Top Stocks to Watch Today: आज शेयर बाजार में मचेगा तहलका, इन 10 शेयरों पर दांव लगाने के लिए तैयार रहें निवेशक
Top Stocks to Watch Today: नए साल की शुरुआत के साथ ही भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त हलचल देखी जा रही है। वैश्विक संकेतों और घरेलू कंपनियों से जुड़ी सकारात्मक खबरों के कारण आज बाजार में एक बड़ी छलांग लगने की उम्मीद है। निवेशकों की नजरें विशेष रूप से उन चुनिंदा कंपनियों पर टिकी हैं जिन्होंने हाल ही में बड़े सौदों या नीतिगत बदलावों की घोषणा की है। आज का (Intraday Trading Opportunities) सत्र काफी रोमांचक होने वाला है, क्योंकि कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव की प्रबल संभावना है।

वोडाफोन आइडिया में फंड की नई संजीवनी
वोडाफोन आइडिया के निवेशकों के लिए एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। कंपनी को उसके प्रमोटर वोडाफोन ग्रुप से एक संशोधित समझौते के तहत 5,836 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि मिलने वाली है। यह रकम लंबे समय से लंबित देनदारियों को सुलझाने में (Debt Restructuring Strategy) का एक अहम हिस्सा है। इस खबर के बाद टेलीकॉम सेक्टर के इस शेयर में निवेशकों की रुचि तेजी से बढ़ने की उम्मीद है, जिससे आज इसके भाव में उछाल आ सकता है।
हुंडई इंडिया की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान
देश की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी हुंडई इंडिया ने एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक घोषणा की है। कंपनी ने बुधवार को स्पष्ट किया कि वह 1 जनवरी 2026 से अपनी गाड़ियों के दामों में इजाफा कर रही है। लागत मूल्य में हो रही निरंतर बढ़ोतरी के प्रभाव को कम करने के लिए (Automotive Pricing Policy) में यह बदलाव किया गया है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर होगी कि इस फैसले का असर कंपनी के सेल्स वॉल्यूम और स्टॉक परफॉर्मेंस पर कैसा पड़ता है।
एनबीसीसी इंडिया की ऑर्डर बुक हुई मजबूत
सार्वजनिक क्षेत्र की नवरत्न कंपनी एनबीसीसी (NBCC) इंडिया को तीन बड़े घरेलू प्रोजेक्ट्स हासिल हुए हैं। इन प्रोजेक्ट्स की कुल अनुमानित लागत 220.31 करोड़ रुपये है, जिसमें केनरा बैंक का बेंगलुरु मुख्यालय और नवोदय विद्यालय समिति के स्कूलों का निर्माण कार्य शामिल है। इस नए (Government Infrastructure Contracts) के मिलने से कंपनी की भविष्य की आय और ऑर्डर बुक को काफी मजबूती मिली है, जो इसे आज के लिए एक आकर्षक स्टॉक बनाता है।
HUDCO ने रचा लोन मंजूरी का नया कीर्तिमान
हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (HUDCO) ने वित्तीय वर्ष 2026 के शुरुआती नौ महीनों में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने कुल 1.39 लाख करोड़ रुपये के प्रोविजनल लोन सैंक्शन करने का ऐतिहासिक आंकड़ा हासिल किया है। इस (Housing Finance Growth) की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल तीसरी तिमाही में ही 46,167 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। यह प्रदर्शन कंपनी के बुनियादी ढांचे की मजबूती को दर्शाता है।
आरबीएल बैंक और नियामक बाधाएं
निजी क्षेत्र के आरबीएल बैंक (RBL Bank) के लिए नियामक मोर्चे पर एक खबर आई है। बैंक ने अपनी विदेशी शेयरहोल्डिंग को अस्थायी रूप से 24 प्रतिशत तक सीमित करने का एक प्रस्ताव पेश किया था, जिसे वर्तमान नियमों के तहत मंजूरी नहीं मिल सकी है। इस (Regulatory Framework Compliance) से जुड़ी खबर का असर आज बैंक के शेयरों की चाल पर देखा जा सकता है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे इस स्टॉक में सावधानी के साथ अपनी पोजीशन बनाएं।
एनसीसी और रेडिंगटन के लिए अहम अपडेट्स
निर्माण क्षेत्र की बड़ी कंपनी एनसीसी (NCC) को दिसंबर महीने में 1,237.24 करोड़ रुपये के चार नए ऑर्डर मिले हैं, जो इसकी कार्यक्षमता को प्रमाणित करते हैं। दूसरी ओर, रेडिंगटन को जीएसटी मूल्यांकन के तहत 148.33 करोड़ रुपये की मांग का सामना करना पड़ रहा है। इन (Corporate Taxation Issues) के कारण रेडिंगटन के शेयर पर कुछ दबाव देखा जा सकता है, जबकि एनसीसी की ऑर्डर बुक उसे सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए पर्याप्त नजर आ रही है।
ब्लू डार्ट और आईआरएफसी में सकारात्मक बदलाव
लॉजिस्टिक क्षेत्र की कंपनी ब्लू डार्ट एक्सप्रेस के लिए एक बड़ी वित्तीय राहत आई है। कंपनी की सहायक इकाई पर प्रस्तावित 420.79 करोड़ रुपये की जीएसटी डिमांड को अधिकारियों ने लगभग वापस ले लिया है, जिससे कंपनी की बड़ी लायबिलिटी खत्म हो गई है। वहीं, इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IRFC) ने महाराष्ट्र स्टेट पावर जनरेशन कंपनी के साथ 5,000 करोड़ रुपये का (Corporate Loan Agreement) किया है। इनमें से 3,000 करोड़ रुपये का वितरण पहले ही किया जा चुका है, जो आईआरएफसी की बैलेंस शीट के लिए अच्छा संकेत है।
बर्जर पेंट्स में प्रमोटर्स ने बढ़ाई हिस्सेदारी
पेंट सेक्टर की दिग्गज कंपनी बर्जर पेंट्स इंडिया में एक बड़े पुनर्गठन की प्रक्रिया देखी गई है। प्रमोटर यूके पेंट्स ने जेनसन एंड निकोलसन से 14.48 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद ली है, जिससे उनकी कुल हिस्सेदारी अब 64.57 प्रतिशत हो गई है। इस (Promoter Stake Acquisition) से यह स्पष्ट होता है कि प्रमोटरों को अपनी कंपनी के भविष्य पर अटूट भरोसा है। यह खबर आमतौर पर निवेशकों के बीच कंपनी के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत करती है।



