेगी। इस सौदे के आधार पर कंपनी का कुल एंटरप्राइज वैल्यू लगभग 11.75 अरब डॉलर आंका गया है। इस खबर के सामने आने के बाद बाजार में सन फार्मा के शेयरों को लेकर हलचल बढ़ गई है और निवेशकों की नजरें इस पर टिकी हुई हैं।

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अधिग्रहण की फंडिंग का खाका

इस बड़े अधिग्रहण को पूरा करने के लिए सन फार्मा ने संतुलित वित्तीय रणनीति तैयार की है। कंपनी अपनी उपलब्ध नकदी का उपयोग करेगी और साथ ही बैंकों से जरूरी फंडिंग भी लेगी। प्रबंधन का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया को इस तरह डिजाइन किया गया है कि कंपनी की बैलेंस शीट पर अनावश्यक दबाव न पड़े। यह संकेत देता है कि कंपनी जोखिम को नियंत्रित रखते हुए विस्तार की योजना पर काम कर रही है।

मंजूरी और समयसीमा से जुड़ी जानकारी

इस सौदे को दोनों कंपनियों के बोर्ड से हरी झंडी मिल चुकी है। अब अगला चरण नियामकीय स्वीकृतियों और ऑर्गेनॉन के शेयरधारकों की सहमति का है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यदि सभी औपचारिकताएं तय समय पर पूरी हो जाती हैं, तो यह अधिग्रहण 2027 की शुरुआत तक अंतिम रूप ले सकता है। इस दौरान विभिन्न देशों के नियामकों की मंजूरी अहम भूमिका निभाएगी।

ऑर्गेनॉन का कारोबार और फोकस

ऑर्गेनॉन एक अपेक्षाकृत नई लेकिन तेजी से उभरती फार्मा कंपनी है, जिसकी स्थापना 2021 में मर्क एंड कंपनी से अलग होने के बाद हुई थी। कंपनी का मुख्य फोकस महिला स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर है। इसके पोर्टफोलियो में ब्रेस्ट कैंसर, गर्भनिरोधक, ऑस्टियोपोरोसिस और मेनोपॉज से संबंधित दवाएं शामिल हैं। वित्तीय स्थिति की बात करें तो पिछले साल के अंत तक कंपनी पर करीब 8.8 अरब डॉलर का कर्ज था, जबकि इसका मार्केट कैप लगभग 3 अरब डॉलर के आसपास रहा है।

अन्य दावेदार भी थे मैदान में

सूत्रों के मुताबिक, इस डील के लिए केवल सन फार्मा ही नहीं बल्कि जर्मनी की एक दवा कंपनी और कुछ प्राइवेट इक्विटी निवेशकों ने भी रुचि दिखाई थी। इसके बावजूद सन फार्मा ने प्रतिस्पर्धी बोली लगाकर इस सौदे को अपने पक्ष में कर लिया। यह दर्शाता है कि कंपनी इस अधिग्रहण को लेकर कितनी गंभीर थी और इसे अपनी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा मान रही थी।

वैश्विक विस्तार की दिशा में कदम

लगभग 41 अरब डॉलर के मार्केट वैल्यू के साथ सन फार्मा पहले से ही भारत की अग्रणी फार्मा कंपनियों में शामिल है। ऑर्गेनॉन के अधिग्रहण के जरिए कंपनी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत करना चाहती है। खासतौर पर महिला स्वास्थ्य जैसे तेजी से बढ़ते सेगमेंट में यह कदम कंपनी के लिए नए अवसर खोल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सौदा सन फार्मा की वैश्विक पहचान को और सुदृढ़ करने में मदद करेगा।

शेयर बाजार की प्रतिक्रिया

इस खबर के बीच शेयर बाजार में भी हलचल देखने को मिली। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन सन फार्मा के शेयर में 3.65 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 1618.50 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े अधिग्रहण का असर लंबी अवधि में देखने को मिलता है और निवेशक फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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