BollywoodPolitics – राजनीति में कदम रखकर पीछे हटे ये फिल्मी सितारे
BollywoodPolitics – बॉलीवुड और राजनीति का रिश्ता नया नहीं है। कई बड़े फिल्मी सितारों ने समाज और देश की सेवा के इरादे से राजनीति का रुख किया, लेकिन हर किसी के लिए यह सफर लंबा नहीं रहा। कुछ सितारों को चुनावी हार का सामना करना पड़ा, तो कुछ ने निजी कारणों, स्वास्थ्य या असहज माहौल की वजह से राजनीति से दूरी बना ली। इन उदाहरणों से साफ होता है कि फिल्मों की लोकप्रियता हमेशा राजनीतिक सफलता की गारंटी नहीं बन पाती।

अमिताभ बच्चन: ऐतिहासिक जीत, फिर अचानक विदाई
1984 में अमिताभ बच्चन ने अपने करियर के शिखर पर रहते हुए अभिनय से ब्रेक लिया और राजनीति में प्रवेश किया। इलाहाबाद सीट से उन्होंने रिकॉर्ड जीत दर्ज की और संसद पहुंचे। हालांकि, राजनीतिक माहौल और कुछ विवादों से असहज होकर उन्होंने 1987 में सांसद पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद बिग बी ने पूरी तरह फिल्मों पर फोकस किया और राजनीति से दूरी बनाए रखी।
गोविंदा: अनुभव जिसने पछतावे का अहसास कराया
लोकप्रिय अभिनेता गोविंदा ने 2004 में कांग्रेस के टिकट पर मुंबई नॉर्थ से चुनाव जीतकर संसद में कदम रखा। शुरुआती उत्साह के बावजूद राजनीति में सक्रिय रहना उनके लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। 2009 के बाद उन्होंने राजनीतिक गतिविधियों से खुद को अलग कर लिया। कई मौकों पर गोविंदा ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि राजनीति में आना उनके लिए सही फैसला नहीं था।
उर्मिला मातोंडकर: चुनावी हार के बाद पार्टी से अलगाव
उर्मिला मातोंडकर ने कांग्रेस के साथ राजनीति में कदम रखा और मुंबई नॉर्थ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा। हालांकि, उन्हें हार का सामना करना पड़ा। चुनाव परिणाम आने के कुछ ही समय बाद उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उर्मिला ने सार्वजनिक जीवन में राजनीतिक सक्रियता नहीं दिखाई।
रजनीकांत: घोषणा के बाद बदला फैसला
दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार रजनीकांत ने 2017 में अपनी राजनीतिक पार्टी रजनी मक्कल मंडराम की घोषणा कर समर्थकों में उत्साह पैदा किया। लेकिन 2021 में उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही उनका राजनीतिक सफर औपचारिक रूप से थम गया।
संजय दत्त: औपचारिक जिम्मेदारी के बाद इस्तीफा
संजय दत्त ने 2008 में समाजवादी पार्टी के साथ राजनीति में एंट्री ली थी। उन्हें पार्टी में अहम पद भी सौंपा गया, लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया और पार्टी छोड़ दी। इसके बाद संजय दत्त ने राजनीति से पूरी तरह दूरी बना ली।
जावेद जाफरी: चुनावी मैदान से वापसी
अभिनेता और कॉमेडियन जावेद जाफरी ने 2014 में आम आदमी पार्टी के साथ चुनाव लड़ा। उन्हें हार का सामना करना पड़ा और इसके बाद वे सक्रिय राजनीति से दूर हो गए। तब से जावेद जाफरी ने किसी भी राजनीतिक गतिविधि में भाग नहीं लिया।
शेखर सुमन: एक कोशिश, फिर स्पष्ट फैसला
शेखर सुमन ने 2009 में कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार मिली। 2012 में उन्होंने पार्टी छोड़ दी। बाद के वर्षों में जब उनसे राजनीति में लौटने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने साफ शब्दों में इससे इनकार कर दिया।
महेश मांजरेकर: चुनावी हार के बाद दूरी
फिल्म अभिनेता और निर्देशक महेश मांजरेकर ने 2014 का लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके। हार के बाद उन्होंने राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रुचि नहीं दिखाई।



